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अनिरुध्द भक्तिभाव चैतन्य

बर २०१९ संपादकीय हरि ॐ सिंह एवं वीरा, अक्टूबर के महीने में हमने अशुभनाशिनी नवरात्रि, विजयादशमी उत्सव, श्री धनलक्ष्मी उत्सव और श्रीयन्त्र पूजन, यह उत्सव मनाये। इसी मास में दिवाली का उत्सव भी मनाये जाने के कारण, वातावरण में आध्यात्मिक परिपूर्णता के अतिरिक्त भी त्यौहार मानने के जोश को चार चाँद लगा गए। श्रीयन्त्र धनलक्ष्मी पूजन उत्सव में भाग लेते समय, सद्गुरु अनिरुद्धजी के श्रद्धावान मित्रों ने लड्डू, चिवड़ा, चकली,

न्हाऊ तुझिया प्रेमे - ऑडिओ अल्बम

हरि ॐ, २०१३ साली श्रद्धावानांनी अनुभवलेल्या “न्हाऊ तुझिया प्रेमे” या महासत्संगात गायलेले अभंग आज आपण  “अनिरुद्ध भजन म्युझिक” या ॲपवर उपलब्ध करून देत आहोत. हे अभंग ३१ डिसेंम्बरला होणाऱ्या “अनिरुद्ध भक्तिभाव चैतन्य” या कार्यक्रमाची उत्कंठा व पिपासा वाढवतच ठेवतील अशी माझी खात्री आहे. ॥ हरि ॐ ॥ श्रीराम ॥ अंबज्ञ ॥ ॥ नाथसंविध् ॥

Aniruddha Bhaktibhav Chaitanya

दि. २५-१०-२०१८ को प्रकाशित हुआ “पिपासा-३” तथा दि. १४-०२-२०१९ को प्रकाशित हुआ “पिपासा-४”, ये दोनों अभंगसंग्रह श्रद्धावानों के लिए सुख और आनन्द का बहुत बड़ा पर्व ही साबित हुए। आज भी इन दोनों प्रकाशन समारोहों की सुखदायी यादों ने श्रद्धावानों के मन में घर बना लिया है। अब गुरुवार दि. २१-११-२०१९ को श्रीहरिगुरुग्राम में “पिपासा-५” इस अभंगसंग्रह का प्रकाशन समारोह आयोजित किया गया है। इस समारोह के दौरान “पिपासा-५” के

गूँज उठी पिपासा - भाग १ संबंधी सूचना

हरि ॐ, सद्‍गुरु श्रीअनिरुद्धजी पर रची हुईं नयीं हिन्दी भक्तिरचनाओं के संग्रह का पहला भाग “गूँज उठी पिपासा – भाग १”, आज आश्विन (अशुभनाशिनी) नवरात्रि की घटस्थापना के पावन पर्व पर “अनिरुद्ध भजन म्युझिक“ ॲप पर श्रद्धावानों के लिए उपलब्ध हुआ है। इसीके साथ, हम “अनिरुद्ध भजन म्युझिक” ॲप पर “प्रिमीयम प्लॅन” भी लाँच कर रहे हैं। इस प्रिमीयम प्लॅन में हमें “गूँज उठी पिपासा” के साथ साथ आगे प्रकाशित होनेवाले अल्बम्स

गूँज उठी पिपासा - भाग १ प्रकाशन

हरि ॐ, श्रद्धावानों को भक्तिभाव चैतन्य में आकंठ डूबानेवाले “पिपासा ३” एवं “पिपासा ४” ये अभंगसंग्रह इस साल प्रकाशित हुए। सद्‍गुरु श्रीअनिरुद्धजी पर के प्रेमरस से ओतप्रोत भरी ये अभंगरचनाएँ, ३१ दिसम्बर २०१९ के “अनिरुद्ध भक्तिभाव चैतन्य“ इस महासत्संग की आतुरता से प्रतीक्षा करनेवाले श्रद्धावानों के मन की पिपासा को अधिक से अधिक बढ़ाती ही जा रहीं हैं। ये सभी अभंगरचनाएँ यानी इस महासत्संग की उत्कंठा को बढ़ाने वाला मानो

रामनाम बही का कम से कम एक पन्ना प्रतिदिन लिखिए

सद्‍गुरु श्री अनिरुद्ध बापू ने २० अप्रैल २०१७ के प्रवचन में ‘रामनाम बही का कम से कम एक पन्ना प्रतिदिन लिखिए (Write at least one page of Ramnaam book daily)’ इस बारे में बताया।   रामनाम बही का यही महत्व है, उस में जो नाम हैं, राम, कृष्ण जो भी दिये हुए हैं जो मंत्र, ये सब क्या करते हैं? हमारे इन तीन चक्रों की, मणिपूर चक्र, स्वाधिष्ठान चक्र, मूलाधार

ईको-फ्रेंडली गणेश मूर्तियां

सितंबर २०१९ संपादकीय, हरि ॐ श्रद्धावान सिंह एवं वीरा सावन के पवित्र महीने से त्योहारों की शुरुआत होती है जो कि आध्यात्म को बढाने में सहायक होती है। हर वर्ष, यह महीना हमें घोरकष्टोधारण स्त्रोत्र का सामूहिक पठन, श्री महादुर्गेश्वर प्रपत्ति, अश्वत्थ मारुती पूजन और वैभवलक्ष्मी पूजन में भाग लेने का अवसर प्रदान करता है। इस वर्ष से हमें, “शिव सहपरिवार पूजन” का महान अवसर भी प्राप्त हुआ है। जिन

आप कभी भी अकेले नहीं हैं, त्रिविक्रम आपके साथ है

सद्‍गुरु श्री अनिरुद्ध ने ४ फरवरी २०१६ के प्रवचन में ‘आप कभी भी अकेले नहीं हैं, त्रिविक्रम आपके साथ है (You Are Never Alone, Trivikram Is With You)’ इस बारे में बताया।   आप बोलेंगे बापू किसकी भक्ति करें हम लोग? किसी भी, किसी भी रूप की भक्ति कीजिये। मैंने कभी नहीं कहा कि इसी की भक्ति करो। मैं इसे माँ चण्डिका, माँ जगदंबा बोलता हूँ, आप दूसरे किसी की उपासना

मूलाधार चक्र का लम् बीज और भक्तमाता जानकी - भाग ३

सद्‍गुरु श्री अनिरुद्ध बापू ने ४ फरवरी २०१६ के प्रवचनमें ‘मूलाधार चक्र का ‘लम्’ बीज और भक्तमाता जानकी – भाग ३(Lam beej of the Mooladhara Chakra and Bhakta-Mata Janaki – Part 3)’ इस बारे में बताया।   सो, ये ‘लं’ बीज हमें बताता है कि भाई, इस पृथ्वी पर हो, पृथ्वी से जुड़े हुए हो, राईट! तो पृथ्वी का बीज जो ‘लं’ बीज जो है, वो जानकीजी का है, श्रीरामजी