Hindi Pravachan

आत्मयोग्यता

मेरी बुद्धि में ही कुछ खोट है, मेरे पास बुद्धि ही कम है, यह कहकर अकसर मानव स्वयं को कोसते रहता है l भगवान ने सभी मानवों को एकसमान बुद्धि का वरदान दिया है, मानव उसका उपयोग कर अभ्यास के साथ उसे कितना बढाता है, इस बात पर ही उसका बुद्ध्यंक (Intelligence Quotient) निश्चित होता है l मानव के बुद्ध्यंक के बारे में परम पूज्य सद्‌गुरु श्री अनिरुद्ध बापु ने

आत्मयोग्यता

महज परमार्थ में ही नहीं बल्कि जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में सफल बनने के लिए आत्मयोग्यता और आत्मविश्वास का होना आवश्यक है l आत्मयोग्यता बढाने से आत्मविश्वास बढता है और आत्मयोग्यता बढाने के लिए सद्‍गुरुतत्त्व की भक्ति करना यह राजमार्ग है l आत्मयोग्यता को बढाने के संदर्भ में परम पूज्य सद्‌गुरु श्री अनिरुद्ध बापु ने गुरूवार ०१ मई २०१४ के हिंदी के प्रवचन में, मार्गदर्शन किया, जो आप इस व्हिडियो

विश्वास ही सब कुछ है (Faith is everything) - Aniruddha Bapu Hindi Discourse 1 May 2014

सद्‍गुरुतत्त्व पर श्रद्धावान का विश्वास कितना है, इस बात पर ही उसका जीवनविकास निर्भर करता है l जो भी माँगना है, वह सद्‍गुरु से ही माँगना चाहिए l परंतु कुछ माँगने पर भी यदि मेरे साईनाथ ने मुझे वह नहीं दिया तो कोई भी मुझे वह नहीं दे सकता और मैं मेरे साईनाथ के अलावा किसी और से वह स्वीकार भी नहीं करूँगा ऐसा विश्वास श्रद्धावान के मन में रहना