Aniruddha Bapu

Aniruddha Bapu - पंचमुखहनुमत्कवचम्

परमपूज्य सद्‍गुरु श्री अनिरुद्ध बापू ने ०९ मार्च २०१७ के पितृवचनम् में ‘पंचमुखहनुमत्कवचम्’ के बारे में बताया। सो, इसलिये ये हमें दिशादर्शन करने के लिये, सही रास्ते में, हमें रास्ते में प्रवास के लिये जो भी आवश्यक है, यानी पंचमुखहनुमत्कवच हो या और कोई कवच हो या कोई स्तोत्र हो, मान लो स्तोत्र हो, तो उस प्रवास के लिये आवश्यक जो भी चाहिये वो हमें पूरा करने के लिये कौन

Aniruddha Bapu told in his Pitruvachanam dated 14 Jan 2016 about, 'Panchamukha-Hanumat-kavacham Explanation’.

परमपूज्य सद्‍गुरु श्री अनिरुद्ध बापू ने ०९ मार्च २०१७ के पितृवचनम् में ‘पंचमुखहनुमत्कवचम् विवेचन’ के बारे में बताया। ये पंचमुखहनुमत्कवचम्, जो मैने कहने के लिये, पठन करने के लिये इस साल के लिये बोला है, जिसके बारे में हम लोगों ने अग्रलेखों में भी बहुत कुछ पढा। आज से हम इस कवच का अर्थ जानने की कोशिश करेंगे। लेकिन बहुत ही संक्षिप्त में। बहुत मैं विस्तार में जाऊंगा तो शायद

Shivapanchakshari Stotra_Aniruddha Bapu

परमपूज्य सद्‍गुरु श्री अनिरुद्ध बापू ने ०२ मार्च जनवरी २०१७ के पितृवचनम् में शिवपंचाक्षरी स्तोत्र यह ‘ॐ नमः शिवाय’ इस मंत्र का ही स्पष्टीकरण है’, इस बारे में बताया। ये शिवपंचाक्षरी स्तोत्र क्या करता है, ‘ॐ नमः शिवाय’ इस मंत्र का ही explanation देता है, स्पष्टीकरण करता है। हमें जानना चाहिये कि ये हमें ये तत्व भी सिखाता है कि भाई, प्रार्थना करनी है तो कैसी कि भगवान ही सब

Shivapanchakshari Stotra_Aniruddha Bapu

परमपूज्य सद्‍गुरु श्री अनिरुद्ध बापू ने ०२ मार्च २०१७ के पितृवचनम् में ‘भय का निर्मूलन करने के लिए शिवपंचाक्षरी स्तोत्र यह बहुत ही प्रभावी स्तोत्र है’, इस बारे में बताया।   भय निर्मूलन के लिये शिवपंचाक्षरी स्तोत्र सबसे श्रेष्ठ माना जाता है, इतना छोटा होके भी। किसी भी तरीके का भय। अगर हमारे मन में भय उत्पन्न होता है, तो क्या बापू हम इस स्तोत्र का पठन कर सकते है?

Shivapanchakshari Stotra

परमपूज्य सद्‍गुरु श्री अनिरुद्ध बापू ने ०२ मार्च २०१७ के पितृवचनम् में ‘शिवपंचाक्षरी स्तोत्र’ के बारे में बताया। तो हम लोग ये जानते हैं, पंचाक्षरी मंत्र, ॐ नमः शिवाय, इसमें बहुत सारी ताकद है, भारत में सबसे ज्यादा मंदिर किसके हैं, तो शिवजी के हैं और हनुमानजी के हैं। हनुमानजी तो बहुत जगह, शिवजी के ही साक्षात अवतार माने जाते हैं, उनकी पूँछ जो है वो उमाजी का रूप मानी

श्रीचण्डिका एक्झाल्टेशन आर्मी के प्रशिक्षण की नई बॅच

हरि ॐ. गुरुवार, दि. १७ मार्च २०१७ को सद्‍गुरु अनिरुद्ध बापू ने पितृवचन के बाद एक अत्यंत महत्त्वपूर्ण सूचना की। इस सूचना में, ‘रामराज्य’ संकल्पना का एक अंग रहनेवाली ‘श्रीचण्डिका एक्झाल्टेशन आर्मी’ के प्रशिक्षण वर्ग की दूसरी बॅच जल्द ही शुरू की जायेगी, ऐसा बापू ने घोषित किया। अगले गुरुवार, यानी दि. २३ मार्च २०१७ को, इस प्रशिक्षण वर्ग के प्रवेश के लिए आवश्यक फॉर्म्स, श्रीहरिगुरुग्राम में एक काउंटर पर

भारतवर्ष_aniruddha bapu_Bharatwarsha

Dr. Aniruddha D. Joshi’s (Aniruddha Bapu) appeal from today’s Dainik Pratyaksha I have no interest whatsoever in any political party or even in any political activity in the country i.e India. Not at all! From politicians I do not want to take anything and as for giving, I have nothing to give them either. However, I have an ardent and enormous interest in the wellbeing and an equally profound concern

नये युग का स्वीकार बडे प्यार से करो (Accept the new era with love) - Aniruddha Bapu

परमपूज्य सद्‍गुरु श्री अनिरुद्ध बापू ने 31 मार्च २०१६ के पितृवचनम् में ‘नये युग का स्वीकार बडे प्यार से करो’ इस बारे में बताया। मृत्यु सिर्फ़ शरीर की ही नहीं बल्की कार्य की भी होती है, मृत्यु मन की भी होती है, भावना की भी होती है। मृत्यु रिश्ते की भी होती है। Husband & Wife जब divoce लेते हैं तो वो उस शादी की मृत्यु ही है। एक मॉ-बाप