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अनिरुद्ध भजन म्युझिक ॲप के रेडिओ पर विविध स्तोत्र और मंत्रों का ऑडियो प्रक्षेपण

हरि ॐ, सभी श्रद्धावानों को यह जानकारी देने में बहुत खुशी हो रही है कि आज सुबह ११.०० बजे से अनिरुद्ध भजन म्युझिक ॲप के रेडिओ के माध्यम से तथा नीचे दिए हुए वेबसाईट पर विविध स्तोत्र और मंत्रों का ऑडियो स्वरूप में प्रक्षेपण होने वाला है I नित्य उपासना का समय छोडकर यह प्रक्षेपण आगे आने वाले काल में भी २४ x ७ अखंड शुरू रहेगा इस पर सभी

Aniruddha TV

हरि ॐ, हर साल चैत्र नवरात्रि (शुभंकरा नवरात्रि) तथा आश्विन नवरात्रि (अशुभनाशिनी नवरात्रि) इन दोनों मंगलमय उत्सवों के दौरान श्रीअनिरुद्ध गुरुक्षेत्रम्‌ में नवरात्रि उत्सव बहुत ही हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। पहले दिन भोर में इस उत्सव का शुभारंभ गुरुक्षेत्रम्‌ में स्थित माता श्रीशिवगंगागौरी के मंगलस्नानम्‌ विधि से होता है और उसके बाद मोठी आई महिषासुरमर्दिनी के हाथ में पहनाये जानेवाले आभूषणों (तोडे – बड़े कंगन) के साथ गुरुक्षेत्रम्‌

Matruvatsalyavindanam

Hari Om, Every year, during Navratri, a large number of Shraddhavans read the ‘Matruvatsalyavindanam’ granth authored by Sadguru Shree Aniruddha Bapu and perform Parayan as well. Many also read the ‘Matruvatsalya Upanishad’. This year too, for the Ashubhanashini Navratri (Ashwin Navratri) we have made these granthas available in the form of ebooks through various eBook stores viz., Amazon Kindle, Apple Books, Nook eReader, Kobo eReader, Scribd, Vivlio, etc. For the

आश्विन नवरात्रि उत्सव (अशुभनाशिनी नवरात्रि उत्सव) के संदर्भ में सूचना

हरि ॐ, कोरोना वायरस, “कोविद – १९” की व्यापकता का अंदाज़ा सभी श्रद्धावानों को है ही। आज के इस दौर में श्रीअनिरुद्ध गुरुक्षेत्रम्‌ बंद होकर, आनेवाली आश्विन नवरात्रि में भी वह बंद ही रहेगा और नवरात्रि का कोई भी कार्यक्रम गुरुक्षेत्रम्‌ में नहीं होगा, इसपर कृपया सभी श्रद्धावान ग़ौर करें। इस पृष्ठभूमि पर, सद्‍गुरु बापुजी के कहेनुसार, श्रद्धावान इस साल आश्विन नवरात्रि उत्सव (अशुभनाशिनी नवरात्रि उत्सव) में “अंबज्ञ इष्टिका पूजन”

श्रीहनुमानचलिसा पठणासंदर्भात सूचना व शंकानिरसन

हरि ॐ, आपल्या संस्थेने दि. २१ ते २७ सप्टेंबर ह्या आठवडाभराकरिता श्रीहनुमानचलिसा पठणाचे ऑनलाईन पद्धतीने आयोजन केले आहे, हे आपणा सर्वांना माहीतच आहे. ह्या पठणाबाबत काही श्रद्धावानांनी काही शंका उपस्थित केल्या. त्या शंकांच्या निरसनाकरिता पुढील स्पष्टीकरण व काही सूचना देत आहे : १. हे पठण भारतीय प्रमाणवेळेनुसार (IST) सकाळी ८.०० वाजता सुरू होईल व भारतीय प्रमाणवेळेनुसार सायंकाळी ८.१५ पर्यंत सुरू राहील. मंगळवार, गुरुवार व शनिवारी (२२, २४ व २६ सप्टेंबर

