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ईको-फ्रेंडली गणेश मूर्तियां

सप्टेंबर २०१९ संपादकीय, हरि ॐ श्रद्धावान वीरा श्रावणाचा पवित्र महिना येणार्‍या उत्सवांची चाहूल देतो आणि आध्यात्मिक वातावरणही बळकट करतो. या श्रावण महिन्यात श्रध्दावानांना दरवर्षी सामुहिक घोरकष्टोध्दरण स्तोत्र पठण करण्याची, महादुर्गेश्वर प्रपत्ती करण्याची आणि अश्वत्थ मारुती पूजनात सहभागी होण्याची संधी मिळते. या सगळ्याबरोबरच यावर्षापासून श्रावणात ’शिव सह-परिवार पूजन’ करण्याची अतिशय सुंदर संधी श्रध्दावानांना मिळाली. श्रध्दावानांना अनेकविध मार्गांनी आपल्या परमेश्वराप्रती असणारी कृतज्ञता व्यक्त करता येते त्याची आपण थोडक्यात माहिती घेऊ. – समिरसिंह

ईको-फ्रेंडली गणेश मूर्तियां

सितंबर २०१९ संपादकीय, हरि ॐ श्रद्धावान सिंह एवं वीरा सावन के पवित्र महीने से त्योहारों की शुरुआत होती है जो कि आध्यात्म को बढाने में सहायक होती है। हर वर्ष, यह महीना हमें घोरकष्टोधारण स्त्रोत्र का सामूहिक पठन, श्री महादुर्गेश्वर प्रपत्ति, अश्वत्थ मारुती पूजन और वैभवलक्ष्मी पूजन में भाग लेने का अवसर प्रदान करता है। इस वर्ष से हमें, “शिव सहपरिवार पूजन” का महान अवसर भी प्राप्त हुआ है। जिन

अग्नि का महत्त्व (The Importance of Agni)

सद्‍गुरु श्री अनिरुद्ध बापू ने २० अप्रैल २०१७ के प्रवचन में ‘अग्नि के महत्त्व(The Importance of Agni)’ के बारे में बताया।   हम लोगों ने, जिन लोगों ने ग्रंथ पढ़े हुए हैं, जानते हैं कि तीन प्रकार के अग्नि हमारे शरीर में, देह में होते हैं। कौन से, कौन से? जाठराग्नि, प्राणाग्नि और ज्ञानाग्नि। जाठराग्नि यानी सिर्फ जठर में यानी पेट में रहनेवाला अग्नि नहीं, जिसे हमें भूख लगती हैं।

आप कभी भी अकेले नहीं हैं, त्रिविक्रम आपके साथ है

सद्‍गुरु श्री अनिरुद्ध ने ४ फरवरी २०१६ के प्रवचन में ‘आप कभी भी अकेले नहीं हैं, त्रिविक्रम आपके साथ है (You Are Never Alone, Trivikram Is With You)’ इस बारे में बताया।   आप बोलेंगे बापू किसकी भक्ति करें हम लोग? किसी भी, किसी भी रूप की भक्ति कीजिये। मैंने कभी नहीं कहा कि इसी की भक्ति करो। मैं इसे माँ चण्डिका, माँ जगदंबा बोलता हूँ, आप दूसरे किसी की उपासना

मूलाधार चक्र का लम् बीज और भक्तमाता जानकी - भाग ३

सद्‍गुरु श्री अनिरुद्ध बापू ने ४ फरवरी २०१६ के प्रवचनमें ‘मूलाधार चक्र का ‘लम्’ बीज और भक्तमाता जानकी – भाग ३(Lam beej of the Mooladhara Chakra and Bhakta-Mata Janaki – Part 3)’ इस बारे में बताया।   सो, ये ‘लं’ बीज हमें बताता है कि भाई, इस पृथ्वी पर हो, पृथ्वी से जुड़े हुए हो, राईट! तो पृथ्वी का बीज जो ‘लं’ बीज जो है, वो जानकीजी का है, श्रीरामजी

और देवता चित्त न धरई। (Aur devata chitta na dharai)

सद्‍गुरु श्री अनिरुद्ध बापू ने ४ फरवरी २०१६ के प्रवचन में ‘और देवता चित्त न धरई’ इस बारे में बताया।   हमें एक करोड़ जप करने के बाद ही भगवान कृपा करेंगे ऐसा नहीं हैं। हमने जन्म में कभी भी नाम नहीं लिया है, पहली बार लिया, फिर भी वह काम करने वाला है, यह जान लो। लेकिन थोड़ी सी सबूरी रखना आवश्यक है ना! भगवान ने कभी ऐसा किया है,

कुलभूषण जाधव मामले में भारत की राजनीतिक जीत

कुलभूषण जाधव की फांसी पर अंतरराष्ट्रीय न्यायालय की रोक नई दिल्ली: पाकिस्तान ने जासूसी और आतंकी हरकतों का आरोप लगाकर सुनवाई फांसी की सजा का अपराधी बने कुलभूषण जाधव के मामले में पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय न्यायालय में बडी अवहेलना का सामना करना पडा है| पाकिस्तान के लष्करी न्यायालय ने कुलभूषण जाधव को सुनवाई फांसी की सजा पर अंतरराष्ट्रीय न्यायालय ने रोक लगाई है| साथ ही जाधव को वकिलों की सहायता

आपके हृदय में भक्ति का होना यह आपके लिए आवश्यक है - भाग २

सद्‍गुरु श्री अनिरुद्ध बापू ने ४ फरवरी २०१६ के प्रवचन में ‘आपके हृदय में भक्ति का होना यह आपके लिए आवश्यक है- भाग २’ इस बारे में बताया।   आप टिफीन लेके जा रहे हैं अपनी बॅग में, राईट, उस बॅग में समझो नीचे ऐसी बॅग होती है राईट, तो पीछे ऐसी बॅग है, यहाँ नीचे यहाँ टिफीन रखा हुआ है, ये जो पार्ट है वो अगर समझो टूट गया रास्ते

आफ्रिकी महाद्धीप में चल रहीं उलथपुलथ

नाइजेरिया में दो आतंकी हमलों में ५० लोगों की बलि अबुजा: ‘आईएस’ यह आतंकी संगठन अफ्रीका में मजबूत होने के संकेत प्राप्त हो रहे है| अफ्रीका में प्रमुख अर्थव्यवस्था में से एक के तौर पर पहचाने जा रहे नाइजेरिया में पिछले पांच दिनों में दो बडे आतंकी हमलें हुए है और इन हमलों में कम से कम ५० लोगों की बलि गई है| इन हमलों के पीछे ‘आईएस’ का हाथ

मूलाधार चक्र का लम् बीज और भक्तमाता जानकी - भाग १

सद्‍गुरु श्री अनिरुद्ध बापू ने ४ फरवरी २०१६ के प्रवचन में ‘मूलाधार चक्र का ‘लम्’ बीज और भक्तमाता जानकी (Lam beej of the Mooladhara Chakra and Bhakta-Mata Janaki – Part 1) ’ इस बारे में बताया। ये मूलाधार चक्र की बात हम लोग कर रहे हैं। मूलाधार चक्र में बीज है – ‘ॐ लं’ – ‘लं’ ‘लं’ ये बीज है। ‘लं’ ये पृथ्वीबीज है, ‘लं’ ये इंद्रबीज है ये हम लोगों