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Aniruddha Devotion Sentience

हरि ॐ, मुझे यह बताने में खुशी हो रही है कि हमने अपनी ‘अनिरुद्ध डिवोशन सेंटियन्स’ वेबसाईट का व्टिटर हँडल शुरू किया है। जैसा कि अपनी डिवोशन सेंटियन्स वेबसाईट के आरंभिक पन्ने पर बापुजी कहते हैं, “भक्तिभाव चैतन्य (डिवोशन सेंटियन्स ) में रहना यही मेरे जीवन का एकमात्र सर्वोच्च और अंतिम ध्येय है।” यह हँडल इसी का केवल विस्तार है, जो हमें ‘अनिरुद्ध डिवोशन सेंटियन्स‘ वेबसाईट के साथ और हमारे

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Hari Om, I am glad to inform you that we have started Instagram handle of Aniruddha Devotion Sentience website. The front page of the site quotes Bapu saying, “To remain in Devotion Sentience is indeed the one supreme and ultimate purpose of life.” The handle will help Shraddhavans to realise this saying as its an extension to connect with the Aniruddha Devotion Sentience website and to our beloved, the Supreme

सद्‍गुरु महिमा-भाग १ , Sadguru Mahima-Part 1

सद्‍गुरु श्री अनिरुद्धने १५ अप्रैल २०१० के पितृवचनम् में ‘सद्‍गुरु महिमा’ इस बारे में बताया।   साईनाथजी की महिमा हेमाडपंत लिख रहे हैं, हम लोग देख रहे हैं। हेमाडपंतजी ने हमें सद्‍गुरु क्या था, क्या होता है, कैसे होता है यह खुद की आँखों से देखा था, महसूस किया था और पूरी तरह से जान लिया था और सिर्फ जाना नहीं बल्कि जानने के साथ-साथ खुद को निछावर कर दिया

श्रद्धावानों के लिये जीवन में सुंदरकांड का महत्व

हरि ॐ, आज दुनियाभर में जो परिस्थिति है, उस परिस्थिति में भी बापुजी के सभी श्रद्धावान मित्र उपासना के माध्यम से बापुजी के साथ दृढ़तापूर्वक जुड़ गये हैं और इस सांघिक उपासना के साथ ही, श्रद्धावान अपनीं व्यक्तिगत उपासनाएँ और खुद की प्रगति के लिए आवश्यक होनेवाले विभिन्न Online Courses इनके माध्यम से, बापुजी के बतायेनुसार समय का यथोचित इस्तेमाल करके इस संकट के दौर को अवसर में परिवर्तित कर

संस्था ने आय.टी. क्षेत्र में की हुई प्रगति के पीछे अनिरुध्द बापुजी के अथक परिश्रम, अभ्यास, दूरंदेशी तथा मार्गदर्शन

हरि ॐ, आज दुनियाभर से अनगिनत श्रद्धावान “अनिरुद्ध टी.व्ही.” तथा मेरे फेसबुक पेज के माध्यम से हररोज़ प्रक्षेपित होनेवालीं विभिन्न उपासनाओं का आधार महसूस कर रहे हैं। उसी प्रकार, इस मुश्किल दौर में कई श्रद्धावान “अनिरुद्ध रेडिओ” का भी आधार ले रहे हैं और उसके लिए आय.टी. टीम की मन:पूर्वक प्रशंसा कर रहे हैं। लेकिन इस उपलक्ष्य में एक महत्त्वपूर्ण बात पर मैं सभी श्रद्धावानों का ग़ौर फ़रमाना चाहता हूँ।

