Search results for “भरोसा”

Aniruddha Bapu told in his Potruvachanam dated 22 Oct 2015Never compare your Bhakti with others (अपनी भक्ति की तुलना दूसरों से मत कीजिए)

परमपूज्य सद्‍गुरु श्री अनिरुद्ध बापू ने २२ अक्तूबर २०१५ के पितृवचनम् में ‘ अपनी भक्ति की तुलना दूसरों से मत कीजिए’ इस बारे में बताया। अनिरुद्ध बापू ने बताया कि हमारे पास तो सब कुछ है, हमारे पास पुरूषार्थ ग्रंथ है, मॉ का आख्यान है, मॉ का चरित्र है मातृवात्सल्यविंदानम्‌ के रूप में, मातृवात्सल्य उपनिषद के रुप मे हमारे पास क्या है? खबर है पूरी की पूरी कि मॉ का

विश्व को थर्रानेवाली ‘ आयएस ’ - भाग २

’आयएस’ का इरादा है कि, कुछ समय पहले अल कायदा और तालिबान के कब्जे में जो अफगाणिस्तान और अंजरपंजर ढीले हो चुका पाकिस्तान को वह अपने कब्जे में कर ले। ’आयएस’ के आतंकी अफगाणिस्तान-पाकिस्तान में घुसकर इन दोनों देशों की सीमाओं पर अपना तंबू ठोके हुए तालीबान के हक्कानी गुट और अल कायदा के लिए बडी चुनौती बन रहे हैं। दावा किया जाता है कि, ‘तेहरिक-ए-तालिबान’ का ‘शाहिदुल्लाह शाहीद’ गुट ’आयएस’

परमपूज्य सद्‍गुरु श्री अनिरुद्ध बापू ने २९ जनवरी २०१५ के अपने हिंदी प्रवचन में ‘हर एक के मन का पथ युनिक होता है (Every Individual's path of mind is unique)’, इस बारे में बताया।

मेरा साई मेरी सहायता अवश्य करेगा (My Sai will definitely help me) – Aniruddha Bapu‬ परमपूज्य सद्‍गुरु श्री अनिरुद्ध बापू ने २९ जनवरी २०१५ के अपने हिंदी प्रवचन में ‘मेरा साई मेरी सहायता अवश्य करेगा’, इस बारे में बताया। हमारे विचार से हमारे मन का पथ बनता है। साई हमेशा यह ध्यान रखते हैं कि श्रद्धावान के मन का पथ कहीं भटक ना जाए। हमारा मन का पथ हमारी वाणी

चरणों में अटूट विश्वास रखना। (keep unshaken faith in the lotus feet of Sai) - Aniruddha Bapu

साई चरणों में अटूट विश्वास रखना। (Keep unshaken faith in the lotus feet of Sai) – Aniruddha Bapu परम पूज्य सद्‍गुरू श्री अनिरुद्ध बापूने उनके ०८ जनवरी २०१५ के हिंदी प्रवचन के दौरान ‘साईचरणों में अटूट विश्वास रखना’, इस बारे में बताया।  मै नादान हूँ, निकम्मा हूँ ऐसे मत सोचो। साई नाथजी का वचन है- ‘शरण में मेरी आया और निकम्मा निकला। बतला दो बतला दो ऐसा कोई॥’ अगर मेरे

Pravachan, God, vedic, prayer, Lord, devotion, faith, teachings, Bapu, Aniruddha Bapu, Sadguru, discourse, Bandra, Mumbai, Maharashtra, India, New English school, IES, Indian Education Society, भक्ती, विश्वास, Aniruddha Bapu, अनिरुद्ध बापू, Bapu, बापू, Anirudhasinh, अनिरुद्धसिंह, अनिरुद्ध जोशी, Aniruddha Joshi, Dr. aniruddha Joshi , डॉ. आनिरुद्ध जोशी, सद्‍गुरु अनिरुद्ध, संसार, अवघाचि संसार सुखाचा करीन, संवाद, प्रपंच, घर, रेल्वे, बस, क्लब, प्रश्न, मन, उत्तर, लोभ, मोह, मत्सर, व्यक्ती, मित्र, नोकर, चालक, गोष्टी, अपवाद, कपट, चुका, मालक, नातं, पती, पत्नी, मुलगा, प्रेम, अपेक्षा, friends, bhagwan, parmeshwar, thought, think, ghar, bus, train, answer, conversion, home, club, mind, person, friend, Shreeshwasam

हरि ॐ, श्रीराम, अंबज्ञ! पहले हमें अब श्रीसूक्त सुनना है। श्रीसूक्त… वेदों का यह एक अनोखा वरदान है जो इस… हमने उपनिषद् और मातृवात्सल्यविंदानम् में पढ़ा है कि लोपामुद्रा के कारण हमें प्राप्त हुआ है…महालक्ष्मी और उसकी कन्या लक्ष्मी… इस माँ-बेटी का एकसाथ रहनेवाला पूजन, अर्चन, स्तोत्र, स्तवन… सब कुछ… यानी यह ‘श्रीसूक्तम्’। तो आज पहले… स़िर्फ आज से हमें शुरुआत करनी है। ‘श्रीसूक्तम्’ का पाठ हमारे महाधर्मवर्मन् करनेवाले हैं।

