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हॉंगकॉंग आंदोलन के मसले पर तनाव बढ़ा

अमरिकी युद्धपोतों को हॉंगकॉंग में प्रवेश नही मिलेगा – अमरिका ने पारित किए ‘हॉंगकॉंग एक्ट’ पर चीन का जवाब बीजिंग/वॉशिंग्टन: अमरिका ने पारित किए हुए ‘हॉंगकॉंग ह्युमन राईटस् एण्ड डेमोक्रसी एक्ट’ को जवाब देने के लिए चीन ने तेजी गतिविधियां शुरू की है| इसी के पहले स्तर पर अमरिकी युद्धपोतों को हॉंगकॉंग में प्रवेश देने से इन्कार किया गया है और हॉंगकॉंग में आने की कोशिश कर रही अमरिकी स्वयंसेवी

अमरीका चीन संबधों में बढ़ता तनाव

चीन के नागरिकों के लिए अमरिका नए ‘मीडिया नेटवर्क’ का विकल्प देगी वॉशिंगटन – चीन की हुकूमत से चलाए जा रहे माध्यमों को विकल्प देने के लिए स्वतंत्र ‘मीडिया नेटवर्क’ बनाने के संकेत अमरिका ने दिए है| फिलहाल अमरिका से संचलित हो रहे ‘व्हॉईस ऑफ अमरिका’ और ‘रेडिओ फ्री एशिया’ के जरिए इस विशेष ‘मीडिया नेटवर्क’ का निर्माण होगा| चीन की जनता एवं दुनिया के अन्य हिस्सों में रहनेवाली चीन

रामनाम बही का कम से कम एक पन्ना प्रतिदिन लिखिए

सद्‍गुरु श्री अनिरुद्ध बापू ने २० अप्रैल २०१७ के प्रवचन में ‘रामनाम बही का कम से कम एक पन्ना प्रतिदिन लिखिए (Write at least one page of Ramnaam book daily)’ इस बारे में बताया।   रामनाम बही का यही महत्व है, उस में जो नाम हैं, राम, कृष्ण जो भी दिये हुए हैं जो मंत्र, ये सब क्या करते हैं? हमारे इन तीन चक्रों की, मणिपूर चक्र, स्वाधिष्ठान चक्र, मूलाधार

मणिपुर चक्र और यज्ञपुरुष महाविष्णु

सद्‍गुरु श्री अनिरुद्ध बापू ने २० अप्रैल २०१७ के प्रवचन में ‘मणिपुर चक्र और यज्ञपुरुष महाविष्णु (Manipur Chakra And Yagyapurusha Mahavishnu)’ इस बारे में बताया।   so, स्वाधिष्ठानचक्र का बीज था ‘ॐ वं’, अभी हम लोग देखनेवाले हैं मणिपुर चक्र। स्वाधिष्ठानचक्र का बीज ‘वं’ ये बेसिक वरूण का है यानी वृष्टिदाता का हैं, राईट। अभी ये जो चक्र है मणिपुर चक्र, ये मणिपुर चक्र बहोत अजीब चक्र है, बहोत ही,

अमरीका चीन संबधों में तनातनी बढ़ी

‘साउथ चाइना सी’ में बाहरी लोग हस्तक्षेप ना करें – चीन के विदेशमंत्री द्वारा अमरिका को चेतावनी बैंकॉक: साउथ चाइना सी का मुद्दा यह चीन और आसियान देशों का प्रश्न है| बाहरी देशों को इस मामले में अपनी नाक घुसेड़ने की आवश्यकता नहीं है| इस सागरी क्षेत्र का भाग ना होनेवाले देश चीन और आसियान देशों में अविश्वास निर्माण करने का प्रयत्न ना करें, ऐसी चेतावनी चीन के विदेशमंत्री वैंग

और देवता चित्त न धरई। (Aur devata chitta na dharai)

सद्‍गुरु श्री अनिरुद्ध बापू ने ४ फरवरी २०१६ के प्रवचन में ‘और देवता चित्त न धरई’ इस बारे में बताया।   हमें एक करोड़ जप करने के बाद ही भगवान कृपा करेंगे ऐसा नहीं हैं। हमने जन्म में कभी भी नाम नहीं लिया है, पहली बार लिया, फिर भी वह काम करने वाला है, यह जान लो। लेकिन थोड़ी सी सबूरी रखना आवश्यक है ना! भगवान ने कभी ऐसा किया है,

रामनाम भय की नामोनिशानी मिटा देता है - भाग २

सद्‍गुरु श्री अनिरुद्ध बापू ने ४ फरवरी २०१६ के प्रवचन में ‘रामनाम भय की नामोनिशानी मिटा देता है’ इस बारे में बताया। और ये भी जान लीजिये, कोई भी भय जो है, जो शरीर के साथ जुड़ा है, उसका नाश किससे होता है? रामनाम लेने से होता है। मूलाधार चक्र, स्वाधिष्ठान चक्र और मणिपूर चक्र ये तीन चक्र प्रबल होने के कारण, सामर्थ्यवान होने के कारण इस भय का नाश होता

अर्थजगत से जुडी खबरें

व्यापारयुद्ध की पृष्ठभूमि पर चीन ने लगातार छह महीने बडी तादाद में सोना खरीदा बीजिंग: देश के आरक्षित सोने के भंडार संबंधी अंतरराष्ट्रीय समुदाय को हमेशा अंधेरे में रखनेवाले चीन ने पिछले छह महीनों में लगातार सोने के भंडार संबंधी जानकारी प्रसिद्ध की है| इन छह महीनों में चीन ने सोने के आरक्षित भंडार में बढोतरी की है और मई महीने में भी करीबन १५.८६ टन सोना खरीदने की जानकारी

नवरात्रीचे महत्त्व  (Significance of Navaratri)

सद्गुरू श्री श्रीअनिरुद्धांनी त्यांच्या २८ मे २०१५च्या मराठी प्रवचनात ‘नवरात्रीचे महत्त्व’ याबाबत सांगितले.   आज आत्ता जे श्रीसूक्त योगिंद्रच्या तोंडून मी ऐकत होतो, माझ्या लहानपणीच्या आठवणी जाग्या झाल्या. तेव्हा माझे वयस्कर मंडळी आजोबा, पणजोबा, आज्या, पण ज्या माझ्या नात्यातली मंडळी उपस्थित असायची नवरात्रीमध्ये दोन्ही नवरात्रांमध्ये. अर्ध्या-अर्ध्या वयातल्या स्त्रिया, अर्ध्या काय सगळयाच्या सगळया त्या स्त्रिया वयातल्या ह्या नऊवारीमध्येच असायच्या. सुंदर खोपा घातलेल्या, नाकामध्ये नथ, सगळ्या दागिन्यांनी मढलेल्या आणि बाजूला पगडी घातलेले किंवा कमीतकमी

भारत की ओर से रक्षाविषयक तैय्यारी पर जोर

स्वदेशी सेंसर्स देश की लष्करी तकनीक में बदलाव करेंगे – ‘डीआरडीओ’ प्रमुख नई दिल्ली: पाकिस्तान के सैनिक और आतंकियों की सीमा क्षेत्र में बढ रही घुसपैठ एवं लद्दाख से अरूणाचल के सीमा तक चीन की लष्करी गतिविधियों में बढोतरी होने की पृष्ठभुमि पर भारत ने अपने रक्षा बल को आधुनिक और अद्ययावत करने के लिए विशेष महत्व दिया है| इस के लिए भारतीय रक्षा बल सीमा पर ‘लेझर फेंसिंग’ का