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आश्विन नवरात्रि उत्सव (अशुभनाशिनी नवरात्रि उत्सव) के संदर्भ में सूचना

हरि ॐ, कोरोना वायरस, “कोविद – १९” की व्यापकता का अंदाज़ा सभी श्रद्धावानों को है ही। आज के इस दौर में श्रीअनिरुद्ध गुरुक्षेत्रम्‌ बंद होकर, आनेवाली आश्विन नवरात्रि में भी वह बंद ही रहेगा और नवरात्रि का कोई भी कार्यक्रम गुरुक्षेत्रम्‌ में नहीं होगा, इसपर कृपया सभी श्रद्धावान ग़ौर करें। इस पृष्ठभूमि पर, सद्‍गुरु बापुजी के कहेनुसार, श्रद्धावान इस साल आश्विन नवरात्रि उत्सव (अशुभनाशिनी नवरात्रि उत्सव) में “अंबज्ञ इष्टिका पूजन”

गुरुक्षेत्रम् मन्त्राचे श्रद्धावानाच्या जीवनातील महत्त्व - भाग ७

सद्गुरू श्री श्रीअनिरुद्धांनी त्यांच्या ०८ एप्रिल २०१० च्या मराठी प्रवचनात ‘गुरुक्षेत्रम् मन्त्राचे श्रद्धावानाच्या जीवनातील महत्त्व’ याबाबत सांगितले.   त्याचप्रमाणे वर्तमानकाळात तर तो राहणारच आहे, ऑब्व्हियसली. प्रत्येक गोष्ट जी घडत असेल, ती घडवताना तुमची सर्व सेफ्टी बघण्याचं काम हा करणारच आहे, आपोआपच. तो चारी बाजूला असणार आहे वर्तमानकाळामध्ये. तर ह्या मंत्रामधली सगळ्यात सुंदर गोष्ट म्हणजे ‘विच्चे’. विच्चे, ‘ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे।’ ऐं, ह्रीं आणि क्लीं हे तीन ही बीजमंत्र

अनिरुध्द भक्तिभाव चैतन्य

बर २०१९ संपादकीय हरि ॐ सिंह एवं वीरा, अक्टूबर के महीने में हमने अशुभनाशिनी नवरात्रि, विजयादशमी उत्सव, श्री धनलक्ष्मी उत्सव और श्रीयन्त्र पूजन, यह उत्सव मनाये। इसी मास में दिवाली का उत्सव भी मनाये जाने के कारण, वातावरण में आध्यात्मिक परिपूर्णता के अतिरिक्त भी त्यौहार मानने के जोश को चार चाँद लगा गए। श्रीयन्त्र धनलक्ष्मी पूजन उत्सव में भाग लेते समय, सद्गुरु अनिरुद्धजी के श्रद्धावान मित्रों ने लड्डू, चिवड़ा, चकली,

ईको-फ्रेंडली गणेश मूर्तियां

सप्टेंबर २०१९ संपादकीय, हरि ॐ श्रद्धावान वीरा श्रावणाचा पवित्र महिना येणार्‍या उत्सवांची चाहूल देतो आणि आध्यात्मिक वातावरणही बळकट करतो. या श्रावण महिन्यात श्रध्दावानांना दरवर्षी सामुहिक घोरकष्टोध्दरण स्तोत्र पठण करण्याची, महादुर्गेश्वर प्रपत्ती करण्याची आणि अश्वत्थ मारुती पूजनात सहभागी होण्याची संधी मिळते. या सगळ्याबरोबरच यावर्षापासून श्रावणात ’शिव सह-परिवार पूजन’ करण्याची अतिशय सुंदर संधी श्रध्दावानांना मिळाली. श्रध्दावानांना अनेकविध मार्गांनी आपल्या परमेश्वराप्रती असणारी कृतज्ञता व्यक्त करता येते त्याची आपण थोडक्यात माहिती घेऊ. – समिरसिंह

ईको-फ्रेंडली गणेश मूर्तियां

सितंबर २०१९ संपादकीय, हरि ॐ श्रद्धावान सिंह एवं वीरा सावन के पवित्र महीने से त्योहारों की शुरुआत होती है जो कि आध्यात्म को बढाने में सहायक होती है। हर वर्ष, यह महीना हमें घोरकष्टोधारण स्त्रोत्र का सामूहिक पठन, श्री महादुर्गेश्वर प्रपत्ति, अश्वत्थ मारुती पूजन और वैभवलक्ष्मी पूजन में भाग लेने का अवसर प्रदान करता है। इस वर्ष से हमें, “शिव सहपरिवार पूजन” का महान अवसर भी प्राप्त हुआ है। जिन

