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आक्रामकता बढ़ी

रशिया कभी भी यूक्रैन पर हमला कर सकती है – अमरिकी विदेशमंत्री एंथनी ब्लिंकन का इशारा किव्ह/मास्को – रशिया अगले कुछ ही दिनों में कभी भी यूक्रैन पर हमला कर सकती है, यह इशारा अमरीका के विदेशमंत्री एंथनी ब्लिंकन ने दिया है। रशिया के सामने मतभेद दूर करने के लिए राजनीतिक चर्चा का विकल्पा मौजूद है, यह दावा भी ब्लिंकन ने किया। विदेशमंत्री ब्लिंकन फिलहाल यूक्रैन के दौरे पर हैं

खतरा

रशिया के यूक्रैन पर हमला करने से तीसरा विश्‍वयुद्ध छिड़ जाएगा – यूक्रैन के मंत्री का इशारा किव/मास्को – रशिया का यूक्रैन पर हमला सिर्फ यूक्रैन तक ही सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इससे व्यापक संघर्ष शुरू होगा और तीसरा विश्‍वयुद्ध छिड़ सकता है, यूक्रैन के मंत्री ने यह चेतावनी दी है| मौजूदा भूराजनीतिक स्थिति पर सोचा जाए तो ऐसा होना मुमकिन है, ऐसा इशारा यूक्रैन की ‘वेटरन्स मिनिस्टर’ युलिआ लैपुटिना

अमरीका रशिया तनाव बढ़ा (US Russia tensions escalate)

नाटो में युक्रैन का समावेश कोई भी देश रोक नहीं पाएगा – अमरिकी रक्षामंत्री का दावा किव्ह/वॉशिंग्टन – युक्रैन को नाटो में शामिल होने से कोई भी देश रोक नही सकता, यह वादा अमरीका के रक्षामंत्री लॉईड ऑस्टिन ने किया है। इस दौरान ऑस्टिन ने पूर्व युक्रैन का संघर्ष रशिया ने ही शुरू किया था, यह दावा करके इसकी शांति प्रक्रिया में रशिया ही बड़ा अड़ंगा होने का आरोप भी लगाया। युक्रैन का नाटो में

Taliban and Afghanistan

नाटो की वापसी के बाद तालिबान अफ़गानियों का कतलेआम करेगी – अमरीका के पूर्व राष्ट्राध्यक्ष बुश का इशारा बर्लिन – ‘नाटो सेना की वापसी के बाद तालिबान अफ़गान जनता का कत्लेआम करेगी। अफ़गानी महिलाओं और लड़कियों को शब्दों में बयान करना मुमकिन नहीं होगा, इतनी भयंकर यातनाएँ भुगतनी पड़ेंगी’, ऐसा इशारा अमरीका के पूर्व राष्ट्राध्यक्ष जॉर्ज बुश ने दिया है। इससे पहले अमरीका की पूर्व विदेशमंत्री कॉन्डोलिसा राईस और हिलरी

अफगानिस्तान से जुडी गतिविधियां

अफ़गानिस्तान में तालिबान के साथ लड़ रहा पाकिस्तानी सेना अधिकारी गिरफ्तार काबुल – पाकिस्तान का तालिबान के साथ संबंध ना जोड़ें, ऐसा बयान पाकिस्तान के विदेशमंत्री ने कुछ दिन पहले ही किया था। लेकिन, तालिबान के पक्ष में लड़ रहे पाकिस्तानी लष्करी अधिकारी को हिरासत में लेकर अफ़गानिस्तान ने पाकिस्तान की पोल खोली है। अफ़गानिस्तान में दाखिल होने से पहले इस पाकिस्तानी अधिकारी ने यह बात भी कबूली है कि, वह

इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सैनिकी गतिविधियां तेज

अमरीका इंडो-पैसिफिक की तैनाती बरकरार रखेगी – राष्ट्राध्यक्ष ज्यो बायडेन का ऐलान वॉशिंग्टन – इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में की गई तैनाती अमरीका बरकरार रखेगी। यह तैनाती इस क्षेत्र के संघर्ष के लिए नहीं है, बल्कि संघर्ष टालने के लिए है। ऐसा ऐलान अमरीका के राष्ट्राध्यक्ष ज्यो बायडेन ने किया। चीन के राष्ट्राध्यक्ष जिनपिंग को हमने अमरीका की इस नीति की पूरी जानकारी प्रदान की है, यह बात बायडेन ने स्पष्ट की।

अमरीका की अफगाणिस्तान से सेनावापसी की घोषणा और भारत

अफ़गानिस्तान में उद्देश्‍य पूरा होने का बयान करके अमरीका के राष्ट्राध्यक्ष ने किया सेना की वापसी का ऐलान वॉशिंग्टन/काबुल – ‘अफ़गानिस्तान की एकजुट के लिए अमरीका ने अपने सैनिक इस देश में तैनात नहीं किए थे। ओसामा बिन लादेन को खत्म करना और अफ़गानिस्तान में स्थित आतंकियों के आश्रय स्थान नष्ट करना, इन दोनों उद्देश्‍यों के लिए अमरीका की सेना ने अफ़गानिस्तान में कदम रखा था। यह दोनों उद्देश्‍य प्राप्त

'तृतीय महायुद्ध' पुस्तक और आज का वास्तव

हरि ॐ, आज की भीषण जागतिक परिस्थिति के लिए कई देश चीन को ज़िम्मेदार मान रहे हैं। News Links – https://www.aniruddhafriend-samirsinh.com/third-world-war-hindi/ फिर ऐसे में याद आती है, मार्च २००६ से डॉ. अनिरुद्ध धैर्यधर जोशी ने दैनिक प्रत्यक्ष में चालू की हुई ’तिसरे महायुद्ध’ (तृतीय विश्वयुद्ध) इस लेखमाला की, जो बाद में दिसम्बर २००६ की दत्तजयंती के दिन ’तिसरे महायुद्ध’ इस नाम से पुस्तक के रूप में प्रकाशित हुई। इस पुस्तक

'तिसरे महायुद्ध' पुस्तक आणि आजचे वास्तव

हरि ॐ, आजच्या भीषण जागतिक परिस्थितीला अनेक देश चीनला जबाबदार धरत आहेत. News Links – https://www.aniruddhafriend-samirsinh.com/third-world-war-marathi/ मग अशा वेळेस मार्च २००६ सालापासून डॉ. अनिरुद्ध धैर्यधर जोशी यांनी दैनिक प्रत्यक्ष मध्ये चालू केलेल्या ’तिसरे महायुद्ध’ च्या लेखमालेची आठवण होते, जी लेखमाला नंतर डिसेंबर २००६च्या दत्तजयंती ह्या दिवशी ’तिसरे महायुध्द’ या नावाने पुस्तक रूपात प्रकाशीत झाली. या पुस्तकाच्या प्रस्तावनेमध्ये डॉ. अनिरुद्ध म्हणतात, “पुढील काळात आजचे समीकरण उद्या असेलच असे नाही, तर अगदी

putin erdogan

सीरिया और घुसपैठी शरणार्थियों के मुद्दे पर यूरोपिय महासंघ और नाटो का तुर्की के साथ बना विवाद हुआ तीव्र ब्रुसेल्स – यूरोपिय देशों ने सीरिया के मुद्दे पर अपनी सहायता नही की तो यूरोप में शरणार्थियों के झुंड छोडेंगे, यह धमकी तुर्की के राष्ट्राध्यक्ष एर्दोगन ने दी थी| तभी तुर्की का ऐसे ब्लैकमेलिंग करना बर्दाश्त नही करेंगे, यह इशारा यूरोपिय देशों ने दिया था| इस पृष्ठभूमि पर ब्रुसेल्स में यूरोपिय