महाराष्ट्र में बारिश से हाहाकार

महाराष्ट्र में हुई भारी बारिश के मृतकों की संख्या बढ़कर २०७ हुई 
– केंद्र सरकार ने बाढ़ पीड़ित किसानों के लिए किया ७०० करोड़ रुपयों के पैकेज का ऐलान

महाराष्ट्र में हुई भारी बारिश के मृतकों की संख्या बढ़कर २०७ हुई मुंबई/नई दिल्ली – महाराष्ट्र में हुई भारी बारिश के दौरान मृत हुए लोगों की संख्या २०७ हुई है। साथ ही इस विपत्ति से अब तक २९ हज़ार पालतू जानवर और पशू एवं ढ़ोरों की मौत हुई है। इस विपत्ति के बाद कई लोग अब तक लापता हैं और इससे मृतकों की संख्या और भी बढ़ने का ड़र बना हुआ है। सौभाग्यवश अब सांगली जिले में बाढ़ का जलस्तर कम हुआ है। कोल्हापुर और सातारा में बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों में जनजीवन अब धीरे धीरे सामान्य हो रहा है। लेकिन, बाढ़ के प्रवाह में रास्ते, खेत, घर और दुकान बह जाने से काफी नुकसान हुआ है और इससे निर्माण स्थिति फिर से सामान्य करने की बड़ी चुनौती खड़ी होगी। ऐसे में केंद्र सरकार ने महाराष्ट्र के बाढ़ पीड़ित किसानों के लिए ७०० करोड़ रुपयों के पैकेज का ऐलान किया है। केंद्रीय कृषिमंत्री ने इस पैकेज के निर्णय की जानकारी साझा की। 

महाराष्ट्र में भारी बारिश के बाद निर्माण हुई बाढ़ की स्थिति में अब सुधार हुआ है। लेकिन, इससे हुए नुकसान से जल्द उभरना संभव नहीं होगा। बाढ़ से पीड़ित किसान और व्यापारियों का बड़ा नुकसान हुआ है। साथ ही कुछ हिस्सों में अब तक पानी और बिजली की सप्लाई खंड़ित है। आम नागरिकों के संसार तबाह हुए हैं। कई घरों में सारा सामान खराब हो गया है या बह गया है। कुछ लोगों के पास पहने हुए कपड़ों के अलावा कुछ भी नहीं बचा है। ऐसी भीषण स्थिति में भारी बारिश और बाढ़ का खतरा अभी भी सता रहा है क्योंकि, मौसम विभाग ने पहाड़ी इलाकों में जोरदार बारिश होने का अनुमान जताया है। इससे नदियों का जलस्तर फिर से बढ़ने का खतरा भी कायम है।

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भारी वर्षा के मृतकों की संख्या बढ़कर १६४ हुई

भारी वर्षा के मृतकों की संख्या बढ़कर १६४ हुईमुंबई – महाराष्ट्र में भारी बारिश में हुई दुर्घटनाओं के मृतकों की संख्या बढ़कर १६४ हुई है और अभी भी १०० लोग लापता होने की बात स्पष्ट हुई है। तबाही के बाद बीते तीन दिनों से बारिश अब रुक गई है और इससे बाढ़ से पीड़ित इलाकों की स्थिति में सुधार हो रहा है। बाँध से पानी छोड़ना बंद होने के कारण बाढ़ का पानी निकल गया है और इससे कोल्हापुर की स्थिति भी सुधरी है। लेकिन, सांगली और सातारा के कुछ हिस्सों में अभी भी पानी भरा हुआ है। इसी बीच मौसम विभाग ने राज्य के कोंकण और मध्य महाराष्ट्र के पहाड़ी इलाकों में अगले तीन दिन मूसलाधार बारिश होने का अनुमान व्यक्त किया है। इसलिए बाढ़ का संकट अभी पूरी तरह से खत्म नहीं हुआ है और ऐसे में सतर्कता बरतने का इशारा दिया गया है।

