खाड़ी क्षेत्र से जुडी गतिविधियां

राक और सिरिया में लष्करी कार्रवाई तीव्र करने का तुर्की का फ़ैसला – तुर्की की संसद की मंजुरी

गतिविधियां

अंकारा – जल्द ही सिरिया और इराक में सेना की घुसपैंठ करवाकर लष्करी कार्रवाई तीव्र करने की घोषणा तुर्की के राष्ट्राध्यक्ष रेसेप तय्यीप एर्दोगन ने की थी। मंगलवार को तुर्की की संसद ने एर्दोगन के इस फैसले को मंजुरी दी। इससे अगले दो साल एर्दोगन सिरिया और इराक में हमले करवा सकते हैं। लेकिन ऐसी कार्रवाई की आवश्यकता ही क्या है, ऐसा सवाल तुर्की की प्रमुख विरोधी पार्टी पूछ रही है।

सन २०१३ से तुर्की ने आईएस विरोधी कार्रवाई का बहाना बनाकर अपने पड़ोसी देशों में लष्कर की घुसपैंठ कराई है। सिरिया में तुर्की के लष्कर ने अड्डे बनाए होकर, इराक में तुर्की ने हवाई हमले किए थे। हर साल सिरिया और इराक में की इस सेनातैनाती को तुर्की की संसद द्वारा सालभर की अवधि बढ़ा दी जाती है। लेकिन इस बार तुर्की की संसद ने, दो सालों के लिए तुर्की का लष्कर सिरिया-इराक में तैनात होगा ऐसा घोषित किया।

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ईरान के लिए अवसर की खिड़की हमेशा के लिए खुली नहीं रहेगी – अमरीका के ईरान संबंधित दूत की चेतावनी

खाड़ी क्षेत्र

वॉशिंग्टन/वियना – ईरान नातांज़ परमाणु प्रकल्प में युरेनियम का संवर्धन चिंताजनक स्तर तक बढ़ा रहा है। अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा आयोग ने इसपर गंभीर चिंता व्यक्त की थी। इसके कुछ ही घंटे बाद अमरीका ने ईरान को चेतावनी दी है। बातचीत के माध्यम से, वर्ष २०१५ में किए परमाणु समझौते में फिर से शामिल होने के लिए ईरान को उपलब्ध करा दी गई अवसर की खिड़की हमेशा के लिए खुली नहीं रहेगी, यह चेतावनी अमरीका के विशेषदूत रॉबर्ट मैली ने दी।

अवसर की खिड़कीविश्‍वभर में जारी परमाणु गतिविधियों पर नज़र रखनेवाले अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा आयोग ने दो दिन पहले ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर कुछ चौकानेवाली जानकारी जारी की थी। ईरान के परमाणु प्रकल्प में युरेनियम के संवर्धन ने निर्धारित स्तर कभी का पार किया है। अब उससे कई ज्यादा आगे जाकर ईरान युरेनियम का संवर्धन कर रहा है और यह बड़ी चिंताजनक बात बनती है, ऐसा इशारा परमाणु ऊर्जा आयोग ने दिया है। इसका गंभीर संज्ञान लेकर परमाणु ऊर्जा आयोग ने नातांज़ प्रकल्प की निगरानी बढ़ाने का ऐलान किया।  

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यमन में तीन दिन में २६० हाउथी बागियों की मृत्यु – सऊदी अरब का दावा

रियाध/सना – सऊदी अरब तथा अरब मित्र देशों के मोरचे ने पिछले तीन दिनों में यह मन में यह हमले में २६० से अधिक हाउथी बागी मार गिराए होने का दावा किया। इनमें से १०५ बागी चौबीस घंटों में मारे गए । वहीं पिछले दो हफ्तों में लगभग १,७०० हाउथी बागियों को खत्म किया गया है, ऐसा सऊदी तथा मित्र देशों के मोरचे ने घोषित किया।

यमन के ईंधनसंपन्न मरीब इस उत्तरी प्रांत के लिए यह संघर्ष जारी है। पिछले आठ महीनों से हाउथी बागी मरीब पर कब्ज़ा करने के लिए ज़ोरदार हमले कर रहे हैं। इसके लिए हाउथी बागियों ने टैंक्स, तोपें, ड्रोन्स तथा क्षेपणास्त्रों का इस्तेमाल किया था। यमनी लष्कर ने अब तक हाउथी बागियों के इन हमलों को रोकते हुए मरीब पर अपना कब्ज़ा क़ायम रखा था। लेकिन बागियों के हमले तीव्र होते समय, पिछले कुछ हफ्तों से सऊदी अरब तथा अरब मित्र देश यमनी सरकार के पक्ष में मरीब के संघर्ष में उतरे हैं।

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ईरान के गैस स्टेशन्स पर बड़ा साइबर हमला

तेहरान – मंगलवार को ईरान के गैस स्टेशन्स पर अब तक का सबसे बड़ा साइबर हमला हुआ। इस कारण ईरान के गैस स्टेशन्स पर गाड़ियों की लंबी कतारें लगीं थीं। इन साइबर हमलों की ज़िम्मेदारी का स्वीकार अभी तक किसी ने नहीं किया है। लेकिन इस प्रकार के साइबर हमलों के लिए ईरान ने इससे पहले इस्रायल को ज़िम्मेदार ठहराया था।

ईरान की सरकार ने अपनी जनता के लिए रियायती दरों में ईंधन तथा प्राकृतिक वायु उपलब्ध करा दिए होकर, इसके लिए ड्राइवरों को डिजिटल कार्ड प्रदान किया है। अमरीका ने ईरान पर लगाए प्रतिबंधों के बाद, ईरानी जनता इन सहूलियतों का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल कर रही है, ऐसा कहा जाता है।

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सीरिया में अमरीका के ड्रोन हमले में अल कायदा का कमांडर ढ़ेर

गतिविधियां

वॉशिंग्टन – अमरीका की सेना ने सीरिया में किए गए ड्रोन हमले में अल कायदा के वरिष्ठ कमांडर के मारे जाने का ऐलान किया हैं। इस वजह से सीरिया के साथ विश्‍वभर में अल कायदा की गतिविधियाँ प्रभावित होंगी, यह दावा अमरीका ने किया। खाड़ी क्षेत्र में स्थित अमरीका के लष्करी कमांड सेंटर ‘सेंट्रल कमांड – सेंटकॉम’ ने यह जानकारी साझा की। दो दिन पहले सीरिया में स्थित अमरीका के लष्करी अड्डे पर हमला हुआ था। इस पृष्ठभूमि पर अमरीका के इस ड्रोन हमले को देखा जा रहा है।

अल कायदा का कमांडरसीरिया के वायव्य दिशा के सुलूक शहर में शुक्रवार के दिन अमरीका के प्रिडेटर ड्रोन ने हमला किया। तुर्की की सीमा के पास इस शहर में अल कायदा का वरिष्ठ कमांडर अब्दुल हमीद अल मतार छुपा था। इस हमले में अब्दुल हमीद जगह पर ही मारा गया। इस दौरान अन्य किसी के मारे जाने की जानकारी नहीं है, यह बात अमरीका के सेंटकॉम के प्रवक्ता मेजर जॉन रिगस्बी ने कही। अल कायदा का वरिष्ठ कमांडर मारे जाने से इस आतंकी संगठन की सीरिया और विश्‍वभर की गतिविधियों में बाधा निर्माण होने का दावा रिगस्बी ने किया।

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