नित्य उपासनेसंबंधी सूचना

हरि ॐ, सोमवार, दि. २१ सप्टेंबर ते रविवार, दि. २७ सप्टेंबर २०२० पर्यंत सकाळी ८.०० वाजल्यापासून रात्री ८.१५ वाजेपर्यंत दरवर्षीप्रमाणे “हनुमान चलिसा पठण” ह्या विशेष उपासनेचे आयोजन करण्यात आले आहे ह्याची सर्व श्रद्धावानांना पूर्वकल्पना आहेच. त्यामुळे ह्या काळात दररोज संध्याकाळी ८.०० वाजता होणारी नित्य उपासना होणार नाही ह्याची सर्व श्रद्धावानांनी कृपया नोंद घ्यावी. कोणीही श्रद्धावान त्याला जसे व जेवढा वेळ जमेल त्यानुसार ह्या विशेष उपासनेत सहभागी होऊ शकतो. तसेच भारताबाहेरील

सद्गुरु बापूजी के घर के गणेशोत्सव संबंधी सूचना

हरि ॐ, हर वर्ष सद्गुरु बापूजी के घर पर ढाई दिन का गणेशोत्सव बडे हर्षोल्लास से भक्तिमय वातावरण में मनाया जाता है तथा कई श्रद्धावान बापूजी के घर पर गणेशजी के दर्शन के लिए मनोभाव से, बडी संख्या में आते हैं। परंतु इस वर्ष कोविड-१९ की भीषण परिस्थिति के कारण, इच्छा होते हुए भी, किसी भी व्यक्ति के लिए गणेशजी के दर्शन खुले नहीं होंगे, कृपया सभी इस बात पर

गणेशोत्सव में गणपती की मूर्तियों संबंधी सूचना

हरि ॐ, कई श्रद्धावान यह पूछ रहे हैं कि क्या इस साल के गणेशोत्सव के लिए “इको फ्रेंडली” गणपति की मूर्तियाँ उपलब्ध करा दी जानेवालीं हैं। लेकिन फिलहाल सर्वत्र फ़ैले हुए कोरोना वायरस (कोविद-१९) के संकट के कारण, इस साल संस्था की ओर से इको फ्रेंडली गणपति मूर्तियाँ उपलब्ध नहीं करा दी जा सकतीं, इसपर श्रद्धावान कृपया ग़ौर करें। यदि इको फ्रेंडली गणपति की मूर्ति ना मिलें, तो शाडू की

चरणसंवाहन - भाग २ (Serving the Lord’s feet - Part 2)

सद्‍गुरु श्री अनिरुद्धजी ने १५ अप्रैल २०१० के पितृवचनम् में ‘चरणसंवाहन’ के बारे में बताया। अपनी दोनों हाथों से भगवान के, सद्‍गुरु की चरण संवाहना करो। हेमाडपंतजी हमें पूरे दिल से कह रहे हैं कि भाई, अभिवंदना करो और चरणसंवाहन कैसे करो? अभिसंवाहन करो। उसके पैर की जब हम सेवा करते हैं, चरणों की सेवा करते हैं, फोटों में, तसबीर में, मूर्ती में जो भी हैं तो वही है ये

Ghorkashtodharan-Pathan

हरि ॐ, हर साल संस्था द्वारा पूरे श्रावण महीने में घोरकष्टोद्धरण स्तोत्र पठन का कार्यक्रम आयोजित किया जाता है। इस साल कोरोना वायरस, “कोविद – १९” महामारी के गंभीर हालातों के कारण यह कार्यक्रम आयोजित नहीं किया जा सकता। श्रद्धावानों की इस मुश्किल को मद्देनज़र रखते हुए, संस्था द्वारा (पिछले कुछ सालों के रेकॉर्डिंग का इस्तेमाल करके) इस पठन का लाभ उठाने का प्रबन्ध किया गया है। श्रद्धावान श्रावण महीने