महाराष्ट्र में बीते हफ्ते हुई भारी वर्षा की वजह से कोंकण और पश्‍चिम महाराष्ट्र के कई ठिकानों पर बाढ़ की स्थिति निर्माण हुई थी। अब इस स्थिति से कुछ हद तक राहत मिली है। लेकिन, अभी भी भारी बारिश का खतरा बना हुआ है। 

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महाराष्ट्र में दो दिन हुई बारिश में सौ से अधिक लोगों की मौत – भूस्खलन होने से महाड़ के तलीये गांव में हाहाकार

महाराष्ट्र में दो दिन हुई बारिश में सौ से अधिक लोगों की मौतमुंबई – महाराष्ट्र में कोंकण क्षेत्र के तटीय जिले एवं पश्‍चिमी महाराष्ट्र में हुई भारी बारिश ने हाहाकार मचाया है। बीते दो दिनों में भूस्खलन होने से एवं बाढ़ के पानी में बह जाने के अलावा बारिश में हुए अन्य हादसों में करीबन १०० से अधिक लोग मारे गए हैं। लेकिन, इन मृतकों की संख्या डेढ़ सौ से अधिक होने का ड़र जताया जा रहा है। महाड़ के तलीये गांव में हुई भूस्खलन की घटना के बाद मलबे के नीचे दबे अब तक ४८ लोगों के शव बाहर निकाले गए हैं। वहां पर कुल ४७ लोग अब तक लापता बताए जा रहे हैं। इसके अलावा राज्य में बाढ़ की स्थिति के कारण ९० हज़ार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया गया है।

महाराष्ट्र के कुछ जिलों में बीते हफ्ते से जोरदार बारिश हो रही है। खास तौर पर घाट के ऊपरी क्षेत्र एवं कोंकण इलाके के जिलों में भारी बारिश हुई है और इसकी वजह से नदियाँ, नहरें उफान पर हैं। तीन दिनों से कोयना नदी पर बने हुए कोलकेवाड़ी बाँध से भी पानी छोड़ा गया है और इससे चिपलुन में गंभीर स्थिति निर्माण हुई। महाड़ में सावित्री, अम्बा, कुंड़लिका, पातालगंगा जैसी नदियों से हुई बाढ़ की स्थिति ने भारी तबाही मचाई है। कोंकण और पश्‍चिम महाराष्ट्र में भूस्खलन की घटनाएँ हुई हैं। इनमें से पांच बड़ी घटनाओं में १०० से अधिक लोग मारे जाने से तीव्र शोक व्यक्त किया जा रहा है।

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इस वर्ष महाराष्ट्र के १३ ठिकानों पर हुई बादल फटने की घटना – रत्नागिरी जिले में सबसे अधिक बारिश दर्ज़

इस वर्ष महाराष्ट्र के १३ ठिकानों पर हुई बादल फटने की घटनामुंबई – इस वर्ष समय पर शुरू हुई बारिश कुछ समय तक बंद होने के बाद जुलाई के दूसरे हफ्ते में फिर से शुरू हुई है। इसके बाद राज्य के कई ठिकानों पर रिकार्ड बारिश हुई है। बीते हफ्ते से पूरे कोंकण क्षेत्र में भारी वर्षा हुई है।

मौसम विभाग ने साझा की हुई जानकारी के अनुसार इस बार राज्य में हुई बारिश ने कई रिकार्ड दर्ज़ किए हैं। खास तौर पर रत्नागिरी जिले में बारिश ने कई रिकार्ड तोड़ दिए हैं और मेघालय के चेरापुंजी के बाद सबसे ज्यादा बारिश रत्नागिरी में हुई है। साथ ही राज्य के १३ ठिकानों पर बादल फटने की घटनाएँ होने की जानकारी मौसम विभाग ने प्रदान की।

इस वर्ष रत्नागिरी जिले में हुई बारिश ने सभी कीर्तिमान तोड़ दिए हैं। हर साल महाराष्ट्र में सबसे अधिक बारिश महाबलेश्‍वर में होती है। लेकिन, इस वर्ष महाबलेश्‍वर को पीछे छोड़कर देश में सबसे ज्यादा बारिश वाला दूसरा स्थान रत्नागिरी बना है। रत्नागिरी में २१ जुलाई तक १,२०० एमएम से अधिक बारिश हुई है।

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