साइबर हमलों का खतरा बढ़ा

खाड़ी की इंधन कंपनियों पर ईरान के हैकर्स के साइबर हमले – साइबर सुरक्षा कंपनी का दावा

साइबर हमलों का खतरा बढ़ातेहरान: ईरान की सत्ताधारी राजवट के साथ संबंधित ‘एपीटी ३३’ यह हैकर्स का गुट खाड़ी देशों की इंधन कंपनियों पर साइबर हमले कर रहा है, ऐसा आरोप साइबर सुरक्षा कंपनी की रिपोर्ट में किया गया है। ‘फायर आई’ इस अमरीकी कंपनी ने इस सन्दर्भ में रिपोर्ट प्रसिद्ध की है। इसमें ईरान के हैकर्स इंधन कंपनियों के साथ अमरिका और जापान के आर्थिक, औद्योगिक कंपनियों को भी अपना लक्ष्य बना रहे हैं।                 पिछले महीने में ही ब्रिटन के सूचना प्रद्योगिक क्षेत्र की प्रसिद्ध कंपनी ‘सेक्युरवोर्का’ ने ब्रिटन के विश्वविद्यालयों पर साइबर हमले होने की जानकारी प्रसिद्ध की थी। ईरानी सरकार से संलग्न हैकर्स ब्रिटन के प्रसिद्ध विश्वविद्यालयों पर साइबर हमले करके अंतर्राष्ट्रीय खोज को सहायक साबित होने वाले दस्तावेजों की चोरी कर रहे हैं, ऐसा ‘सेक्युरवोर्का’ ने कहा था। उसके बाद अब ईरानी हैकर्स की नई कार्रवाई की जानकारी सामने आई है।

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देशों से हो रहे साइबर हमलों में बढ़ोतरी – ‘यूरोपोल’ की चेतावनी

साइबर हमलों का खतरा बढ़ाहेग – पिछले कुछ वर्षों में हुए साइबर हमलों में ‘रैनसमवेअर’ का प्रमाण बढ़ता जा रहा है और उसके पीछे विभिन्न देशों का हाथ होने की बात सामने आ रही है, ऐसी चेतावनी ‘यूरोपोल’ की साइबर रिपोर्ट में दी गई है। कुछ दिनों पहले ईरानी हैकर्स ने ऑक्सफर्ड, केम्ब्रिज और ब्रिटन के अन्य विश्वविद्यालयों की वेबसाइटों पर हमला करके संवेदनशील जानकारी की ऑनलाइन चोरी की थी।                                                       यूरोपीय महासंघ की पुलिस यंत्रणा के तौर पर पहचाने जाने वाले ‘यूरोपोल’ ने हाल ही में ‘२०१८ इन्टरनेट ऑर्गनाइज्ड क्राइम थ्रेट असेस्मेंट’ रिपोर्ट प्रसिद्ध की है। इस रिपोर्ट में साइबर अपराधों की बढती व्याप्ति और उसके प्रकार की विस्तृत जानकारी दी गई है। उसमें ‘रैनसमवेअर’ और ‘डीडीओएस अटैक्स’ इन प्रकारों के साइबर अपराधों का प्रमाण ज्यादा है, ऐसा लिखा गया है।

पिछले कुछ वर्षों में साइबर अपराधों में बहुत ही प्रगत तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है और इस वजह से साइबर हमले या अपराधों में एखाद अपराधिक समूह, हैकर अथवा एखाद देश है, यह पहचानना अधिक कठिन हुआ है, ऐसी चिंता इस रिपोर्ट में व्यक्त की गई है।

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ईरान के हैकर्स का ब्रिटेन के विद्यापीठों पर साइबर हमला


परमाणु ऊर्जा और साइबर सुरक्षा विषय की जानकारी चुराने का आरोप

साइबर हमलों का खतरा बढ़ालंदन – ऑक्सफोर्ड और कैंब्रिज तथा ब्रिटेन में अन्य प्रसिद्ध विद्यापीठों के संकेत स्थल पर ईरानी हैकर्स ने हमला करके संवेदनशील जानकारी कि ऑनलाइन चोरी करने की बात उजागर हुई है। ईरानी हैकर्सने परमाणु ऊर्जा, साइबर सुरक्षा और अन्य संवेदनशील कागजात की चोरी करके ईरान में कई व्यक्तियों को सोशल मीडिया के माध्यम से उसकी बिक्री की है।                                   फिलहाल यह कागजात ईरान के संकेत स्थल पर बड़ी कीमत में बिक्री के लिए उपलब्ध होने का दावा ब्रिटेन के एक दैनिक ने किया है। पिछले महीने में ब्रिटेन में सूचना तंत्रज्ञान क्षेत्र में प्रसिद्ध कंपनी सिक्योरवोर्का ने ब्रिटेन के विद्यापीठों पर साइबर हमले होने की जानकारी प्रसिद्ध की थी। ईरान की सरकार से संबंधित होनेवाले हैकर्स ब्रिटेन के प्रसिद्ध विद्यापीठ पर साइबर हमले करके अंतर्राष्ट्रीय संशोधन के लिये सहायक कागजात की चोरी करने की बात सिक्योरवोर्का ने कही थी। इसमें ऑक्सफोर्ड, कैंब्रिज और एडिनबर्ग विद्यापीठ के साथ अन्य शिक्षा संस्थाओं के संकेतस्थल का भी समावेश होने का दावा, इस ब्रिटिश कंपनी ने किया था।

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