Upasana

On 13th December 2015 Shree Aniruddha Upasana Foundation (www.aniruddhafoundation.com) along with Dilasa Medical Trust & Rehabilitation Centre had organized Blood Donation Camps at 7 upasana centres namely Malapa Dongri, Kalyan East, Chunabhatti, Dombivali West, Kopar, Borivali West and Mharal (Murbad). Shraddhavans gave a very good response to these Camps. These Camps were organized by various Purushartha Mandalam Kalashs of Shree Aniruddha Upasana Foundation. A total of 579 Shraddhavans joined these camps as donors which made possible a collection and donation of 449 units of blood. I am sure you all are already aware that we have crossed the collective target of donation of 1 lac bottles of blood in the month of April this year.

One more wonderful news that I would like to mention here is about the construction of a BUND by the the Disaster Management Volunteers of Aniruddha’s Academy of Disaster Management (www.aniruddhasadm.com) at Bavnadi in the district of Ratnagiri on 13th December 2015. The bund is 109 feet long and was built within just 4 hours by 31 of our DMVs. The bund is built by our DMVs completely on their own without using any hi-tech equipment. The equipment that they mainly used were their love for Sadguru Aniruddha Bapu and dedication for their work.

नित्य उपासनेसंबंधी सूचना

हरि ॐ, सोमवार, दि. २१ सप्टेंबर ते रविवार, दि. २७ सप्टेंबर २०२० पर्यंत सकाळी ८.०० वाजल्यापासून रात्री ८.१५ वाजेपर्यंत दरवर्षीप्रमाणे “हनुमान चलिसा पठण” ह्या विशेष उपासनेचे आयोजन करण्यात आले आहे ह्याची सर्व श्रद्धावानांना पूर्वकल्पना आहेच. त्यामुळे ह्या काळात दररोज संध्याकाळी ८.०० वाजता होणारी नित्य उपासना होणार नाही ह्याची सर्व श्रद्धावानांनी कृपया नोंद घ्यावी. कोणीही श्रद्धावान त्याला जसे व जेवढा वेळ जमेल त्यानुसार ह्या विशेष उपासनेत सहभागी होऊ शकतो. तसेच भारताबाहेरील

Aniruddha TV

हरि ॐ, आखाती देशों में स्थित श्रद्धावानों की विनती को मद्देनज़र रखते हुए, इसके बाद “अनिरुद्ध टी.व्ही.” तथा मेरे फेसबुक के माध्यम से हर शनिवार प्रक्षेपित होनेवाली उपासना, शाम ७.३० के बजाय अन्य दिनों की तरह ही रात ८.०० बजे प्रक्षेपित होगी। यानी इसके बाद, हफ़्ते के सातों दिन उपासना का प्रक्षेपण रात ८.०० बजे ही होगा, इसपर सभी श्रद्धावान ग़ौर करें। —————————————————————– हरि ॐ, आखाती देशांमधील श्रद्धावानांची विनंती लक्षात

श्रद्धावानों की सुविधा के लिए उपासना इंटरनेट रेडिओ के द्वारा सुनने की व्यवस्था

हरि ॐ, आज से शुभंकरा नवरात्रि यानी चैत्र नवरात्रि की शुरुआत हुई है। इसीलिए हम हररोज़ उपासना होने के बाद २ मिनट का ब्रेक लेकर उसके बाद सुंदरकांड पठण (साधारणत: १ घण्टा दस मिनट का पठण) aniruddha.tv इस वेबसाईट और अ‍ॅप के माध्यम से दिखाने जा रहे हैं। विद्यमान हालातों में Internet पर आनेवाले Extra Load को मद्देनज़र रखते हुए और इस उपासना के लिए श्रद्धावानों के बढ़ते प्रतिसाद को

Aniruddha TV

हरि ॐ, आज दुनिया के सामने खड़े हुए करोना वायरस, “कोविद – १९” के जागतिक संकट की पार्श्वभूमि पर माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदीजी देश को संबोधित करनेवाले हैं और सभी देशवासियों के लिए उसे सुनना उचित होगा । इस बात को मद्देनज़र रखते हुए अनिरुद्ध टी.व्ही. पर प्रसारित होनेवाली विभिन्न स्तोत्र एवं उपासना आज रात ८.०० के बजाय ९.०० बजे होगी, इसपर सभी श्रद्धावान ग़ौर करें । ——————————————————– हरि ॐ,

अनिरुद्ध टी.व्ही. पर प्रसारित होनेवाली गुरुवार की नित्य उपासना के संदर्भ में सूचना

हरि ॐ, आज दुनिया के सामने खड़े हुए करोना वायरस, “कोविद – १९” के जागतिक संकट की पार्श्वभूमि पर माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदीजी देश को संबोधित करनेवाले हैं और सभी देशवासियों के लिए उसे सुनना उचित होगा I इस बात को मद्देनज़र रखते हुए अनिरुद्ध टी.व्ही. पर प्रसारित होनेवाली गुरुवार की नित्य उपासना आज रात ८.०० के बजाय ९.०० बजे होगी, इसपर सभी श्रद्धावान ग़ौर करें I ———————————————————– हरि ॐ,

