Samirsinh Dattopadhye

श्रीत्रिविक्रम भक्तिभाव चैतन्य का सहज, सुंदर और उत्स्फूर्त आविष्कार

स्वयंभगवान श्रीत्रिविक्रम के सार्वभौम मंत्रगजर के कारण हमारे मन में भक्तिभाव चैतन्य सहजता से प्रवाहित होता है। सद्गुरु श्रीअनिरुद्धजी ने हमें इस गजर के ताल पर डोलने के लिए कहा है। इस व्हिडियो में दिखायी देनेवाले इस बालक का सहज प्रतिसाद (Natural Reaction), यह उस मंत्रगजर के साथ डोलने का है। उसे डोलने के लिए कहा नहीं गया था। इसीसे यह स्पष्ट होता है कि बापू के कहेनुसार हर एक

श्री अनिरुद्ध गुरुक्षेत्रम्‌ गणेशोत्सव २०१८

हरि ॐ, श्री गणेश पूजन और स्थापना का आमंत्रण हर साल की तरह इस साल भी सद्‍गुरु श्रीअनिरुद्धजी के घर श्रीगणेशजी का आगमन होगा। इस गणेशोत्सव में शामील होने का न्योता बापू परिवार की ओर से सब श्रद्धावानोंको गुरुवार दिनांक ०६ सितंबर २०१८ को श्रीहरिगुरुग्राम मे दिया गया है। दर्शन का समय – गुरुवार – १३ सितंबर २०१८ – सवेरे ११:०० बजे से रात ०९:०० बजे तक शुक्रवार – १४

त्रिविक्रम मठ स्थापना

माता जगदंबा और सद्‍गुरु श्रीअनिरुद्ध के कृपाशीर्वाद से, श्रावणी सोमवार के मंगल दिन, यानी दिनांक ३ सितम्बर २०१८ को, पुणे तथा वडोदरा में स्थापित होनेवाले त्रिविक्रम मठों के लिए शंख, ताम्हन, पीतांबर, तीर्थपात्र एवं तसवीरें श्रीअनिरुद्ध गुरुक्षेत्रम्‌ में प्रदान की गयीं। अत्यंत भक्तिमय, प्रसन्न और हर्षोल्लासपूर्ण वातावरण में, संस्था के महाधर्मवर्मन डॉ. योगींद्रसिंह तथा डॉ. विशाखावीरा जोशी के हाथों, ये आध्यात्मिक चीज़ें त्रिविक्रम मठ के लिए श्रद्धावानों को सुपुर्द की

त्रिविक्रम मठ स्थापना

आई जगदंबा व सद्‍गुरु श्रीअनिरुद्धांच्या कृपाशिर्वादाने, श्रावणी सोमवारच्या मंगल दिनी, म्हणजेच दिनांक ३ सप्टेंबर २०१८ रोजी, पुणे व वडोदरा येथे स्थापन होणार्‍या त्रिविक्रम मठासाठी शंख, ताम्हन, पीतांबर, तीर्थपात्र व तसबिरी श्रीअनिरुद्ध गुरुक्षेत्रम्‌ येथून देण्यात आल्या. अत्यंत भक्तिमय, प्रसन्न व जल्लोषपूर्ण वातावरणात, संस्थेचे महाधर्मवर्मन डॉ. योगींद्रसिंह व डॉ. विशाखावीरा जोशी यांच्या हस्ते या आध्यात्मिक गोष्टी त्रिविक्रम मठासाठी श्रद्धावानांकडे सुपूर्द करण्यात आल्या. ह्या सोहळ्यादरम्यान पुण्याहून सुमारे ६५ श्रद्धावान व वडोदरा येथून सुमारे

पुणे एवं वडोदरा में त्रिविक्रम मठ की स्थापना

हरि ॐ, माँ जगदंबा तथा सद्गुरु श्रीअनिरुद्धजी के कृपाशिर्वाद से गुरुवार दिनांक ६ सितम्बर २०१८ को पुणे एवं वडोदरा में त्रिविक्रम मठ की स्थापना की गयी। स्थापना के समय की गयी प्रार्थना में, मंगलाचरण, श्रीगुरुक्षेत्रम् मंत्र, श्रीरामरक्षा स्तोत्र, श्रीआदिमाता शुभंकरा स्तवनम्, त्रिविक्रम ध्यानमंत्र एवं त्रिविक्रम स्तोत्र, त्रिविक्रम के १८ वचन और त्रिविक्रम का सार्वभौम मंत्रगजर किया गया। उसके पश्चात् उपस्थित श्रद्धावानों ने ‘अनिरुद्ध भक्तिभाव चैतन्य’ को अनुभव करते हुए विभिन्न

पाकिस्तान पुरस्कृत आतंकवाद रोकने के लिए भारत और अमरीका के प्रयास

  ३० करोड़ डॉलर्स की लष्करी सहायता रद्द करने का निर्णय लेकर – अमरिका का पाकिस्तान को और एक झटका वॉशिंगटन: तालिबान का ‘हक्कानी गुट’ और ‘लष्कर ए तोयबा’ जैसे आतंकवादी संगठनों पर निर्णायक कार्रवाई के लिए देर लगाने वाले पाकिस्तान को अमरिका ने और एक झटका दिया है। अमरिका का रक्षा विभाग पेंटागन ने पाकिस्तान को दी जाने वालो ३० करोड़ डॉलर्स की सहायता को रद्द कि है। इसके

Economic uncertainty grips global economy

The motive behind the economic crisis is to target Turkey; a fresh accusation of Recep Erdogan Ankara: Turkish President, Recep Erdogan appealed to the Turkish people to courageously face the economic crisis saying, ‘If the Turkish people show any vulnerability or indicate that the situation is weak, the enemies of Turkey will attack the country like vultures. Some people think that the target of these attacks is Erdogan, but one

त्रिविक्रम मठ के लिए दी गई वस्तुओंकी तस्वीरें

माता जगदंबा और सद्‍गुरु श्रीअनिरुद्ध के कृपाशीर्वाद से, आज श्रावणी सोमवार के मंगल दिन, यानी दिनांक ३ सितम्बर २०१८ को, पुणे तथा वडोदरा में स्थापित होनेवाले त्रिविक्रम मठों के लिए शंख, ताम्हन, पीतांबर, तीर्थपात्र एवं तसवीरें श्रीअनिरुद्ध गुरुक्षेत्रम्‌ में प्रदान की गयीं। अत्यंत भक्तिमय, प्रसन्न और हर्षोल्लासपूर्ण वातावरण में, संस्था के महाधर्मवर्मन डॉ. योगींद्रसिंह तथा डॉ. विशाखावीरा जोशी के हाथों, ये आध्यात्मिक चीज़ें त्रिविक्रम मठ के लिए श्रद्धावानों को सुपुर्द

Alpha to Omega Newsletter - August 2018

  August 2018 From the Editor’s Desk Hari Om Friend, The celebration of Ashadi Ekadashi marks the beginning of the time of the year when there is a spree of festivities. It is also the time when the month of Aashad gives a golden opportunity to everybody to rejuvenate their faith and express their utmost respect and affection towards their Guru on the occasion of Gurupournima. Every year, Shraddhavans from