Search results for “नाम”

Mahavishnu

|| Om Asankhyeyaaya Namah || In this pravachan, Sadguru Aniruddha has explained the meaning of this name of the Mahavishnu. ‘Asankhyey’ primarily means beyond sankhyaa or all numbers, i.e. infinite. However, with very interesting examples, Sadguru Bapu explains the fact that the existence of numbers depends on direction and time, which is one of the mathematical theories of the ‘Sankhya Shastra’. || ॐ असंख्येयाय नमः ||  इस प्रवचन में सद्गुरु

तालिबान हुकूमत

सिस्तान-बलोचिस्तान की सीमा पर ईरान की सेना की तालिबान से मुठभेड़ तेहरान/काबुल – ईरान के रिव्होल्युशनरी गार्ड्स के जवान और अफगानिस्तान स्थित तालिबान के आतंकवादियों के बीच बुधवार को मुठभेड़ हुई। सिस्तान-बलोचिस्तान की सीमा पर हुई इस मुठभेड़ में तालिबान के आतंकवादी मारे जाने की तथा तालिबान ने ईरान की लष्करी चौकियों पर कब्ज़ा करने की खबरें प्रकाशित हुईं थीं। उसकी पुष्टि नहीं हुई है । लेकिन यह मुठभेड़ गलतफ़हमी

भारतीय अर्थव्यवस्था

चीन के साथ व्यापारी सहयोग करने पर भारत सावधानी से फ़ैसला करेगा – विदेश सचिव श्रिंगला के संकेत नई दिल्ली – लद्दाख की एलएसी पर तनाव कम करने के लिए भारत और चीन के लष्करी अधिकारियों के बीच चर्चा का १४वाँ सत्र जल्द ही शुरू होगा। उससे पहले चीन भारत के पास, व्यापारी संबंध पहले जैसे करने की माँग कर रहा है। भारत हालांकि इस पर विचार कर रहा है,

Radhaji

One of the names of Radhaji is ‘Krishnakala’. While explaining (in Hindi discourse dated 06 October 2005) the metaphysical meaning behind this name, initially, Sadguru Aniruddha dispels the fear of ‘Amavasya’ (new moon day) from our minds. Later, Bapu explains how this name, ‘Krishnakala’, is related to the ego in ‘me’ and how Radhaji destroys this undesired vice. राधाजी का एक नाम ‘कृष्णकला’ भी है। इस नाम के पीछे के

भारत रक्षा क्षेत्र

चीन को चेतावनी देने के लिए लद्दाख की एलएसी पर भारतीय सेना का युद्धाभ्यास लडाख – पूर्वी लद्दाख में १४ हज़ार फीट की ऊंचाई पर युद्धाभ्यास करके भारतीय सेना ने चीन को अपनी क्षमता का एहसास करा दिया। लद्दाख की एलएसी पर भारतीय सेना को चुनौती देने की तैयारी कर रहे चीन ने, अपने जवानों के लिए ‘मोबाईल ऑक्सिजन गिअर्स’ यानी प्राणवायु का सप्लाई करनेवाली यंत्रणा तैयार की है। पिछले साल लद्दाख

अमरीका रशिया तनाव बढ़ा (US Russia tensions escalate)

नाटो में युक्रैन का समावेश कोई भी देश रोक नहीं पाएगा – अमरिकी रक्षामंत्री का दावा किव्ह/वॉशिंग्टन – युक्रैन को नाटो में शामिल होने से कोई भी देश रोक नही सकता, यह वादा अमरीका के रक्षामंत्री लॉईड ऑस्टिन ने किया है। इस दौरान ऑस्टिन ने पूर्व युक्रैन का संघर्ष रशिया ने ही शुरू किया था, यह दावा करके इसकी शांति प्रक्रिया में रशिया ही बड़ा अड़ंगा होने का आरोप भी लगाया। युक्रैन का नाटो में

भारतीय अर्थव्यवस्था  से जुडी महत्वपूर्ण गतिविधियां

प्रधानमंत्री के हाथों १०० लाख करोड़ की ‘गतिशक्ति’ योजना का शुभारंभ – पूरे देश में राष्ट्रीय राजमार्ग और कनेक्टिविटी प्रकल्पों के माध्यम से अर्थव्यवस्था को बल प्रदान होगा देश में योजना बनाकर बुनियादी सुविधाओं का विकास करके कनेक्टिविटी बढ़ाने की १०० लाख करोड़ रुपए की योजना का शुभारंभ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार के दिन किया। ‘पीएम गतिशक्ति नैशनल मास्टर प्लैन’ के तहत देश में बुनियादी सुविधाओं का बड़ा नेटवर्क

कृष्णायै नम:

सद्‍गुरु श्री अनिरुद्धजी ने ०६ अक्तूबर २००५ के हिंदी पितृवचनम् में ‘ॐ कृष्णायै नम:’ इस बारे में बताया। वो स्वयं भक्तिरूपिणी हैं, ये राधा भक्तिरूपिणी हैं और हम लोग जानते हैं कि श्रीमद्‍भागवत में एक श्लोक है, नारद को भगवान स्वयं श्रीकृष्ण, स्वयं श्रीकृष्ण भगवान कह रहे हैं, ‘मद्‌भक्ता यत्र गायन्ति, मद्‌भक्ता यत्र गायन्ति, तत्र तिष्ठामि नारद।’, मद्‌भक्ता यत्र गायन्ति, तत्र तिष्ठामि नारद।’ ‘हे नारद, जहाँ मेरे भक्त भजन-पूजन करते

चीन को

 ताइवान के मसले पर युरोपीय महासंघ का चीन को नया झटका वॉर्सा/तैपेई/बीजिंग – यूरोप के साथ संबंध मजबूत बनाने के लिए ताइवान ‘थ्री सीज् इनिशिएटिव्ह’ में सहभागी हो सकता है, ऐसा दावा पोलैंड के ताइवान में नियुक्त अधिकारी बार्तोस्झ रिस ने किया है। ‘ताइवान यह लोकतंत्रवादी देश होकर, उसकी अर्थव्यवस्था की भी तरक्की हो रही है। यह पृष्ठभूमि ताइवान को युरोपीय देशों का साझेदार बनाने के लिए उचित है’, इन

ॐ कृष्णायै नम:

सद्‍गुरु श्री अनिरुद्धजी ने ०३ मार्च २००५ के पितृवचनम् में ‘ॐ कृष्णायै नम: – १ ’ इस बारे में बताया। हरि: ॐ, ॐ कृष्णायै नम:। भगवान श्रीकृष्ण को अगर कह दें हम ॐ श्रीकृष्णाय नम:, ये कृष्णायै नम:। यानी भगवती राधा का नाम यहाँ कृष्णा है, कृष्ण नहीं कृष्णा। अब ‘कृष्ण’ नाम के कितने अर्थ होते हैं, हम जानते हैं, बहुत अर्थ होते हैं। एक अर्थ सीधा-सादा है, कृष्ण यानी