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आपके हृदय में भक्ति का होना यह आपके लिए आवश्यक है - भाग २

सद्‍गुरु श्री अनिरुद्ध बापू ने ४ फरवरी २०१६ के प्रवचन में ‘आपके हृदय में भक्ति का होना यह आपके लिए आवश्यक है- भाग २’ इस बारे में बताया।   आप टिफीन लेके जा रहे हैं अपनी बॅग में, राईट, उस बॅग में समझो नीचे ऐसी बॅग होती है राईट, तो पीछे ऐसी बॅग है, यहाँ नीचे यहाँ टिफीन रखा हुआ है, ये जो पार्ट है वो अगर समझो टूट गया रास्ते

Sadguru Shree Aniruddha’s Pitruvachan (Part 2) – 07 March 2019

हरि ॐ. श्रीराम. अंबज्ञ. नाथसंविध्‌, नाथसंविध्‌, नाथसंविध्‌। अभी जो मंत्रगजर हम लोग कर रहे थे – भक्तिभावचैतन्य की परिपूर्ण स्थिती, right? लेकिन है क्या यह मंत्रगजर? सबको सबकी परिभाषा चाहिए, definition चाहिए। Few things are very difficult to define, you have to understand! उनकी परिभाषा करना, व्याख्या करना, definition देना बहुत कठिन होता है, समझना बहुत मुश्किल होता है। लेकिन जानना बहोत आसान होता है। देखिए, आजकल कितने लोग स्मार्ट

जिंदगी में....कहीं भी ज़्यादा जल्दी मत करना।

हरि ॐ, श्रीराम, अंबज्ञ, नाथसंविध्‌, नाथसंविध्‌, नाथसंविध्‌. कितनी बार हम लोग इन शब्दों का प्रयोग करते हैं? ‘बहुत देर हुई’….राईट? क्या कहते हैं? ‘बहुत देर हुई’। कहाँ जाना है, कहाँ से निकलना है, कहाँ जा पहुँचना है, कुछ हासील करना है, कुछ पाना है। हमें सब चीज़ों में ऐसा लगता है, सब बातों में ऐसा लगता है, कि जो टाईम है, उसके पहले सब कुछ हो जाये, तो बहुत अच्छा!

Sadguru Shree Aniruddha's Pitruvachan (Part 1) - 31st January 2019

हरि ॐ. श्रीराम. अंबज्ञ. नाथसंविध्‌, नाथसंविध्‌, नाथसंविध्‌    आज 10th और 12th के बहुत स्टुडंट्स आये हुए हैं….मस्त। Exam मे कोई फिक्र नहीं करना, Exams तो आती रहती हैं, जाती रहती हैं।    कितने लोग क्रिकेट खेले हुए हैं यहाँ? कितने लोगों ने क्रिकेट देखा हुआ है? व्हेरी गुड….एक्सलन्ट। यह हमारी ज़िंदगी भी एक क्रिकेट का खेल है। क्रिकेट जैसी ही चलती है। लेकिन यहाँ प्रॉब्लेम क्या है ना….Routine cricket

‘ रामनामतनु ’चा अर्थ (The Meaning of `Ramnamtanu')

परमपूज्य सद्गुरू श्री अनिरुद्ध बापूंनी त्यांच्या १५ मे २०१४च्या मराठी प्रवचनात ‘ रामनामतनु ’च्या अर्थाबाबत सांगितले. त्रिविक्रमाचं काम सांगणारा हा मंत्र आहे, तो कसा आहे? तो रामनामतनु आहे. तो कसा आहे? राम नाम आणि तनु. बघा, तनु म्हणजे काय? तनु म्हणजे शरीर. नाम म्हणजे काय? नाम म्हणजे नाम ना साधं, पण नाम काय आहे? इकडे आपण बघितलं तनु, प्राण आणि काल ह्या दोन गोष्टी आहेत, मग इकडे नाम म्हणजे काय?

परमपूज्य सद्‍गुरु श्री अनिरुद्ध बापू ने ३० नवंबर २०१७ के पितृवचनम् में ‘४ सेवाओं का उपहार’ इस बारे में बताया। हर साल, हर दिन, हर पल हर एक श्रद्धावान के मन में, हर एक इन्सान के मन में ये विचार रहता है कि मैं जिस स्थिति में हूं, उस स्थिति से मैं और कैसे आगे चला जाऊं, मेरा विकास कैसा हो जाये, मुझे सुख कैसा प्राप्त हो जाये, मेरे दुख

परमपूज्य सद्‍गुरु श्री अनिरुद्ध बापू ने १८ फरवरी २०१६ के पितृवचनम् में ‘जीवन के विकास के लिये हर एक आवशक्यता पूरी करनेवाले ये ब्रम्हणस्पति हैं’ इस बारे में बताया। ये ब्रह्मणस्पति जो है, हमारे जीवन के विकास के लिये जिस जिस चीज की भी आवश्यकता है, उसे हम तक पहुँचाने वाला, स्रोतों को जो अवरोध होता है उसे काटनेवाला और स्रोत को खुला करनेवाला, हमारा सहायक है, बुद्धिदाता है, विघ्नांतक

आगामी सैनिक – ‘स्नायपर ड्रोन’

युद्ध सिर्फ युद्धभूमि तक ही सीमीत नहीं है, यह आज इस नए युग में सभी जानते है। पारम्परिक प्रकार के युद्ध की गति तेज होकर अब सायबर युद्ध, व्यापार युद्ध, अंतरिक्ष युद्ध, नगरीय युद्ध, इत्यादि बन गया है। इस के अतिरिक्त, आत्याधुनिक रोबोट्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआय) यह आधुनिक युद्ध नीति में अग्रणी तकनीक के तौर पर उजागर हुए हैं। संरक्षण के साथ लगभग सभी क्षेत्रों में रोबोट्स और ‘एआय’

Aniruddha Bapu told in his Pitruvachanam dated 14 Jan 2016 about, Panchamukha-Hanumat-kavacham Explanation - 05 (Devata Gayatri Mantra) ’.

परमपूज्य सद्‍गुरु श्री अनिरुद्ध बापू ने ०९ मार्च २०१७ के पितृवचनम् में ‘गायत्री मंत्र हमें इष्ट देवता का दर्शन अवश्य कराता है’ इस बारे में बताया। अभी देखिये कि मैंने पहले ही बताया था, लोग बोलते हैं कि भगवान को देखा नहीं तो उसपर प्रेम कैसे करेंगे? अभी माँ के पेट में बच्चा पल रहा है। आपने देखा है? माँ देख सकती है उसे? बाप देख सकता है? फिर भी

Aniruddha Bapu told in his Pitruvachanam dated 14 Jan 2016 that, 'Recreational Activity'

परमपूज्य सद्‍गुरु श्री अनिरुद्ध बापू ने १४ जनवरी २०१६ के पितृवचनम् में  ‘रिक्रिएशनल अॅक्टिव्हिटी’ के बारे में बताया। देखिये, पिंगला नाडी क्या है सौर यानी सूरज की नाडी है और इडा ये क्या है, चंद्र नाडी है। अब दिन भर हम लोग काम करते हैं और रात को सोते हैं, राईट! रात का सोना आवश्यक है। अगर चार रात नही सोयेंगे तो पाचवीं रात हम लोग कुछ नहीं कर सकेंगे।