Sadguru Aniruddha Bapu reveals the key to leading a successful life

In His Hindi discourse dated 7th October 2004, Sadguru Shree Aniruddha Bapu describes the deeper meaning of the river Yamuna and why she is also referred to as ‘Kalindi’. Bapu elaborates on how Vasudev carried the newborn Shree Krishna across the river Yamuna and how it correlates with our lives. Bapu elucidates the value of time and clarifies why doing Bhakti should not be reserved just for the old age. Based on this, Bapu reveals the key to successfully crossing the river of life.

७ अक्टूबर २००४ के अपने प्रवचन में, सद्गुरु श्री अनिरुद्ध बापूने यमुना नदी के गहरे अर्थ का वर्णन किया और उसे ‘कालिंदी’ क्यों कहा जाता है यह भी बताया। बापू हमें बताते हैं कि कैसे वासुदेव नवजात श्री कृष्ण को यमुना नदी के पार ले गए और इसका हमारे जीवन के साथ क्या संबंध है। बापू समय के महत्व को समझाते हैं और स्पष्ट करते हैं कि क्यों भक्ति करना केवल बुढ़ापे के लिए आरक्षित नहीं रखना चाहिए। इसके आधार पर, बापू जीवन की नदी को सफलतापूर्वक पार करने की कुंजी बताते हैं।

|| हरि: ॐ || ||श्रीराम || || अंबज्ञ ||

 

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