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अमरीका और चीन के बीच बढता तनाव

अमरीका-चीन के बीच जारी तनाव के कारण नया शीतयुद्ध शुरू होगा – अमरिकी कुटनीतिज्ञ हेन्री किसिंजर वॉशिंग्टन – अमरीका और चीन के बीच निर्माण हुआ तनाव विश्‍व की सबसे बड़ी समस्या साबित होती है। इस समस्या का हल निकालना संभव नहीं हुआ तो इससे पूरे विश्‍व के लिए खतरा निर्माण होगा। क्योंकि, यह तनाव कम करने में नाकामी हासिल हुई तो अमरीका और चीन के बीच अलग तरह का शीतयुद्ध

इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सैनिकी गतिविधियां तेज

अमरीका इंडो-पैसिफिक की तैनाती बरकरार रखेगी – राष्ट्राध्यक्ष ज्यो बायडेन का ऐलान वॉशिंग्टन – इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में की गई तैनाती अमरीका बरकरार रखेगी। यह तैनाती इस क्षेत्र के संघर्ष के लिए नहीं है, बल्कि संघर्ष टालने के लिए है। ऐसा ऐलान अमरीका के राष्ट्राध्यक्ष ज्यो बायडेन ने किया। चीन के राष्ट्राध्यक्ष जिनपिंग को हमने अमरीका की इस नीति की पूरी जानकारी प्रदान की है, यह बात बायडेन ने स्पष्ट की।

अमरीका की अफगाणिस्तान से सेनावापसी की घोषणा और भारत

अफ़गानिस्तान में उद्देश्‍य पूरा होने का बयान करके अमरीका के राष्ट्राध्यक्ष ने किया सेना की वापसी का ऐलान वॉशिंग्टन/काबुल – ‘अफ़गानिस्तान की एकजुट के लिए अमरीका ने अपने सैनिक इस देश में तैनात नहीं किए थे। ओसामा बिन लादेन को खत्म करना और अफ़गानिस्तान में स्थित आतंकियों के आश्रय स्थान नष्ट करना, इन दोनों उद्देश्‍यों के लिए अमरीका की सेना ने अफ़गानिस्तान में कदम रखा था। यह दोनों उद्देश्‍य प्राप्त

Gulf-Region-Violence

इराक स्थित अमरीका के अड्डे पर रॉकेट हमले – हमले के पीछे ईरान से जुड़े गुट होने की आशंका बगदाद – इराक स्थित ‘अइन अल-अस्साद’ हवाई अड्डे पर बुधवार को भी सेंड रॉकेट हमले हुए। अमरीका के अड्डे पर हुए इस हमले में एक कांट्रेक्टर की मृत्यु हुई। साल भर पहले अमरीका ने इराक में किए ड्रोन हमले में ईरान के वरिष्ठ लष्करी अधिकारी मेजर जनरल कासेम सुलेमानी को मार

Gulf-Region-America

इराक में हुए दोहरे आत्मघाती बम धमाके में ३२ की मौत बगदाद – इराक की राजधानी बगदाद में आतंकियों ने किए दोहरे आत्मघाती हमलों में कम से कम ३२ लोग मारे गए और करीब १०० घायल हुए हैं। इनमें से कुछ घायलों की स्थिति बड़ी खराब होने का दावा इराकी सुरक्षा यंत्रणा कर रही है। इसी बीच इस हमले में ‘आयएस’ के आतंकियों का हाथ होने की आशंका इराकी सेना

तुर्की की गतिविधियों के खिलाफ अंतर्राष्ट्रीय समुदाय आक्रामक

तुर्की को रोकने के लिए ग्रीस और ‘युएई’ का रणनीतिक साझेदारी समझौता अथेन्स/अबुधाबी – तुर्की के बढ़ते वर्चस्ववादी क़ारनामें रोकने के लिए ग्रीस ने ज़ोरदार गतिविधियाँ शुरू की हैं। पिछले कुछ महीनों में ग्रीस ने, अमरीका के साथ फ्रान्स, इस्रायल, इजिप्ट एवं भारत के साथ सहयोग बढ़ाने के लिए पहल की थी। इसमें अब ‘संयुक्त अरब अमीरात’ (युएई) का इज़ाफा हुआ है और ग्रीस ने इस देश के साथ सीधे

Afghanistan

अफ़गानिस्तान में मौजुदा वर्ष के पहले छह महीनों में हुई हिंसा में १,२०० से अधिक लोग ढ़ेर – संयुक्त राष्ट्रसंघ की रपट काबुल/संयुक्त राष्ट्रसंघ – वर्ष २०२० के पहले छह महीनों के दौरान अफ़गानिस्तान में हिंसा में मारे गए हुए एवं घायल हुए लोगों की संख्या ३,५०० से अधिक होने का दावा संयुक्त राष्ट्रसंघ की रपट में किया गया है। यह रपट जारी करके अफ़गानिस्तान में बढ़ रही हिंसा पर

Gulf-Region-Activities

सौदी के बाद बहरीन ने भी इस्रायल के लिए हवाई क्षेत्र खुला किया मनामा – ‘संयुक्त अरब अमीरात’ (यूएई) के लिए उड़ान भरनेवाले इस्रायली विमानों के लिए अपनी हवाई सीमा खुली करने का ऐलान बहरीन ने भी किया है। इसकी वजह से इस्रायल और यूएई की हवाई दूरी कम होने का संतोष दोनों देश व्यक्त कर रहे हैं। दो दिन पहले ही सौदी अरब ने इस्रायली विमानों के लिए अपना

'तृतीय महायुद्ध' पुस्तक और आज का वास्तव

हरि ॐ, आज की भीषण जागतिक परिस्थिति के लिए कई देश चीन को ज़िम्मेदार मान रहे हैं। News Links – https://www.aniruddhafriend-samirsinh.com/third-world-war-hindi/ फिर ऐसे में याद आती है, मार्च २००६ से डॉ. अनिरुद्ध धैर्यधर जोशी ने दैनिक प्रत्यक्ष में चालू की हुई ’तिसरे महायुद्ध’ (तृतीय विश्वयुद्ध) इस लेखमाला की, जो बाद में दिसम्बर २००६ की दत्तजयंती के दिन ’तिसरे महायुद्ध’ इस नाम से पुस्तक के रूप में प्रकाशित हुई। इस पुस्तक

'तिसरे महायुद्ध' पुस्तक आणि आजचे वास्तव

हरि ॐ, आजच्या भीषण जागतिक परिस्थितीला अनेक देश चीनला जबाबदार धरत आहेत. News Links – https://www.aniruddhafriend-samirsinh.com/third-world-war-marathi/ मग अशा वेळेस मार्च २००६ सालापासून डॉ. अनिरुद्ध धैर्यधर जोशी यांनी दैनिक प्रत्यक्ष मध्ये चालू केलेल्या ’तिसरे महायुद्ध’ च्या लेखमालेची आठवण होते, जी लेखमाला नंतर डिसेंबर २००६च्या दत्तजयंती ह्या दिवशी ’तिसरे महायुध्द’ या नावाने पुस्तक रूपात प्रकाशीत झाली. या पुस्तकाच्या प्रस्तावनेमध्ये डॉ. अनिरुद्ध म्हणतात, “पुढील काळात आजचे समीकरण उद्या असेलच असे नाही, तर अगदी