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अमरीका और भारत का पाकिस्तान पर बढ़ता दबाव

अमरिका से अरबों डॉलर्स लूटकर भी पाकिस्तान ने अमरिका के लिए कुछ नही किया – राष्ट्राध्यक्ष ट्रम्प   वॉशिंगटन/इस्लामाबाद – अमरिका से अरबो डॉलर्स ऐंठने के बाद भी पाकिस्तान ने अमरिका के लिये अल्प मात्रा में भी काम किया नही है। उल्टा अल कायदा प्रमुख ओसामा बिन लादेन पाकिस्तान की सेना की अकैडमी के पास पूरी तरह सुख में रह रहा था, इन कडे शब्दों में अमरिका के राष्ट्राध्यक्ष डोनाल्ड

‘साउथ चाइना सी’ और ‘वेस्टर्न पसिफ़िक’ में शुरू हुआ चीन का हवाई अभ्यास मतलब युद्ध की रिहर्सल – चीनी हवाई दल की घोषणा बीजिंग: “’साउथ चाइना सी’ और ‘वेस्टर्न पसिफ़िक’ समुद्री क्षेत्र में चीन की वायुसेना ने शुरु किया हुआ अभ्यास मतलब आगे आने वाले युद्ध की रिहर्सल है”, ऐसी घोषणा चीन के वायुसेना ने की है। दो दिनों पहले अमरिकी नौसेना की विनाशिका ने चीन के निर्माण किए कृत्रिम

अमरिका एवं पाकिस्तान की मित्रता खत्म- पाकिस्तान के विदेश मंत्री ख्वाजा असिफ इस्लामाबाद: अमरिका ने पाकिस्तान को दिए जाने वाले लगभग दो अब्ज डॉलर्स की सहायता रोकने के बाद पाकिस्तान हडबडाया है। पाकिस्तान से आने वाली प्रतिक्रिया में भी यह हड़बड़ाहट दिखाई दे रही है। अमरिका ने पाकिस्तान की अर्थसहाय्यता रोकने के समय अमरिका एवं पाकिस्तान की दोस्ती खत्म हो गई है। अमरिका ने पाकिस्तान को हमेशा धोखा दिया है

युक्रेन का विस्फोट - भाग २

मगर ’सोविएत रशिया’ से स्वतंत्र हुए युक्रेन को रशिया के प्रभाव से निकालने की जरुरत ही क्यों थी? इसका उत्तर ढूंढने के लिए फिरसे थोडा पीछे जाना पडेगा। सन १९९७ में अमेरिका के एक प्रभावशाली राजनीतिक माने जानेवाले जिबिग्नोव ब्रिजेन्स्की की एक किताब प्रसिद्ध हुई। किताब का नाम था, ’द ग्रैंड चेसबोर्ड: अमेरिकन प्रायमसी ऐण्ड इट्स जिओस्ट्रैटेजिक इम्पेरेटिवज्’, इस किताब में उन्होंने ‘युरेशिया’(युरोप व रशिया) को शतरंज की बिसात कहकर,

 ​ अमेरीका ने इराक युद्ध जीत लिया, ऐसी गर्जना राष्ट्रपति बराक ओबामा ने सन २०११ के दिसम्बर मास में की थी। अमेरीका ने इराक से नौं साल बाद सेना को वापस बुलाया था। ४५०० सैनिकों का बलिदान और अरबों डॉलर खर्च करके अमेरीका ने उन नौं सालों में क्या हासिल किया? इस प्रश्न का ‘विजय’ ही एकमात्र उत्तर था। अर्थात अमेरीकी राष्टपति जिसे विजय कहते थे, क्या वह विजय है,