अमरिका और रशिया में बढ़ता तनाव

नाटो का युद्धाभ्यास और विस्तारवाद के विरोध में रशिया आक्रामक

अमरिका और रशिया में बढ़ता तनावमॉस्को/ऑस्लो: नॉर्वे मेश रशिया के सीमा के समिप नाटोने बडी मात्रा मेश शुरू किये युद्धाभ्यास से रशिया तिलमिला उठा है| नाटो के इस युद्धाभ्यास के विरोध में रशियाने आक्रामक भुमिका अपनाई है| इस दौरान रशियन राष्ट्राध्यक्ष व्लादिमिर पुतिनने नॉर्वे के नजदिकी क्षेत्र में स्वतंत्र अभ्यास करने का घोषित किया है इसीके साथ रशिया के शिर्ष नेताओं ने नाटो के विस्तारवाद की भी आलोचना की है|

गत सप्ताह में नाटो के ‘ट्रायडंट जंक्चर १८’ नामक युद्धाभ्यास की शुरूआत हुई| २९ से अधिक देशों के ५०,००० से ज्यादा सैनिक, प्रगत युद्धपोत और लडाकू विमानों के समावेश के साथ यह युद्धाभ्यास नाटो ने अबतक किये युद्धाभ्यास में से निर्णायक पडाव माना जा रहा है| इस युद्धाभ्यास का आयोजन संरक्षण क्षमता परखने के एवं बचाव के उद्देश्य से किया गया है, ऐसा नाटो के अधिकारियों ने कहा है| तभी, रशियाने शुरू से ही इस युद्धाभ्यास के प्रती नाराजगी जताई है|

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अमरिका-रशिया के बीच परमाणु अस्त्रों की ‘न्यू स्टार्ट ट्रिटी’भी खतरे में – रशियन विदेश मंत्री के संकेत

अमरिका और रशिया में बढ़ता तनावमॉस्को: अमरिका और सोव्हिएत रशिया के बीच हुए ‘इंटरमीडिएट-रेंज न्यूक्लिअर फोर्सेसट्रिटी’ (आईएनएफ) से अमरिका ने बाहर निकलने का निर्णय लेने के बाद ‘न्यू स्टार्ट ट्रिटी’ इस परमाणु अस्त्र के सन्दर्भ के सामंजस्य अनुबंध पर भी सवाल खड़े हुए हैं। रशिया के विदेश मंत्री सर्जेइ लावरोव ने एक साक्षात्कार में ‘न्यू स्टार्ट ट्रिटी’ का भवितव्य अस्पष्ट होने की बात कही है। लावरोव के इस वक्तव्य की वजह से अमरिका और रशिया के बीच फिर एक बार जोरदार परमाणु प्रतियोगिता भड़कने की संभावना व्यक्त की जा रही है।

अमरिका के राष्ट्राध्यक्ष डोनाल्ड ट्रम्प ने पिछले हफ्ते में रशिया के साथ किए ‘इंटरमीडिएट-रेंज न्यूक्लिअर फोर्सेसट्रिटी’ इस अनुबंध से बाहर निकलने की घोषणा की थी। अमरिका के राष्ट्रिय सुरक्षा सलाहकार जॉन बोल्टन ने रशिया के दौरे में, राष्ट्राध्यक्ष व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात करके उनको यह जानकारी दी थी। उसके बाद रशिया ने अमरिका के खिलाफ लगातार आक्रामक विधानों का सिलसिला शुरू किया है और संभाव्य हथियारों की प्रतियोगिता के लिए अमरिका जिम्मेदार रहेगा, ऐसा दिखाने की कोशिश शुरू की है।

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खाड़ी में अमरिका का स्थान रशिया नहीं ले सकता – अमरिकी रक्षामंत्री जेम्स मैटिस

अमरिका और रशिया में बढ़ता तनावमनामा – रशिया पिछले कई वर्षों से खाड़ी में अपना प्रभाव बढाने की कोशिश कर रहा है, लेकिन इस क्षेत्र में रशिया अमरिका की जगह नहीं ले सकता, ऐसी अमरिका के रक्षामंत्री जेम्स मैटिस ने चेतावनी दी है। उसी समय सऊदी अरेबिया के पत्रकार जमाल खशोगी की हत्या खाड़ी की स्थिरता के लिए खतरनाक साबित हो सकती है, ऐसी चेतावनी भी मैटिस ने दी है। रशिया ने सीरिया का संघर्ष साथ ही इंधन मुद्दे को लेकर खाड़ी में हस्तक्षेप करने की कोशिशें बढ़ाना शुरू किया है और इस पृष्ठभूमि पर अमरिका की चेतावनी ध्यान आकर्षित करने वाली है।

‘अमरिका की खाड़ी में वचनबद्धता दीर्घकालीन और पारदर्शी है। रशिया का खाड़ी में बढ़ता प्रभाव उसकी जगह कभी नहीं ले सकता। सीरिया के राष्ट्राध्यक्ष अस्साद के अपराधिक कृत्यों को नजरअंदाज करके मौका देखने वाला रशिया उनकी सहायता कर रहा है। यही बात रशिया को नैतिक मूल्यों का डर नहीं है और रशिया के पास ईमानदारी नहीं है ऐसा दिखा देने वाली है’, इन शब्दों में अमरिकी रक्षामंत्री ने खाड़ी देशों को चेतावनी दी है।

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