ताइवान मसले से जुडी गतिविधियों में तेजी

साउथ चाइना सी में चीन को प्रत्युत्तर देने के लिए ताइवान ने पनडुब्बी तैनात की

ताइवान मसले से जुडी गतिविधियों में तेजीतैपई/बीजिंग – ताइवान पर हमला करने के लिए चीन द्वारा बनाई जानेवालीं योजनाएँ और उसके लिए जारी आक्रामक हरकतों की पृष्ठभूमि पर, ताइवान ने ‘साऊथ चाइना सी’ में पनडुब्बी तैनात की है। ताइवान के रक्षा विभाग ने जारी की रिपोर्ट से यह बात सामने आई। ताइवान में अपनी पनडुब्बी ‘स्प्रार्टले आयलंड’ के पास के ‘तायपिंग आयलंड’ के नजदीक तैनात की है, ऐसा रक्षा विभाग द्वारा बताया गया। यह बात यही दर्शा रही है कि ताइवान चिनी आक्रमण के खतरे के विरोध में गंभीरता से कदम उठा रहा है, ऐसा दावा विश्लेषकों द्वारा किया जा रहा है।

कोरोना महामारी की पृष्ठभूमि पर चीन ने अपनी विस्तारवादी हरकतों की व्याप्ति बढ़ाई होकर, हांगकांग पर बढ़ाई पकड़ और साउथ चाइना सी में चल रहीं गतिविधियाँ उसकी पुष्टि करनेवाली साबित होती है। हांगकांग पर कानून थोपकर पकड़ मजबूत करनेवाली चीन की कम्युनिस्ट हुकूमत ने अपना ध्यान अब ताइवान पर केंद्रित किया है। कुछ हफ्ते पहले चीन के राष्ट्राध्यक्ष शी जिनपिंग ने खुलेआम ताइवान के विलीनीकरण का मुद्दा उपस्थित करके, ‘वह होकर ही रहेगा’ ऐसा डटकर कहा।

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ताइवान की समुद्री सीमा से करीब जापान करेगा ‘इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेअर युनिट’ की तैनाती

ताइवान मसले से जुडी गतिविधियों में तेजीटोकियो/ताइपे – आनेवाले दिनों में ताइवान पर हमला हुआ तो इसकी रक्षा के लिए जापान भी संघर्ष में उतरेगा, ऐसी गवाही जापान का नेतृत्व लगातार दे रहा है। इसके लिए जापान ने जोरदार तैयारी भी शुरू की है और ताइवान के करीबी द्विप पर ‘इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेअर सिस्टम’ तैनात करने के संकेत दिए हैं। जापान की अखबार ने इससे संबंधित वृत्त दिया है। जापान के रक्षामंत्री ने कुछ महीने पहले ही ताइवान के करीबी द्विप की यात्र की थी।

जापान की ‘द ओकिनावा टाईम्स’ अखबार ने योनागुनी आयलैण्ड की नई तैनाती का वृत्त जारी किया है। यह द्विप ताइवान के करीबी क्षेत्र में ही मौजूद है। इस द्विप से से ताइवान की सीमा नजर आती है, ऐसा कहा जा रहा है। जापान सरकार ने इस द्विप की रक्षा तैनाती बढ़ाना शुरू किया है और इसमें लष्करी दल, गश्‍त एवं ‘इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेअर सिस्टम’ का समावेश है। जापान के रक्षा विभाग ने योनागुनी पर तैनाती के लिए तीन अरब येन का प्रावधान किया है।

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ताइवान के साथ बढ़ते तनाव की पृष्ठभूमि पर चीन के राष्ट्राध्यक्ष जिनपिंग को अतिरिक्त ‘वॉर पॉवर्स’

ताइवान मसले से जुडी गतिविधियों में तेजीबीजिंग – ताइवान मुद्दे पर तनाव बढ़ते समय ही, चीन के राष्ट्राध्यक्ष शी जिनपिंग को युद्धविषयक गतिविधियों के लिए अतिरिक्त अधिकार प्रदान किए जाने की खबर सामने आई है। जापानी अखबार ने यह खबर दी होकर, उसमें युद्ध के लिए संसाधनों को इकट्ठा करने के लिए जिनपिंग को संसद की अनुमति लेनी नहीं पड़ेगी, ऐसा बताया जाता है। इसी बीच, चीन की हुकूमत ने ताइवान पर आक्रमण करने की गतिविधियाँ तेज़ की है। चीन की कुछ शहरों से टैंक्स तथा सशस्त्र वाहन ताइवान के क्षेत्र के पास रवाना किए जाने की जानकारी सामने आई है।

पिछले कुछ महीनों में चीन की ताइवान विरोधी नीति अधिक से अधिक आक्रामक होती दिख रही है। हाल ही में कम्युनिस्ट पार्टी के एक कार्यक्रम में राष्ट्राध्यक्ष शी जिनपिंग ने ताइवान के विलीनीकरण का मुद्दा उपस्थित किया था। उसमें ताइवान का विलीनीकरण चीन में होकर ही रहेगा, ऐसी आग्रही भूमिका उन्होंने प्रस्तुत की थी। उसके बाद चीन में लष्करी तथा अन्य स्तरों पर भी गतिविधियाँ तेज़ हुईं दिखाई दे रहीं हैं। जिनपिंग को दिए गए अतिरिक्त अधिकार भी उसी का भाग दिख रहा है।

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चीन का विरोध ठुकराकर युरोपीय शिष्टमंडल ताइवान में दाखिल

ताइवान मसले से जुडी गतिविधियों में तेजीताइपे/ब्रुसेल्स/बीजिंग – चीन की धमकियों की परवाह किए बिना युरोपीय संसद का शिष्टमंड़ल बुधवार के दिन ताइवान में दाखिल हुआ। युरोपीय संसद के १३ सदस्यों के इस शिष्टमंड़ल का यह दौरा, युरोप की ओर से ताइवान का किया गया पहला उच्चस्तरीय दौरा है। इस दौरे से युरोपीय महासंघ ने चीन को उचित संदेश दिया होने का दावा विश्‍लेषकों ने किया। चीन ने इस दौरे पर प्रतिक्रिया दर्ज़ की है और ताइवान के मुद्दे पर विश्‍व को गलत संदेश ना दें, यह इशारा भी दिया है। दो महीनें पहले ही युरोपीय संसद ने ताइवान के संंबंधों को मज़बूती प्रदान करने का निर्णय किया था।

फ्रान्स के सदस्य राफेल ग्लुक्समान के नेतृत्व में युरोप का यह संसदीय शिष्टमंड़ल बुधवार के दिन ताइवान पहुँचा। वहाँ पर पहुँचते ही उन्होंने पहले ताइवान के प्रधानंमत्री सु त्सेंग-चैंग और बाद में गुरुवार के दिन ताइवान की राष्ट्राध्यक्षा त्साई र्इंग-वेन से मुलाकात की। ‘हम बिल्कुल आम और स्पष्ट संदेश देने के लिए यहाँ पहुँचे हैं। ताइवान अकेला नही हैं, युरोप आप के साथ खड़ा हैं’, इन शब्दों में ग्लुक्समान ने इस दौरे का उद्देश्‍य स्पष्ट किया। आज की यह यात्रा पहला अहम कदम है और उच्चस्तरीय यात्रा और बैठकें होंगी, यह वादा युरोपीय शिष्टमंड़ल ने किया।

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