भारतीय अर्थव्यवस्था से जुडी महत्वपूर्ण गतिविधियां

प्रधानमंत्री के हाथों १०० लाख करोड़ की ‘गतिशक्ति’ योजना का शुभारंभ – पूरे देश में राष्ट्रीय राजमार्ग और कनेक्टिविटी प्रकल्पों के माध्यम से अर्थव्यवस्था को बल प्रदान होगा

देश में योजना बनाकर बुनियादी सुविधाओं का विकास करके कनेक्टिविटी बढ़ाने की १०० लाख करोड़ रुपए की योजना का शुभारंभ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार के दिन किया। ‘पीएम गतिशक्ति नैशनल मास्टर प्लैन’ के तहत देश में बुनियादी सुविधाओं का बड़ा नेटवर्क बनाया जाएगा और राष्ट्रीय राजमार्ग और अलग अलग कनेक्टिविटी के प्रकल्पों का निर्माण तेज़ी से किया जाएगा। इस वजह से यातायात का खर्च और आपूर्ति का समय कम होगा और सामान की यातायात की क्षमता भी बढ़ेगी। इसका लाभ अर्थव्यवस्था को मिलेगा। व्यापार सुलभ माहौल निर्माण होगा और रोज़गार एवं निवेश बढ़ेगा, यह दावा भी किया जा रहा है। साथ ही बुनियादी सुविधाओं के काम तेज़ी से पूरे करने में विभाग एवं क्षेत्रीय स्तर के अड़ंगे दूर करने के लिए १६ मंत्रालयों को एक डिजिटल रंगमंच के ज़रिये जोड़ा जाएगा। इससे समन्वय बढ़ेगा और सभी काम निश्चित समय पर पूरे होंगे, इस नज़रिये से इस महायोजना का प्लैन किया गया है, ऐसा सरकार ने कहा।

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भारतीय अर्थव्यवस्था दमदार प्रदर्शन करेगी – केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारामन ने जताया भरोसा

बोस्टन – इस वित्तीय वर्ष में भारतीय अर्थव्यवस्था डबल डिजिट विकास दर के पास पहुँचेगी। वहीं, अगले वित्तीय वर्ष में भारतीय अर्थव्यवस्था की विकासदर आठ प्रतिशत तक होगी, ऐसा भरोसा केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारामन ने ज़ाहिर किया। अगले दशक भर में भारत ७.५ से ८.५ प्रतिशत इतनी विकास दर से सातत्यपूर्ण प्रगति करेगा, ऐसा वित्त मंत्री सीतारामन ने कहा है। अमरीका के दौरे पर होनेवाली वित्त मंत्री सीतारामन ने, जागतिक अर्थव्यवस्था मंदी के साये में होते समय किये ये दावे दुनिया का गौर फरमानेवाले साबित होते हैं।

अमरीका की एक युनिवर्सिटी ने आयोजित किए कार्यक्रम में बात करते समय केंद्रीय वित्त मंत्री सीतारामन ने भारत की अर्थव्यवस्था पर विश्वास ज़ाहिर करके, आनेवाले समय में भारतीय अर्थव्यवस्था दमदार प्रदर्शन कर दिखाएगी, ऐसा दावा किया। जागतिक बैंक, अन्तर्राष्ट्रीय मुद्राकोष इन सबने मेरे इन दावों की पुष्टि करनेवाली रिपोर्ट जारी की है, इस पर सीतारामन ने गौर फरमाया। एक ही दिन पहले अन्तर्राष्ट्रीय मुद्राकोष की अर्थ विशेषज्ञ गीता गोपीनाथ ने यह अनुमान जताया था कि भारतीय अर्थव्यवस्था सर्वाधिक विकास दर से प्रगति करेगी।

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‘6जी’ तंत्रज्ञान पर काम शुरू करने के दूरसंचार सचिव के ‘सी-डॉट’ को निर्देश – क्वांटम कम्युनिकेशन लैब का उद्घाटन

