Samirsinh Dattopadhye

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Iran is looting US through cyber-attacks, claims a US cyber-security company Tehran/Washington: Iran, who threatened an unconventional war in retaliation to the sanctions imposed by the United States is realising its threat through cyber-attacks. The US cybersecurity group has exposed this information and has warned that Iranian hackers are attacking the US companies for financial gains. US cybersecurity experts and former officials have said that the Iranian cyber-attacks have intensified,

साईनाथ अपने भक्त को अपने समीप खींच लेते हैं  (Sainath pulls His devotee closer to him)

सद्‍गुरु श्री अनिरुद्ध बापू ने २७ मार्च २०१४ के प्रवचन में ‘साईनाथ अपने भक्त को अपने समीप खींच लेते हैं’ इस बारे में बताया। हम मंदिर में जाते हैं, जरुर! ये इच्छा कैसे उत्पन्न हुई? बाबा की इच्छा ना हो, बाबा के मंदिर में या बाबा के पास, कभी नहीं जा सकते, ये पूरा भरोसा रखो। बाबा ने सौ बार बोला है साईचरित्र में कि मेरी इच्छा के बिना कोई

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अमरिका के प्रतिबंधों का निषेध करने के लिए ईरान रशिया से संवर्धित युरेनियम प्राप्त करेगा – ईरान के परमाणु ऊर्जा के संगठन के उपप्रमुख की घोषणा तेहरान/मॉस्को – अमरिका ने लगाए कठोर प्रतिबंधों का निषेध करने के लिए ईरान ने परमाणु कार्यक्रम की गति बढाने के लिए कदम उठाए हैं। इसके लिए ईरान ने रशिया को सौंपा हुआ संवर्धित युरेनियम का भंडार वापस लेने की घोषणा की है। ईरान ने संवर्धित

त्रिविक्रमाची १८ वचने (मराठी)

दत्तगुरुकृपे मी सर्वसमर्थ तत्पर । श्रद्धावानास देईन सदैव आधार ॥१॥ मी तुम्हांसी सहाय्य करीन निश्‍चित । मात्र माझे मार्ग त्रि-नाथांसीच ज्ञात ॥२॥ धरू नका जराही संशय याबाबत । न होऊ देईन तुमचा मी घात ॥३॥ प्रेमळ भक्ताचिया जीवनात । नाही मी पापे शोधीत बसत ॥४॥ माझिया एका दृष्टिपातात । भक्त होईल पापरहित ॥५॥ माझ्यावरी ज्याचा पूर्ण विश्‍वास । त्याच्या चुका दुरुस्त करीन खास ॥६॥  तैसेचि माझ्या भक्तां जो देई त्रास

त्रिविक्रम के १८ वचन (हिन्दी)

दत्तगुरुकृपा से मैं सर्वसमर्थ तत्पर । श्रद्धावान को दूँगा सदैव आधार ॥१॥ मैं तुम्हारी सहायता करूँगा निश्‍चित । परन्तु मेरे मार्ग त्रि-नाथों को ही है ज्ञात ॥२॥ मत करना इस विषय में संदेह बिलकुल भी । न होने दूँगा घात तुम्हारा मैं कभी भी ॥३॥ प्रेमल भक्त के जीवन में । नहीं ढूँढ़ने बैठता हूँ पाप मैं ॥४॥ हो जाते ही मेरा एक दृष्टिपात । भक्त बन जायेगा पापरहित ॥५॥

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  Experience Of Kumaran   An ordinary Shraddhavan who dreamt of getting a job in an organization. Such a simple aim! However, the situation was entirely against him. He had no experience for the type of work he would be expected to do, for the role that he had applied. Moreover, his previous experience was utterly irrelevant for the new job. The other candidates who had come for the interview

महादुर्गेश्वर प्रपत्तीसंबंधित माहिती

महादुर्गेश्वर प्रपत्तीच्या मांडणीमध्ये प्रपत्ती करणारे पुरुष श्रद्धावान चौरंगावर श्रीचण्डिकाकुलाची तसबीर  ठेवून त्या तसबिरीसमोर श्रीत्रिविक्रमाची तसबीर अथवा मूर्ती ठेवतात. अनेक श्रद्धावानांकडून प्रपत्तीसंबंधात एक विचारणा झाली होती की महादुर्गेश्वर प्रपत्तीत श्री महादुर्गेश्वराची तसबीर किंवा मूर्ती कुठे दिसत नाही. सद्गुरु श्री अनिरुद्धांनी श्रीचण्डिकाकुल तसबिरीच्या उद्घाटनाच्या वेळी, तसेच सद्गुरुंच्या श्रीस्वस्तिक्षेम तपश्चर्येच्या वेळी याविषयी मार्गदर्शन केले होते. सद्गुरुंनी दिलेली माहिती पुढीलप्रमाणे आहे- ‘श्रीचण्डिकाकुलाच्या तसबिरीत श्रीहनुमन्तापुढे विराजमान असणारे ‘शिवलिंग’ हे हनुमन्ताचे ‘आत्मलिंग’ अर्थात् श्रीमहादुर्गेश्वरच आहे.’ सद्गुरुंच्या

महादुर्गेश्वर प्रपत्तिसंबंधित जानकारी

महादुर्गेश्वर प्रपत्ति की रचना में प्रपत्ति करने वाले पुरुष श्रद्धावान चौकी पर श्रीचण्डिकाकुल की तसवीर रखकर उस तसवीर के सामने श्रीत्रिविक्रम की तसवीर अथवा मूर्ति रखते हैं। अनेक श्रद्धावानों से प्रपत्ति के संदर्भ में एक प्रश्न पूछा गया कि महादुर्गेश्वर प्रपत्ति में श्री महादुर्गेश्वर की तसवीर या मूर्ति कहीं पर दिखायी नहीं देती। सद्गुरु श्री अनिरुद्ध ने श्रीचण्डिकाकुल तसवीर के उद्घाटन के समय, तथा सद्गुरु की श्रीस्वस्तिक्षेम तपश्चर्या के समय

Online / Digital Ramnaam Book

‘Online / Digital Ramnaam Book’ Exactly thirteen years ago, in August 2005, Sadguru Shree Aniruddha (Param Poojya Bapu) had launched Aniruddha’s Universal Bank of Ramnaam.  A unique bank established to bring happiness and peace to the lives of Shraddhavans and to help them strengthen themselves to challenge their problems and change their destiny, has come up with a unique gift.  Aniruddha’s Universal Bank of Ramnaam is happy to inform all

ऑनलाईन/डिजिटल रामनाम वही

ठीक तेरह साल पहले अगस्त २००५ में, सद्गुरु श्रीअनिरुद्ध (परमपूज्य बापू) ने “अनिरुद्धाज् युनिवर्सल बँक ऑफ रामनाम” का शुभारंभ किया। श्रद्धावानों को प्रारब्ध से लड़ने की ताकत प्राप्त होकर, जीवन की समस्याओं को मात देने के लिए सहायता मिलें और उनके जीवन में सुखशांति क़ायम हों, इस हेतु से स्थापन हुआ यह अनोखा बँक अब श्रद्धावानों के लिए एक बेहतरीन उपहार लेकर आया है और वह है – ‘ऑनलाईन/डिजिटल रामनाम