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China warns India about border conflicts leading to war Beijing: China warned that it would forthrightly take necessary steps to safeguard its borders and sovereignty and if need be, is ready to wage a war against India. ‘Global Times’, the mouthpiece of the Chinese government, mentioned that if the ongoing border conflict is not handled systematically then it could spark a war. China has also cautioned that, as India is not

Dr. Nikola Tesla began to have doubts about the safety of the experiment. Dr. Tesla thought this particular project to be far too dangerous for the human beings and hence decided a completely unique way to disclose the dangers of the project. We have already seen that Dr. Nikola Tesla had publicly claimed that he was in regular contact with the intelligent beings from outer space (Extra-terrestrials). With this, Dr.

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Cyber attacks on Russian banks; 5 banks targeted using CCTV cameras from 30 nations Moscow : Last month, the cyber attacks on the US and Europe, done with the help of ‘smart’ gadgets using ‘Internet of Things’ (IoT), had created quite a stir. Within three weeks after that, it has come to the fore that similar cyber attacks have been done in Russia also. These cyber attacks in Russia, have targeted

      July – 2016 From the Editor’s Desk Hari Om Friend, The onset of the monsoon brings with it a unique phenomenon; the divine fragrance emanating as soon as the first raindrops fall on the Mother Earth. It also brings to mind the images of lush green fields, flowing rivers and the ever enchanting waterfalls. Monsoons also bring with it relief from the scorching summer heat. Most importantly,

`ॐ लं ’ का जप करे (Chant `Om Lam') - Aniruddha Bapu

परमपूज्य सद्‍गुरु श्री अनिरुद्ध बापू ने ७ एप्रिल २०१६ के पितृवचनम् में  ‘ॐ लं का जप करें’, इस बारे में बताया।  शमनं, दमनं नहीं, destruction नहीं, दमन नहीं है, suppression भी नहीं, नॉर्मल करना। जो हमारे विकार या वासनाएँ हैं, जो भी हमारे षड्‌रिपु हैं, वे सारे षड्‌रिपु कहां से काम करते हैं? तो मूलाधार चक्र से काम करते हैं। और ये जो ‘शं बीज’ है, ये ‘लं बीज’ के

he Shraddhavan is connected to Chandikakul

परमपूज्य सद्‍गुरु श्री अनिरुद्ध बापू ने ७ एप्रिल २०१६ के पितृवचनम् में ‘श्रद्धावान यह चण्डिकाकुल से जुडा ही है’ इस बारे में बताया। माँ भगवती और उसका जो बेटा है त्रिविक्रम, वो हमारा मन बदलने के लिये सारी सहायता करता है। हमारी बुद्धी को और ताकद देता है, हमारे मन को और सामर्थ्य देता है, हमारे प्राणों में ऐसे ‘बदलाव’ करते हैं, जिससे हम मन कंट्रोल कर सके। लेकिन मन

Dilma Rousseff Impeachment & Implications for BRICS

Brazil – the fifth-largest country of the world, both by area and population is slated to organize Olympics in the coming August. But recently it has not been so much in news for Olympics as it has been for its political upheavals. It all started when the elected President Dilma Rousseff was accused of corruption and on various accounts. This saga of dirty politics began in late 2015 and has

ई-मेल – भाग ५

पिछले लेख में हम ने ई-मेल की संकल्पना को समझा। ई-मेल इस्तेमाल करते समय सामनेवाले व्यक्ति से सीधे संपर्क नहीं होता। इसलिए उस व्यक्ति के समक्ष हम खुद को कितनी अच्छी तरह से पेश कर सकते हैं यह बात मायने रखती है। इसी को ई-मेल एटिकेट्स (शिष्टाचार) कहा जाता है। इन शिष्टाचारों द्वारा यह जाना जाता है कि हम कितने प्रभावी ई-मेल यूजर हैं। यह कहना कतई गलत नहीं होगा

Aniruddha Bapu told in his Pitruvachanam dated 18 Feb 2016 that 'Happiness is found along the way (आनन्द यह पथ पर प्रवास करते समय मिलता है )'

परमपूज्य सद्‍गुरु श्री अनिरुद्ध बापू ने अपने १८ फ़रवरी २०१६ के पितृवचनम् में ‘आनन्द यह पथ पर प्रवास करते समय मिलता है’ इस बारे में बताया। अनिरुद्ध बापू ने पितृवचन के दौरान यह बताया कि यह जानना बहुत जरुरी है, हर एक बडे इन्सान के लिए भी, जो हर दिन इम्तेहान देता रहता है, किसी ना किसी चीज में और हर बच्चे के लिए भी, जो पढाई में इम्तिहान दे

गुरुवार पितृवचनम् - १० डिसेंबर २०१५

गुरुवार, दि. १० दिसम्बर २०१५ को श्रीहरिगुरुग्राम में परमपूज्य बापू ने एक बहुत ही महत्त्वपूर्ण विषय पर पितृवचन दिया। श्रद्धावानों के लिए बहुत ही श्रद्धा का स्थान रहनेवाला त्रिविक्रम “श्रीश्वासम” में निश्चित रूप में कैसे कार्य करता है और मानव का अभ्युदय करानेवालीं ‘कार्यक्षमता’, ‘कार्यशक्ति’ और ‘कार्यबल’ इन तीन मूलभूत ज़रूरतों की आपूर्ति कैसे करता है, इस बारे में बापू ने किया हुआ पितृवचन संक्षिप्त रूप में मेरे श्रद्धावान मित्रों