Significance of doing Bhakti – explains Sadguru Aniruddha Bapu

Sadguru Aniruddha Bapu tells us the significance of doing Bhakti in this Hindi discourse of 29th December 2005. In very simple terms, Sadguru Aniruddha Bapu explains why is Radhaji’s existence only in Gokul of Bhagwan Shree Krishna and what are the consequences of doing Bhakti (भक्ति करना) and not doing Bhakti (भक्ति न करना).

२९ दिसंबर २००५ के हिंदी प्रवचन में सद्गुरु श्रीअनिरुद्धबापू हमें भक्ति का महत्त्व बता रहे हैं| राधाजी का अस्तित्व श्रीकृष्ण भगवान के सिर्फ गोकुल में ही होता है और भक्ति करने के एवं भक्ति न करने के क्या क्या परिणाम होते हैं, यह बड़ी सरलता से बापू इस विडिओ में समझा रहे हैं|

|| हरि: ॐ || ||श्रीराम || || अंबज्ञ ||

 

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