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रामनाम बही का कम से कम एक पन्ना प्रतिदिन लिखिए - ०२

सद्‍गुरु श्री अनिरुद्ध बापू ने २० अप्रैल २०१७ के प्रवचन में ‘रामनाम बही का कम से कम एक पन्ना प्रतिदिन लिखिए’ (Write at least one page of Ramnaam book daily – 02) इस बारे में बताया।   स्वाधिष्ठान चक्र क्या देता है? फाऊंडेशन फ़ॉर्म करता है। फाऊंडेशन यानी हिंदी में क्या कहेंगे? पाया मराठी में कहते हैं, हिंदी में? नींव रखते हैं, नींव। तो मूलाधार चक्र हर चीज की नींव

अनिरुद्ध पूर्णिमा २०१९ में अधिकृत दर्जा प्राप्त हुए केंद्रों के नाम

हरि ॐ हर साल अनिरुद्ध पूर्णिमा के पश्चात् आयोजित किये जानेवाले पादुका प्रदान समारोह में, नये से अधिकृत घोषित हुए अनिरुद्ध उपासना केंद्रों को सद्‍गुरु श्रीअनिरुद्धजी की पादुकाएँ प्रदान की जाती हैं। इस वर्ष, यानी सन २०१९ में जिन अनिरुद्ध उपासना केंद्रों को अधिकृत दर्जा प्राप्त हुआ है, उनके नाम इस प्रकार हैं –

मणिपुर चक्र और रामनाम बही (Manipur Chakra And Ramnaam Book)

सद्‍गुरु श्री अनिरुद्ध बापू ने २० अप्रैल २०१७ के प्रवचन में ‘मणिपुर चक्र और रामनाम बही (Manipur Chakra And Ramnaam Book)’ इस बारे में बताया।   ये मणिपुर चक्र जो है, ये इन्सान के लिये, मूलाधार चक्र, स्वाधिष्ठान चक्र, मणिपुर चक्र, ये बहोत, बहोत, बहोत आवश्यक हैं, इनकी उपासना होनी चाहिए। इसका मतलब ये नहीं की अनाहत चक्र, विशुद्ध चक्र और आज्ञा चक्र कुछ काम के नहीं, हैं ही काम

रामनाम बही का कम से कम एक पन्ना प्रतिदिन लिखिए

सद्‍गुरु श्री अनिरुद्ध बापू ने २० अप्रैल २०१७ के प्रवचन में ‘रामनाम बही का कम से कम एक पन्ना प्रतिदिन लिखिए (Write at least one page of Ramnaam book daily)’ इस बारे में बताया।   रामनाम बही का यही महत्व है, उस में जो नाम हैं, राम, कृष्ण जो भी दिये हुए हैं जो मंत्र, ये सब क्या करते हैं? हमारे इन तीन चक्रों की, मणिपूर चक्र, स्वाधिष्ठान चक्र, मूलाधार

रामनाम भय की नामोनिशानी मिटा देता है - भाग २

सद्‍गुरु श्री अनिरुद्ध बापू ने ४ फरवरी २०१६ के प्रवचन में ‘रामनाम भय की नामोनिशानी मिटा देता है’ इस बारे में बताया। और ये भी जान लीजिये, कोई भी भय जो है, जो शरीर के साथ जुड़ा है, उसका नाश किससे होता है? रामनाम लेने से होता है। मूलाधार चक्र, स्वाधिष्ठान चक्र और मणिपूर चक्र ये तीन चक्र प्रबल होने के कारण, सामर्थ्यवान होने के कारण इस भय का नाश होता

रामनाम भय की नामोनिशानी मिटा देता है

सद्‍गुरु श्री अनिरुद्ध बापू ने ४ फरवरी २०१६ के प्रवचन में ‘रामनाम भय की नामोनिशानी मिटा देता है (The Rama Naam erases the fear) ’ इस बारे में बताया। ये जो हनुमानजी हैं, हम लोग जानते है कि महाप्राण हैं। सो, मूलाधार चक्र से लेकर हमारे सहस्रार चक्र तक सभी चक्रों में इनका ही प्रवाह चलता हैं, यह तो हम लोगों ने श्रीश्वासम्‌ की पुस्तिका में लिखा हुआ है। राईट, पढ़ा हुआ

‘अनिरुद्धाज् युनिव्हर्सल बँक ऑफ रामनाम’ वेबसाईट

हरि ॐ सर्व श्रद्धावानांना कळवण्यास मला अत्यंत आनंद होत आहे की आज आपण ‘अनिरुद्धाज् युनिव्हर्सल बँक ऑफ रामनाम’ ची वेबसाईट लॉन्च करत आहोत. ही वेबसाईट हिंदी, मराठी व इंग्रजी या भाषांमध्ये उपलब्ध असेल. सद्‌गुरु श्रीअनिरुद्ध  वेळोवेळी रामनाम वहीतील जपांचे Count आपल्या श्रद्धावान मित्रांना श्रीहरिगुरुग्राम येथे सांगत असतात. आता हा Count या वेबसाईटवरही श्रद्धावानांना बघायला मिळेल. विशेष म्हणजे हा Live Count (त्या त्या वेळेचा) असेल. तसेच या वेबसाईटवर डिजीटल रामनाम वही

ऑनलाईन/डिजिटल रामनाम वही

ठीक तेरह साल पहले अगस्त २००५ में, सद्गुरु श्रीअनिरुद्ध (परमपूज्य बापू) ने “अनिरुद्धाज् युनिवर्सल बँक ऑफ रामनाम” का शुभारंभ किया। श्रद्धावानों को प्रारब्ध से लड़ने की ताकत प्राप्त होकर, जीवन की समस्याओं को मात देने के लिए सहायता मिलें और उनके जीवन में सुखशांति क़ायम हों, इस हेतु से स्थापन हुआ यह अनोखा बँक अब श्रद्धावानों के लिए एक बेहतरीन उपहार लेकर आया है और वह है – ‘ऑनलाईन/डिजिटल रामनाम

ऑनलाईन/डिजिटल रामनाम वही

बरोबर तेरा वर्षांपूर्वी ऑगस्ट २००५ मध्ये, सद्गुरु श्रीअनिरुद्धांनी (परमपूज्य बापू) “अनिरुद्धाज् युनिवर्सल बँक ऑफ रामनाम”चा शुभारंभ केला. श्रद्धावानांना प्रारब्धाशी लढण्याची ताकद मिळून, जीवनातील समस्यांवर मात करण्यास मदत व्हावी व त्यांच्या जीवनात सुखशांती नांदावी ह्या हेतूने स्थापन झालेली ही आगळीवेगळी बँक आता श्रद्धावानांकरिता एक अनोखी भेट घेऊन आली आहे. ती म्हणजे –  ‘ऑनलाईन/डिजिटल रामनाम वही’! ‘ऑनलाईन/डिजिटल रामनाम वही’चा शुभारंभ करताना “अनिरुद्धाज् युनिवर्सल बँक ऑफ रामनाम”ला अतिशय आनंद होत आहे. हे ऍन्ड्रॉईड