श्रीत्रिविक्रम स्थापना दिन

हरि ॐ, नाथसंविध्‌। श्रद्धावानों के लिए ‘श्रीअनिरुद्ध गुरुक्षेत्रम्‌’ यह अत्यन्त प्रेममय एवं भक्ति का विषय है। इस गुरुक्षेत्रम्‌ के विविध श्रद्धावानों के साथ श्रद्धावानों की नाड़ी मानों नाजुक प्रेम के धागे से जुड़ गई है। इस गुरुक्षेत्रम्‌ के श्रद्धावानों के बहुत ही पसंदीदा दैव है ‘त्रिविक्रम’, जिनका प्रतीकात्मक स्वरूप ‘त्रिविक्रम लिंग’ यहाँ पर अधिष्ठित है।

श्रीत्रिविक्रम स्थापना दिन

२६ मार्च २०१० ‘हनुमानपूर्णिमा’ के पवित्र दिन गुरुक्षेत्रम्‌ में, ‘गुरुक्षेत्रम्‌ मंत्र के गजर के साथ त्रिविक्रम लिंग की स्थापना की गई। सर्वप्रथम घननील रंग की त्रिविक्रम लिंग पूर्व दिशा की ओर विराजमान थी। इसके पश्चात ३१ जनवरी २०१६ अर्थात माघी गणेशोत्सव के दिन पंचधातु के त्रिविक्रम लिंग की स्थापना की गई। आजकल ‘दैनिक प्रत्यक्ष’ के द्वारा दैनिक प्रत्यक्ष के कार्यकारी संपादक डॉ.अनिरुद्ध धैर्यधर जोशी लिखित ‘तुलसीपत्र’ इस अग्रलेख श्रृखंला के अन्तर्गत भगवान त्रिविक्रम के विविध पहलुओं से संबंधित जानकारी एवं उसी के अनुसार अथाह भक्तप्रेम की महिमा श्रद्धावानों तक पहुँच रही है।

ऐसे इस त्रिविक्रम लिंग की स्थापना को कल २६ मार्च २०१८ के दिन ८ वर्ष पूर्ण हो चुके हैं।

॥ हरि ॐ॥ श्रीराम॥ अंबज्ञ॥ नाथसंविध्‌॥

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  1. The release of Sadguru Padukas on the day of Ram Navami, just a day prior to the Trivikram Sthapana Diwas that too when stories of Shree Trivikram written by Sadguru Aniruddha are being published in ‘Dainik Pratyaksha’ – what more can a Shraddhavan devotee ask for. A real life example of Naathsamvidh.

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