आफ्रिकी महाद्धीप में चल रहीं उलथपुलथ

नाइजेरिया में दो आतंकी हमलों में ५० लोगों की बलि

आफ्रिकी महाद्धीप में चल रहीं उलथपुलथअबुजा: ‘आईएस’ यह आतंकी संगठन अफ्रीका में मजबूत होने के संकेत प्राप्त हो रहे है| अफ्रीका में प्रमुख अर्थव्यवस्था में से एक के तौर पर पहचाने जा रहे नाइजेरिया में पिछले पांच दिनों में दो बडे आतंकी हमलें हुए है और इन हमलों में कम से कम ५० लोगों की बलि गई है| इन हमलों के पीछे ‘आईएस’ का हाथ होने की आशंका जताई जा रही है|

पिछले गुरूवार के दिन आतंकी ‘आईएस’ संगठन ने ईशान्य नाइजेरिया के बोर्नो प्रांत में ‘कॅरेटो’ लष्करी अड्डे पर बडा हमला किया था| इस हमले में लष्करी अड्डे पर मौजूद लष्करी कमांडर समेत २० सैनिक मारे गए थे| इस दौरान आतंकी संगठन ने इस अड्डे के साथ वहां पर रखे टैंक भी जलाए और लष्करी अड्डे का इलाका तबाह किया| पिछले दो महीनों में लष्कर पर हुआ यह चौथा बडा हमला है| इस हमले के बाद ‘आईएस’ ने ही हमले की जानकारी प्रसिद्ध की थी|

लष्करी अड्डे पर हुए हमले के साथ ही रविवार की रात करीबन नौ बजे बोर्नो प्रांत के कोडुंगा में फुटबॉल स्टेडियम के बाहर बडा आत्मघाती हमला करवाया गया| तीन हमलावरों ने यह हमला करवाया है और हमलावरों में दो महिला भी थी|

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सुदान में प्रदर्शनकारियों पर हुई कार्रवाई में ११८ लोगों की मौत – सेना ने कार्रवाई के आदेश देने की बात स्वीकारी

आफ्रिकी महाद्धीप में चल रहीं उलथपुलथखार्तूम: सुदान में ‘मिलिट्री काउंसिल’ के एकाधिकारशाही के विरोध में शुरू आंदोलन में बलि गए लोगों की संख्या ११८ पर गई है| सुदान में जनतंत्रशाही आंदोलन का भाग होनेवाले डॉक्टरों के गुट ने यह जानकारी घोषित की है| सुदानी लष्कर ने आंदोलनों के विरोध में कि कार्रवाई उजागर होते समय मिलिट्री काउंसिल ने प्रदर्शन दबाने के लिए कार्रवाई के आदेश दिए थे, ऐसा बयान दिया है| मिलिट्री काउंसिल के इस बयान के बाद सुदान में फिर एक बार प्रदर्शकों द्वारा प्रदर्शन शुरू हुए हैं और इससे पहले हिंसाचार की निष्पक्ष जांच हो, ऐसी मांग अंतरराष्ट्रीय समुदाय से की जा रही है|

अप्रैल महीने में सुदान के लष्कर ने हुकुमशाह एवं भूतपूर्व राष्ट्राध्यक्ष ‘ओमर अल बशीर’ इनकी तीन दशकों की एकाधिकारशाही को उठाया था| पर बशीर इनको निकालने के बाद मिलिट्री काउंसिल ने सुदान के सूत्र हाथ लिए थे| इस काउंसिल में बशीर इनके कार्यकाल में लष्कर के वरिष्ठ पद पर होनेवाले अधिकारियों का समावेश है|

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‘डीआर कांगो’ के बाद युगांडा में ‘एबोला’ की महामारी में २ लोगों की मौत – विश्‍व स्वास्थ्य संगठन ने बुलाई ‘इमर्जन्सी मीटिंग’

आफ्रिकी महाद्धीप में चल रहीं उलथपुलथकंपाला/जेनीवा: विश्‍व स्वास्थ्य संगठन ने पिछले हफ्ते में ही ‘एबोला’ की महाभयंकर महामारी संबंधी व्यक्त की हुई आशंका सच्चाई में उतरी है| अफ्रीका के ‘डीआर कांगो’ में १,३०० से भी अधिक लोगों की जान लेनेवाली एबोला की महामारी अब पडोसी युगांडा में भी फैलने की बात सामने आ चुकी है| पिछले २४ घंटों में युगांडा में ‘एबोला’ की महामारी की वजह से दो लोगों की मौत हुई है और मृतकों में से एक बच्चा है| युगांडा के इस हासदे के बाद विश्‍व स्वास्थ्य संगठन ने ‘इमर्जनी मीटिंग’ बुलाई है और इसमें ‘एबोला’ की महामारी को ‘ग्लोबल हेल्थ इमर्जन्सी’ घोषित करने के मुद्दे पर निर्णय किया जाएगा, यह जानकारी सूत्रों ने दी|

पिछले वर्ष में ‘डीआर कांगो’ में फैली ‘एबोला’ की महामारी के बाद विश्‍व स्वास्थ्य संगठन के साथ अन्य गुटों ने भी अफ्रीका के अन्य देशों को सावधानी बरतने की चेतावनी दी थी| लेकिन इसके बावजूद संबंधित देशों ने जरूरी सावधानी बरती नही है, यह सच्चाई युगांडा में फैल रही एबोला की महामारी से दिखाई दे रहा है| ‘डीआर कांगो’ और युगांडा की सीमा एक दुसरे से मिलती है और सुरक्षा यंत्रणा की तैनाती के बावजूद लोगों का आना-जाना शुरू होने की बात स्पष्ट हुई है|

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माली में हुए वांशिक हमले में १०० से भी अधिक लोग मारे गए – पूरा गाव तबाह होने का दावा

आफ्रिकी महाद्धीप में चल रहीं उलथपुलथबमाको: अफ्रीका के माली में रविवार की रात किए गए भीषण आतंकी हमलें में १०० से अधिक लोगों की मौत हुई| मध्य माली के सोबन-कौ गांव पर यह हमला किया गया| हमलें के दौरान आतंकियों ने पूरा गाव जलाकर राख किया है| हमलावर ‘फुलानी’ वंश के थे और वह आतंकी गुटों के साथ संबंध बनाकर होने की बात कही जाती है|

माली में पिछले कुछ वर्षों से बडी मात्रा में हिंसा का सत्र शुरू है और इसमें आतंकी हमलों के साथ ही वांशिक संघर्ष भी शुरू है| पिछले दो वर्षों में माली के दोगोन और फुलानी वंशियों में तीव्र संघर्ष शुरू है| इस संघर्ष में कई गांव जलाकर तबाह करने की कई घटनाएं भी हुई है| संयुक्त राष्ट्रसंघ ने दी जानकारी के नुसार वर्ष २०१८ से ऐसे वांशिक संघर्ष में लगभग ५०० से अधिक लोगों की मौत हुई है|

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