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Aniruddha TV

हरि ॐ, आखाती देशों में स्थित श्रद्धावानों की विनती को मद्देनज़र रखते हुए, इसके बाद “अनिरुद्ध टी.व्ही.” तथा मेरे फेसबुक के माध्यम से हर शनिवार प्रक्षेपित होनेवाली उपासना, शाम ७.३० के बजाय अन्य दिनों की तरह ही रात ८.०० बजे प्रक्षेपित होगी। यानी इसके बाद, हफ़्ते के सातों दिन उपासना का प्रक्षेपण रात ८.०० बजे ही होगा, इसपर सभी श्रद्धावान ग़ौर करें। —————————————————————– हरि ॐ, आखाती देशांमधील श्रद्धावानांची विनंती लक्षात

श्रद्धावानों की सुविधा के लिए उपासना इंटरनेट रेडिओ के द्वारा सुनने की व्यवस्था

हरि ॐ, आज से शुभंकरा नवरात्रि यानी चैत्र नवरात्रि की शुरुआत हुई है। इसीलिए हम हररोज़ उपासना होने के बाद २ मिनट का ब्रेक लेकर उसके बाद सुंदरकांड पठण (साधारणत: १ घण्टा दस मिनट का पठण) aniruddha.tv इस वेबसाईट और अ‍ॅप के माध्यम से दिखाने जा रहे हैं। विद्यमान हालातों में Internet पर आनेवाले Extra Load को मद्देनज़र रखते हुए और इस उपासना के लिए श्रद्धावानों के बढ़ते प्रतिसाद को

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हरि ॐ, आज दुनिया के सामने खड़े हुए करोना वायरस, “कोविद – १९” के जागतिक संकट की पार्श्वभूमि पर माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदीजी देश को संबोधित करनेवाले हैं और सभी देशवासियों के लिए उसे सुनना उचित होगा । इस बात को मद्देनज़र रखते हुए अनिरुद्ध टी.व्ही. पर प्रसारित होनेवाली विभिन्न स्तोत्र एवं उपासना आज रात ८.०० के बजाय ९.०० बजे होगी, इसपर सभी श्रद्धावान ग़ौर करें । ——————————————————– हरि ॐ,

अनिरुद्ध टी.व्ही. पर प्रसारित होनेवाली गुरुवार की नित्य उपासना के संदर्भ में सूचना

हरि ॐ, आज दुनिया के सामने खड़े हुए करोना वायरस, “कोविद – १९” के जागतिक संकट की पार्श्वभूमि पर माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदीजी देश को संबोधित करनेवाले हैं और सभी देशवासियों के लिए उसे सुनना उचित होगा I इस बात को मद्देनज़र रखते हुए अनिरुद्ध टी.व्ही. पर प्रसारित होनेवाली गुरुवार की नित्य उपासना आज रात ८.०० के बजाय ९.०० बजे होगी, इसपर सभी श्रद्धावान ग़ौर करें I ———————————————————– हरि ॐ,

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हरि ॐ, हमने पहले भेजी हुई सूचना के अनुसार, हर गुरुवार शाम ८:०० बजे गुरुवार की नित्य उपासना, श्रीस्वस्तिक्षेम संवाद तथा आरती एवं दर्शन और हर शनिवार शाम ७:३० बजे अनिरुद्ध उपासना (मराठी, हिन्दी एवं अँग्रेज़ी भाषा में), श्रीस्वस्तिक्षेम संवाद तथा अभंग aniruddha.tv के माध्यम से हम दिखा ही रहे हैं। उसी के साथ, आज से गुरुवार एवं शनिवार के अलावा हर दिन शाम ८:०० बजे हम विभिन्न स्तोत्र एवं

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हरि ॐ, जैसा कि पहले ही सूचित किया जा चुका है, फिलहाल दुनियाभर में तेज़ी से फ़ैल रहे कोरोना वायरस, “कोविद – १९”  संबंधित खबरों को मद्देनज़र रखते हुए और सावधानी तथा जागरूकता के उपाय के तौर पर, संस्था ने कुछ समय के लिए हर गुरुवार श्रीहरिगुरुग्राम में होनेवाली नित्य उपासना और शनिवार को विभिन्न उपासना केंद्रों में होनेवाली सामूहिक अनिरुद्ध उपासना, अगली सूचना मिलने तक बंद रखने का निर्णय

गुरुवार को श्रीहरिगुरुग्राम में होनेवाली और शनिवार को विभिन्न स्थानों पर उपासना केंद्रों में होनेवाली सामूहिक उपासना अगली सूचना प्राप्त होने तक बंद रखने का निर्णय

हरि ॐ. फिलहाल दुनियाभर तेज़ी से फैलते जा रहे कोरोना व्हायरस – ‘कोविद-१९’ के बारे में हम सभी श्रद्धावान जानते ही हैं। भारत में भी इस विषय में जागरूकता है। कई स्वास्थ्यसंस्थाएँ तथा डॉक्टर्स् इस बीमारी के संक्रमण के संदर्भ में जो खबरदारी एवं सावधानता बरतना आवश्यक है, उसकी सूचनाएँ नागरिकों के लिए प्रसारित कर रहे हैं। इन सभी सूचनाओं में – ‘प्राय: भीड़ के स्थानों पर ना जायें’ अथवा

श्रीअनिरुद्ध उपासना

सद्गुरु श्री अनिरुद्धांनी आपल्या प्रवचनांमधून अनेक वेळा सांघिक उपासनेचे महत्व सांगितले आहे. सांघिक उपासनेचा फायदा प्रत्येक श्रद्धावानास मिळावा या हेतूने श्री अनिरुद्ध उपासना केंद्रांवर आठवड्यातून एक दिवस श्रीअनिरुद्ध उपासना केली जाते. श्रद्धावान स्वतःच्या व समाजाच्या सामर्थ्यवृद्धीसाठी आणि सद्गुरुंप्रती असलेला कृतज्ञतेचा भाव व्यक्त करण्यासाठी या उपासनेत सहभागी होत असतात. तसेच अनेक ठिकाणी घरगुती उपासना केंद्रांवरही उपासना केली जाते. या उपासनेचा सर्वांना अधिक चांगल्या प्रकारे लाभ घेता यावा व इतर दिवशी देखील

अधिकृत अनिरुद्ध उपासना केंद्रांबाबत सूचना

हरि ॐ आपण सर्व श्रद्धावानांनी अनिरुद्ध पौर्णिमेचा उत्सव नुकताच मोठ्या उत्साहात साजरा केला. ह्या उत्सवाच्या दुसऱ्या दिवशी देखील अधिकृत ‘अनिरुद्ध उपासना केंद्रां’ना पादुका वितरण करण्याचा व नवीन मान्यता मिळालेल्या केंद्रांना पादुका प्रदान करण्याचा सोहळा अतिशय भक्तिमय वातावरणात पार पडला. ‘पादुका’ स्वरूपात आपले लाडके सद्गुरु बापूच आपल्याबरोबर येत आहेत’ ह्या भावनेने उपस्थित श्रद्धावान भक्तिभाव चैतन्यामध्ये चिंब न्हाऊन निघाले, हे आपण सगळ्यांनीच अनुभवले. ह्या वर्षी नव्याने मान्यता मिळालेल्या ७२ ‘अनिरुद्ध उपासना केंद्रां’ना