नई दिल्ली – देश में अभी तक ‘5जी’ तंत्रज्ञान लॉन्च नहीं हुआ है। हाल ही में इस तंत्रज्ञान के परीक्षण संपन्न हुए थे। जल्द ही देश में ‘5जी’ सेवा शुरू होने की संभावना कही जा रही है। लेकिन ‘5जी’ सेवा शुरू होने से पहले भविष्य को मद्देनजर रखकर ‘6जी’ तंत्रज्ञान पर काम शुरू करने के निर्देश दूरसंचार सचिव के. राजारमन ने सरकार की दूरसंचार संशोधन और विकास संस्था ‘सी-डॉट’ को दिए हैं। दूरसंचार सचिव के. राजारमन ने रविवार को ‘क्वांटम कम्युनिकेशन लैब’ का उद्घाटन किया। साथ ही, ‘सी-डॉट’ द्वारा विकसित किए गए ‘क्वांटम की डिस्ट्रीब्युशन (क्यूकेडी) तंत्रज्ञान का भी अनावरण किया। इस समय उन्होंने ‘सी-डॉट’ को यह सूचनाएँ दीं।

सेंटर फॉर डेव्हलपमेंट ऑफ टेलिमेटिक्स (सी-डॉट) के अधिकारियों ने बताया है कि दूरसंचार सचिव से आए निर्देशों के अनुसार ‘6जी’ पर काम करने की तैयारी जारी है। लेकिन ‘6जी’ पर काम शुरू करके, इस क्षेत्र में भविष्य में भारत पिछड़ेगा नहीं, तंत्रज्ञान की दौड़ से बाहर नहीं जाएगा, इसके एहतियात बरते जा रहे हैं।

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६८ वर्ष बाद एअर इंडिया का ‘कॉकपिट’ फिर से ‘टाटा’ के हाथों में

एअर इंडिया को खरीदने के लिए टाटा सन्स ने लगाई बोली सबसे अधिक साबित हुई है और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शहा की अध्यक्षता के मंत्रिगुट ने टाटा ने लगाई हुई बोली को मंजूरी प्रदान की है। इसकी वजह से अब ६८ वर्ष बाद एअर इंडिया का मालिकाना हक फिर से टाटा समूह को प्राप्त हुआ है। वर्ष १९५३ में भारत सरकार ने एक कानून पारित करके एअर इंडिया का राष्ट्रीयकरण किया था और टाटा समूह ‘एअर इंडिया लिमिटेड’ सरकारी एअरलाईन्स बनी थी। लेकिन, बीते कुछ वर्षों से एअर इंडिया लगातार घाटे में चल रही थी। एअर इंडिया पर ६० हज़ार करोड़ कर्ज़ का भार था। ‘बेलआऊट’ के बावजूद एअर इंडिया को इस संकट से बाहर निकालना नामुमकिन होन से आखिर में सरकार ने ‘एअर इंडिया’ की बिक्री करने का निर्णय किया था। सोशल मीडिया पर ‘वेलकम बैक’ ऐसी प्रतिक्रिया दर्ज़ करके रतन टाटा ने आनंद व्यक्त किया है।

एअर इंडिया को खरीदने के लिए टाटा और स्पासईस जेट के कन्सोर्टियम ने बोली लगाई थी। सरकार ने एअर इंडिया खरीदने के लिए १२,९०६ करोड़ की आधार कीमत तय की थी। इससे अधिक बोली लगाकर एअर इंडिया को कौन खरीदेगा, इस ओर सभी की नज़रें लगीं थी। एअर इंड़िया को खरीदने के लिए बोली लगाने की प्रक्रिया कुछ दिन पहले ही पूरी हुई थी। बीते हफ्ते में इस बोली के आँकड़े सार्वजनिक किए गए थे। उसी समय एअर इंडिया के मालिकाना हक फिर से टाटा के हाथों में जाएँगे, यह लगभग तय हुआ था। इससे संबंधित खबरें भी प्राप्त हुई थीं। लेकिन, अभी निर्णय नहीं हुआ है और मंत्रिगुट की मंजूरी प्राप्त होने के बाद ही निर्णय का ऐलान होगा, ऐसा खुलासा सरकार ने किया था।

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