गुरुवार को श्रीहरिगुरुग्राम में होनेवाली और शनिवार को विभिन्न स्थानों पर उपासना केंद्रों में होनेवाली सामूहिक उपासना अगली सूचना प्राप्त होने तक बंद रखने का निर्णय

हरि ॐ. फिलहाल दुनियाभर तेज़ी से फैलते जा रहे कोरोना व्हायरस – ‘कोविद-१९’ के बारे में हम सभी श्रद्धावान जानते ही हैं। भारत में भी इस विषय में जागरूकता है। कई स्वास्थ्यसंस्थाएँ तथा डॉक्टर्स् इस बीमारी के संक्रमण के संदर्भ में जो खबरदारी एवं सावधानता बरतना आवश्यक है, उसकी सूचनाएँ नागरिकों के लिए प्रसारित कर रहे हैं। इन सभी सूचनाओं में – ‘प्राय: भीड़ के स्थानों पर ना जायें’ अथवा

श्री पंचमुख-हनुमत्-कवच - मराठी अर्थ

॥हरि: ॐ ॥  ॥श्री पंचमुख-हनुमत्-कवच ॥  (संस्कृत आणि मराठी अर्थ)  ॥अथ श्रीपञ्चमुखहनुमत्कवचम् ॥ श्रीगणेशाय नम:| ॐ अस्य श्रीपञ्चमुखहनुमत्कवचमन्त्रस्य ब्रह्मा ऋषि:| गायत्री छंद:| पञ्चमुख-विराट् हनुमान् देवता| ह्रीम् बीजम्| श्रीम् शक्ति:| क्रौम् कीलकम्| क्रूम् कवचम्| क्रैम् अस्त्राय फट् | इति दिग्बन्ध:|  या स्तोत्राचा ऋषि ब्रह्मा असून छंद गायत्री, ह्या स्तोत्राची देवता पंचमुख-विराट-हनुमान आहे, ह्रीम् बीज आहे, श्रीम् शक्ति आहे, क्रौम् कीलक आहे, क्रूम् कवच आहे आणि ‘क्रैम् अस्त्राय फट्’ हा दिग्बन्ध आहे. ॥श्री

श्री पंचमुख-हनुमत्-कवच - हिन्दी अर्थ

॥हरि: ॐ ॥   ॥श्री पंचमुख-हनुमत्-कवच ॥   (मूल संस्कृत और हिन्दी अर्थ)   ॥अथ श्रीपञ्चमुखहनुमत्कवचम् ॥   श्रीगणेशाय नम:| ॐ अस्य श्रीपञ्चमुखहनुमत्कवचमन्त्रस्य ब्रह्मा ऋषि:| गायत्री छंद:| पञ्चमुख-विराट् हनुमान् देवता| ह्रीम् बीजम्| श्रीम् शक्ति:| क्रौम् कीलकम्| क्रूम् कवचम्| क्रैम् अस्त्राय फट् | इति दिग्बन्ध:|  इस स्तोत्र के ऋषि ब्रह्मा हैं, छंद गायत्री है, देवता पंचमुख-विराट-हनुमानजी हैं, ह्रीम् बीज है, श्रीम् शक्ति है, क्रौम् कीलक है, क्रूम् कवच है और ‘क्रैम् अस्त्राय फट्’

Aniruddha Bapu told in his Pitruvachanam dated 28 Apr 2016 that Walk barefoot on the Earth, Chant Lam

परमपूज्य सद्‍गुरु श्री अनिरुद्ध बापू ने २८ एप्रिल २०१६ के पितृवचनम् में  ‘ॐ लं’ का जाप करते हुए जमीन पर नंगे पाव चलना चाहिए, इस बारे में बताया। जो गलत ions, ions यानी क्या बोलते हैं पोटॅशियम (K+), क्लोराईड (Cl-), ये जो ions हैं, फ़्री ions, हमारी बॉडी में जो रहते हैं, वो बहुत हार्म करते हैं, हमारे शरीर को बहुत तकलीफ पहुँचा सकते हैं। लेकिन जब हम जमीन पर

`ॐ लं ’ का जप करे (Chant `Om Lam') - Aniruddha Bapu

परमपूज्य सद्‍गुरु श्री अनिरुद्ध बापू ने ७ एप्रिल २०१६ के पितृवचनम् में  ‘ॐ लं का जप करें’, इस बारे में बताया।  शमनं, दमनं नहीं, destruction नहीं, दमन नहीं है, suppression भी नहीं, नॉर्मल करना। जो हमारे विकार या वासनाएँ हैं, जो भी हमारे षड्‌रिपु हैं, वे सारे षड्‌रिपु कहां से काम करते हैं? तो मूलाधार चक्र से काम करते हैं। और ये जो ‘शं बीज’ है, ये ‘लं बीज’ के