Pravachan, God, vedic, prayer, Lord, devotion, faith, teachings, Bapu, Aniruddha Bapu, Sadguru, discourse, Bandra, Mumbai, Maharashtra, India, New English school, IES, Indian Education Society, भक्ती, विश्वास, Aniruddha Bapu, अनिरुद्ध बापू, Bapu, बापू, Anirudhasinh, अनिरुद्धसिंह, अनिरुद्ध जोशी, Aniruddha Joshi, Dr. aniruddha Joshi , डॉ. आनिरुद्ध जोशी, सद्‍गुरु अनिरुद्ध, भूकंप, राधा, भरोसा, विश्वास, स्पेस, चैनल, बडा, संकट, छोटा, दिव्यत्व, काल, दिशा, भक्ति, कंपन, श्रध्दा, सहाय्यता, भगवान, kal, disha, faith, channel, problem, shraddha, capable, truth, space, connection, bhagwan, bhakti, earthquake

भगवान किसी भी संकट से बडा है (God is Greater Than Any Problem) भगवान पर रहनेवाला विश्वास यह सबसे अहम बात है। भगवान पर का भरोसा कभी भी हिलने मत दीजिए। जितना संकट बडा उतना भगवान (God) पर का विश्वास भी बडा रखो। मानव के लिए कोई संकट बडा हो सकता है, मगर भगवान (God) किसी भी संकट से बडा ही है, इस बारे में परमपूज्य सद्गुरू श्री अनिरुद्ध बापूनें

Aniruddha Bapu, अनिरुद्ध बापू, Bapu, बापू, Anirudhasinh, अनिरुद्धसिंह, भकती, उपासना, जुगाड, मोटरसायकल, भगवान, साई, मा, चण्डिका, श्रध्दा, भार, किसान, विश्वास, भरोसा, सबुरी, farmer, bike, burdens, god, lord, faith, juggad, kisan, maa chandika, chandika kul, शरण, God will take care of your burdens

भगवान हमारा भार उठाने के लिये तैयार है। ( God will take care of your burdens ) हम भगवान (God) से सब कुछ माँग सकते है। अगर हमारी श्रद्धा कम हो रही है, तो भी हमे उसीसे माँगनी चाहीये। हम भगवान से श्रद्धा, विश्वास, भरोसा, सबुरी सब कुछ माँग सकते है। इसके बारे में परमपूज्य सद्गुरू श्री अनिरुद्ध बापूनें अपने २८ नवंबर २०१४ के हिंदी प्रवचन में बताया, जो आप

Aniruddha Bapu, अनिरुद्ध बापू, Bapu, बापू, Anirudhasinh, अनिरुद्धसिंह, पृथ्वी, sun, construct, engineers, earth, पर्बत, पेड, पानी, materials, जया मनी जैसा भाव। तया तैसा अनुभव, भरोसा, doute, Bagavaan, भगवान, हीतकारक, अहीतकारक, विश्वास, इच्छा, ताकद,

सद्‍गुरुतत्त्व पर मनुष्य का जितना विश्वास होता है, उतनी कृपा वह प्राप्त करता है (SadguruTattva renders to everyone according to his faith) भगवान ने इस विश्व को अपने सामर्थ्य से बनाया है, उन्हें किसीकी जरूरत नहीं पडी थी। वे हर एक के जीवन में उस व्यक्ति के लिए जो भी उचित है वही करते हैं; बस मानव को भगवान पर भरोसा रखना चाहिए। ‘भजेगा मुझको जो भी जिस भाव से।

मातृवात्सल्य उपनिषद्‍, उत्तम, मध्यम, विगत, सुगत, पश्चात्ताप, आदिमाता, शैतान, आदिमाता चण्डिका, चण्डिकापुत्र, सामर्थ्य, सवाल, परशुराम, महिषासुर, devil, मॉं, बाप, भाव, जिंदगी, साई, विश्वास, भगवान, दिल, वृत्रासुर, परमात्मा, bhaav, feeling, life, sai, damage, faith, god, lord, Matruvatsalya Upanishad, mahishasur, mahishasurmardini, mother,

आदिमाता जिसे क्षमा न कर सके इतना बडा कोई पाप ही नहीं है (There Is No Sin Too Big For Aadimata To Forgive) मातृवात्सल्य उपनिषद्‍ में हम पढते हैं कि कोई भी यदि सच्चे दिल से पश्चात्तापपूर्वक आदिमाता की शरण में जाकर सुधरने के लिए प्रयास करता है तो वह चाहे कितना भी पापी क्यों न हो, यहाँ तक कि राक्षस या शैतान भी क्यों न हो, मगर तब भी

श्रद्धावान का जीवन यह भगवान की देन है (Shraddhavan's life is the gift of God) - Aniruddha Bapu Hindi Discourse 24 July 2014

श्रद्धावान को स्वयं के जीवन की कभी भी घृणा नहीं करनी चाहिए । ’मेरा जीवन यह मेरे भगवान की देन है’, यह बात हर एक श्रद्धावान को याद रखनी चाहिए । भगवान की देन कभी भी गलत, घातक, अहितकारी, दुखदायी नहीं हो सकती । भगवान पर भरोसा करनेवाले श्रद्धावान को जीवन को सकारात्मक नजरिये से देखना चाहिए, इस बारे में परम पूज्य सद्‌गुरु श्री अनिरुद्ध बापु ने अपने गुरूवार दिनांक