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अमरीका और चीन के बीच बढता तनाव

अमरीका-चीन के बीच जारी तनाव के कारण नया शीतयुद्ध शुरू होगा – अमरिकी कुटनीतिज्ञ हेन्री किसिंजर वॉशिंग्टन – अमरीका और चीन के बीच निर्माण हुआ तनाव विश्‍व की सबसे बड़ी समस्या साबित होती है। इस समस्या का हल निकालना संभव नहीं हुआ तो इससे पूरे विश्‍व के लिए खतरा निर्माण होगा। क्योंकि, यह तनाव कम करने में नाकामी हासिल हुई तो अमरीका और चीन के बीच अलग तरह का शीतयुद्ध

भगवान पर आपका भरोसा जितना बढ़ता है, उतना आपका आत्मविश्वास बढ़ता है    

सद्‍गुरु श्री अनिरुद्धजी ने ०७ अप्रैल २००५ के पितृवचनम् में ‘भगवान पर आपका भरोसा जितना बढ़ता है, उतना आपका आत्मविश्वास बढ़ता है’ इस बारे में बताया। राधाजी के पास जितना आत्मविश्वास है, उतना किसी के भी पास नहीं होता। उनके पास सबसे ज्यादा आत्मविश्वास होता है। क्योंकि आत्मविश्वास ये उतना ही होता है, किसीके भी पास, जितनी उसके पास भक्ति होती है। अगर मेरे पास आत्मविश्वास कम है, इसका मतलब

इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सैनिकी गतिविधियां तेज

अमरीका इंडो-पैसिफिक की तैनाती बरकरार रखेगी – राष्ट्राध्यक्ष ज्यो बायडेन का ऐलान वॉशिंग्टन – इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में की गई तैनाती अमरीका बरकरार रखेगी। यह तैनाती इस क्षेत्र के संघर्ष के लिए नहीं है, बल्कि संघर्ष टालने के लिए है। ऐसा ऐलान अमरीका के राष्ट्राध्यक्ष ज्यो बायडेन ने किया। चीन के राष्ट्राध्यक्ष जिनपिंग को हमने अमरीका की इस नीति की पूरी जानकारी प्रदान की है, यह बात बायडेन ने स्पष्ट की।

Jovari hya dehi shwaas, nija karyaas sadhuni ghyaa !

– Sushamveera Sarnaik, Marol   While he delivers his discourses, Parampujya Sadguru Aniruddha Bapu asks us to follow certain things.  Each of his endeavours for his devotees is for the present and for forming a secure cover for the future. He, who understands this, follows his teachings and tends to be happy. Then an ailment, even if it has erupted all of a sudden, tends to wane away in no time without anyone’s knowledge.      I bow

जराहरता

सद्‍गुरु श्री अनिरुद्धजी ने २४ फरवरी २००५ के पितृवचनम् में ‘जराहरता (Jaraharata)’ इस बारे में बताया। हम लोग सभी यह स्टोरी जानते हैं महाभारत की, जरासंध की, कि जरासंध जब पैदा हुआ तब ऋषिओं ने आकर कहा कि, ‘ये सारे मानवजाति के लिए बहुत खराब बात है।’ तो उसे, टुकड़े करके दो फेंक दिए थे। ‘जरा’ नाम की राक्षसी आकर उन्हें सांधती थी। तभी इसी लिए सांधने के बाद, बार

अमरीका की अफगाणिस्तान से सेनावापसी की घोषणा और भारत

अफ़गानिस्तान में उद्देश्‍य पूरा होने का बयान करके अमरीका के राष्ट्राध्यक्ष ने किया सेना की वापसी का ऐलान वॉशिंग्टन/काबुल – ‘अफ़गानिस्तान की एकजुट के लिए अमरीका ने अपने सैनिक इस देश में तैनात नहीं किए थे। ओसामा बिन लादेन को खत्म करना और अफ़गानिस्तान में स्थित आतंकियों के आश्रय स्थान नष्ट करना, इन दोनों उद्देश्‍यों के लिए अमरीका की सेना ने अफ़गानिस्तान में कदम रखा था। यह दोनों उद्देश्‍य प्राप्त

क्षीरसागर का मन्थन- भाग २

सद्‍गुरु श्री अनिरुद्धजी ने २४ फरवरी २००५ के पितृवचनम् में ‘क्षीरसागर का मन्थन’ इस बारे में बताया। अगर जो भी इन्सान अपनी जिंदगी में अमृतमंथन करना चाहता है, तो उसे पहली बात आवश्यक यह है कि पहले जान ले, तो पहली चीज़ है – ‘ज्ञानं’। ज्ञान, कौन सा ज्ञान, कौन सा ज्ञान? बड़ा ज्ञान नहीं, ब्रह्म-माया वाला ज्ञान नहीं, तो यही ज्ञान, यही जानना कि मेरे पास, मेरे खुद के

ईरान और इस्रायल के बीच अघोषित युद्ध की तीव्रता बढ़ रही है

ईरान-इस्रायल के बीच अघोषित युद्ध की तीव्रता बढ़ रही है – आन्तर्राष्ट्रीय माध्यमों की चिंता दुबई – पाँच दिन पहले ‘रेड सी’ के क्षेत्र में ईरान के रिव्होल्युशनरी गार्ड्स का तैरता अड्डा होनेवाले ‘एमव्ही साविझ’ जहाज पर हमला हुआ। इस एक घटना के कारण, पिछले कुछ सालों से खाड़ी क्षेत्र में ईरान और इस्रायल के बीच जारी अघोषित छुपा युद्ध अब भड़कने लगा है। आनेवाले समय में इन दोनों देशों