Website

We all are aware that Dr. Aniruddha D. Joshi i.e. our beloved Aniruddha Bapu had delivered a lecture on 13th December 2014 on Self Health. During this lecture Bapu had spoken in-details about various foods, exercises, thoughts, etc. necessary to maintain good health. This lecture was also an eye-opener as it made us aware of the various unhealthy practises that we were following in our lifestyles. As Bapu had promised during his lecture, we take the pleasure of launching the website on Self Health. You can access it at www.aarogyamsukhsampada.com.

The site would feature all the topics and subjects that Bapu had covered in his lecture. Furthermore, other relevant topics on Self Health would also feature on this website. The very first article with which we are launching this website is ‘Sugar’.

I am sure you all would use this website to the maximum extent and also make your friends, relatives and colleagues aware of this.

ll   Hari Om   ll      ll   Shriram   ll      ll   Ambadnya   ll

वेबसाईट की विशेषताएं- भाग ४

फोटो गॅलरी वेबसाईट को और आकर्षक बनाने के लिये हम इस में फोटोज् अ‍ॅड कर सकते है। इसके लिये हम एक और पेज अ‍ॅड करेंगे। लेकीन इस पेज का अलगपन कायम रखने के लिये इस पर सिर्फ फोटोज् होना जरूरी है। पेज पर फोटोज् अपलोड करने के लिये बांई ओ की सेटिंग पॅनल के ‘गॅलरी’ ऑप्शन को ‘ड्रॅग अ‍ॅण्ड ड्रॉप’ से पेज पर लाये। इसके बाद पहले की तरह इमेजेस

वेबसाईट बनाने की जानकारी - भाग ३

टेम्प्लेट मतलब रेडिमेड डिझाईन्स. वेबसाईट का पेहराव….‘लूक ऍण्ड फिल’। रेडी टू युज। इस में पेज के डिझाईन तथा रंगसंयोजन, फॉन्ट इत्यादी अनेक चीज़ें पहले ही निश्चित की गई है। इस वजह से हमारा पेज डिझाईनिंग का समय बच जाता है। वैसे ही जिन्हें पेज डिझाईन करना मुश्किल लगता है उनके लिए ये टेम्पलेटस् तो किसी वरदान कम नही। टेम्प्लेट सिलेक्ट करके ‘चूझ’ बटन पर क्लिक करें। टेम्पलेट दिखाने से पहले

website

२. डोमेन (Domain) हर एक प्रांत की अलग पहचान कायम रखने के लिए, उस प्रदेश अथवा स्थान को एक नाम दिया जाता है। मतलब वह नाम उस जगह की पहचान बन जाता है। उस नाम से उसी स्थान की साधारण कल्पना सामान्य मानव कर सकता है। उसीप्रकार से विविध प्रकार के वेबसाईट की पहचान होने के लिए उनका विभाजन किया गया है। उन्हें विशेष प्रकार से नाम दिये गये है। हम

website

‘‘इंटरनेट मॉम्स की तो बात ही कुछ और है’’…..यह पंक्तियाँ हमे टिव्हीपर आनेवाली एक अ‍ॅडव्हर्टाईजमेंट मे बार बार सुनने को मिलती हैं। इसमें माँ अपने बेटे को पढा रही है। बच्चा समझता है कि मेरे subject के बारे मे मॉम को क्या पता होगा! पर उस ‘स्मार्ट मॉम’ ने इंटरनेट के जरिये पहले से ही जानकारी ले रखी थी। जब बच्चे को यह बात समझती है, तो उसके चेहेरे का