मणिपुर चक्र और यज्ञपुरुष महाविष्णु

सद्‍गुरु श्री अनिरुद्ध बापू ने २० अप्रैल २०१७ के प्रवचन में ‘मणिपुर चक्र और यज्ञपुरुष महाविष्णु (Manipur Chakra And Yagyapurusha Mahavishnu)’ इस बारे में बताया।   so, स्वाधिष्ठानचक्र का बीज था ‘ॐ वं’, अभी हम लोग देखनेवाले हैं मणिपुर चक्र। स्वाधिष्ठानचक्र का बीज ‘वं’ ये बेसिक वरूण का है यानी वृष्टिदाता का हैं, राईट। अभी ये जो चक्र है मणिपुर चक्र, ये मणिपुर चक्र बहोत अजीब चक्र है, बहोत ही,

आप कभी भी अकेले नहीं हैं, त्रिविक्रम आपके साथ है

सद्‍गुरु श्री अनिरुद्ध ने ४ फरवरी २०१६ के प्रवचन में ‘आप कभी भी अकेले नहीं हैं, त्रिविक्रम आपके साथ है (You Are Never Alone, Trivikram Is With You)’ इस बारे में बताया।   आप बोलेंगे बापू किसकी भक्ति करें हम लोग? किसी भी, किसी भी रूप की भक्ति कीजिये। मैंने कभी नहीं कहा कि इसी की भक्ति करो। मैं इसे माँ चण्डिका, माँ जगदंबा बोलता हूँ, आप दूसरे किसी की उपासना

trivikram math ratnagiri

हरि ॐ, सभी श्रद्धावानों को यह सूचित करने में बहुत खुशी हो रही है कि माता जगदंबा और सद्‍गुरु श्रीअनिरुद्ध के कृपाशीर्वाद से, आज दि. १६ मई २०१९ को अतुलितबलधाम-रत्नागिरी में ‘त्रिविक्रम मठ’ की स्थापना की गयी। इस त्रिविक्रम मठ के लिए शंख, ताम्हन, पीतांबर, तीर्थपात्र और तस्वीरें गुरुवार दि. ९ मई २०१९ को श्रीअनिरुद्ध गुरुक्षेत्रम्‌ से दी गयी थीं। अत्यंत भक्तिमय, प्रसन्न एवं हर्षोल्लासपूर्ण वातावरण में, संस्था के महाधर्मवर्मन

त्रिविक्रमावरील विश्वास तुमचे जीवन बदलू शकतो (Faith in Trivikram Can Transform Your Life)

सद्गुरू श्री अनिरुद्ध बापूंनी त्यांच्या २० जून २०१३ च्या मराठी प्रवचनात ‘त्रिविक्रमावरील विश्वास तुमचे जीवन बदलू शकतो’ याबाबत सांगितले. प्रत्येकजण काय म्हणतो? मला माझं जीवन बदलायचं आहे. असं म्हणता की नाही, कधीतरी म्हणालात की नाही की मला माझ जीवन बदलायचं आहे, बरोबर. म्हणजे करायचं काय? तुम्ही मोठं टाईम टेबल बनवता, काय काय कुठले उतारे शोधून काढता ते पाठ करता, कवायती करता, सगळं मान्य आहे. पण जीवन कोण बदलू शकतं? जी जीवन निर्माण करते,

Bhaktibhav Chaitanya

    ‘अल्फा टू ओमेगा’ न्युजलेटर – हिन्दी संस्करण   जनवरी २०१९ संपादक की कलम से   हरि ॐ श्रद्धावान सिंह / वीरा,   सभी श्रद्धावान नवम्बर और दिसम्बर महीने का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे क्योंकि यह महीने अपने साथ श्री अनिरुद्ध पूर्णिमा और सच्चिदानन्द उत्सव लेकर आए जोकि सभी श्रद्धावानों के लिए हर्षोल्लास के शिखर हैं। श्री ‘सच्चिदानन्द उत्सव’ श्रद्धावानों के लिए “भक्तिभाव” का प्रतीक है जो