Aniruddha TV

हरि ॐ, आज श्री रामनवमी असल्याच्या निमित्ताने अनेक श्रद्धावानांकडून, संस्थेतर्फे मागील काही वर्षांमध्ये साजर्‍या झालेल्या श्री रामनवमी उत्सवाची काही निवडक क्षणचित्रे पुन्हा पहावयास मिळतील का, अशी मागणी आली होती. यासाठी आज आपण सकाळी ११:१५ वाजल्यापासून या उत्सवाच्या काही व्हिडीओ क्लिपींग्स aniruddha.tv या वेबसाईट व अ‍ॅपच्या माध्यमातून दाखवणार आहोत. ह्या क्लिपींग्सचा कालावधी साधारण दीड तासाचा असेल. त्याचप्रमाणे, दुपारी १:३० वाजल्यापासून ते संध्याकाळच्या नित्य उपासनेच्या वेळेपर्यंत, म्हणजेच ८:०० वाजेपर्यंत इंटरनेट रेडिओद्वारे आपण

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  हरि ॐ, सद्‌गुरु श्रीअनिरुद्ध (बापू) १९९६ से विष्णुसहस्रनाम, राधासहस्रनाम, ललितासहस्रनाम, रामरक्षा, साईसच्चरित जैसे विषयोपर प्रवचन के माध्यमसे श्रद्धावानोंसे संवाद करते हैं।  हर श्रद्धावान के दिल को छू जानेवाली बात है – बापु का हर गुरुवार का प्रवचन। लगभग सभी श्रद्धावान इस प्रवचन के माध्यम से ही बापु से जुड़ते गये हैं। बापु के प्रवचन, ‘अध्यात्म एवं व्यवहार दोनों में उचित संतुलन कैसे प्राप्त कर सकते हैं’ इसका सीधे-सादे आसान

‘अल्फा टू ओमेगा’ न्युजलेटर - जनवरी २०२०

जनवरी २०२० संपादकीय हरि ॐ श्रद्धावान सिंह और वीरा, आपको और आपके परिजनों को नववर्ष की बहुत बहुत शुभकामनाएं देता हूँ। परमपूज्य सद्गुरु श्री अनिरुद्धजी की कृपा से हम सभी ने अनिरुद्ध भक्तिभाव चैतन्य मनाते हुए सन २०२० में कदम रखा है। मुझे यकीन है कि हम सभी अब भी ३१ दिसंबर २०१९ के उन सुंदर यादों में डूबे हुए हैं जो कि हमने सद्गुरू श्री अनिरुद्धजी पर रचे गए

Aniruddha Bhaktibhav Chaitanya

हरि ॐ, सभी श्रद्धावान यह जानते ही हैं कि मंगलवार, दि. ३१ दिसम्बर २०१९ के दिन, पद्मश्री डॉ. डी. वाय. पाटील स्टेडियम, नेरुळ, नयी मुंबई में “अनिरुद्ध भक्तिभाव चैतन्य” इस महासत्संग का आयोजन किया गया है। इस महासत्संग के लिए अन्य सभी श्रद्धावानों के साथ ही, “श्रीअनिरुद्ध गुरुक्षेत्रम्‌”, “साईनिवास” तथा “गुरुकुल – जुईनगर” के अधिकांश श्रद्धावान कार्यकर्ता सेवक भी सम्मिलित होनेवाले हैं। इस कारण मंगलवार, दि. ३१ दिसम्बर २०१९ के

Aniruddha Bhaktibhav Chaitanya

डिसेंबर २०१९ संपादकीय हरि ॐ श्रद्धावान सिंह, वेळ हा चुटकी वाजवल्यासारखा क्षणात उडून जातो. आपण सर्वजण प्रत्यक्ष अनुभवणार असलेला अनिरुध्द भक्तिभाव चैतन्य हा महासत्संग सोहळा अगदी काही आठवड्यांवर येऊन ठेपला आहे. ह्या भव्य सोहळ्याची सर्व तयारी अत्यंत जोशात सुरु आहे. १८ नोव्हेंबर – म्हणजे आपल्या लाडक्या सदगुरु श्री अनिरुध्दांचा वाढदिवस! त्यामुळेच नोव्हेंबर महिना हा प्रत्येक श्रध्दावानासाठी अगदी विशेष महत्त्वाचा असतो. त्रिपुरारी पौर्णिमेच्या अत्यंत पवित्र दिवशी सद्गुरु श्री अनिरुध्दांचा जन्म झाला.