Social Media

ई-मेल – भाग ४

ई-मेल फोल्डर का प्रभावी उपयोग : मान ले हम एक ही साथ ४ प्रोजेक्टस्पर काम कर रहे हैं व इन चारों प्रोजेक्ट से संबंधित ई-मेल हमारे इनबॉक्स में आती हैं। समय के साथ-साथ मेल्स् की संख्या भी बढ़ती हैं व पुराने मेल्स् ढूंढ़ना कठीन होता जाता है, तब मेल्स् का प्रकारानुसार विभाजन आवश्यक हो जाता है व यही फोल्डर व्यवस्था काम आती हैं। प्रोजेक्ट अनुसार फोल्डर बनाकर वहीं मेल्स् को

ई-मेल – भाग ३

ई-मेल सर्च :     भेजे व प्राप्त होनेवाले मेल्स की संख्या दिन प्रतिदिन बढ़ती ही जाती हैं। ऐसे में पुराना मेल खोजना हो तो ई-मेल सर्च समय की बर्बादी से बचाता है। इस के दो भाग हैं – बेसिक व एडवान्सड। जी-मेल के होम-पेज पर एक लम्बा चौड़ा सर्च बार होता है। बेसिक सर्च : यदि हमें फेसबुक शब्द वाला ई-मेल ढूंढ़ना हैं – सर्च बार में फेसबुक लिखे। व

ई-मेल - भाग २

थीम्स : मूल ई-मेल का इन्टरफ़ेस सफ़ेद होता है । इस में रंग संगति व पृष्ठचित्र बदला जा सकता हैं । सबसे पहले जी-मेल के होम-पेज में आए । अगर चॅट ऑफ करना है, तो उसके बाजूवाले रेडिओ बटन पर क्लिक करें । इसके बाद सेव्ह चेंजेस्का बटन गहरा होगा वहाँ क्लिक करे । अब होम-पेज पर गुगल हँगआऊटस् बाँए निचले कोने में दिखना बंद हो जाएगा । यहाँ चॅट ऑन

‘ FireChat ’ – Frequently Asked Questions (FAQ)

1. What is ‘FireChat’? ‘FireChat’ is a messaging app that works with or without internet connectivity. 2. What are chatrooms, how are they different from Whatsapp groups? Whatsapp groups are used for a closed community, where messages circulate within the group members only. Members outside the group have no access to the messages circulated within the group. However, there is no ‘group’ concept in ‘FireChat’. ‘FireChat’ has ‘chatrooms’. They are

फ़ायरचॅट

आज अगर कोई हमसे ये कहे कि बिना इंटरनेट का इस्तेमाल किये या फ़िर बिना मोबाइल नेटवर्क का इस्तेमाल किये हम लोग अपने मोबाइल फ़ोन से कम्युनिकेट कर सकते हैं, मेसेजेस भेज सकते हैं! तो हमे क्या लगेगा? हमे इस बात बिलकुल विश्वास नही होगा| लेकिन आज हमे एक ऐसा ऍप देखना हैं, जो कि बिना इंटरनेट के और बिना मोबाइल फ़ोन नेटवर्क कव्हरेज के भी चलता रहता हैं, और

ई-मेल – भाग १

संदेशो के लेनदेन पर पहले भी संसार चलता था, आज भी चल रहा है, ओर आगे भी चलता रहेगा। संदेश का समय रहते पहुँचना बहुत आवश्यक है। यद्यपि प्राचीन व आधुनिक संदेश माध्यमों में काफी अन्तर हैं तथापि मूल संकल्पना वहीं हैं। प्राचीन काल में संदेश वहन का कार्य राजा महाराजा के दूत किया करते थे। जिस में बहुत समय लगता था। धीरे-धीरे समय के साथ-साथ यातायात के साधनों में

यू टयूब - भाग ३

हमारे द्वारा अपलोड किए गए व्हिडिओ को कैसे देखना है? हमारे मन में सहज ही यह बात आ चुकी होगी, हम जो व्हिडिओ अपलोड करते हैं, उसकी लिस्ट (सूची) हमें कहाँ मिलेगी? इसके लिए ‘व्हिडिओ मॅनेजर’ यह विकल्प यू-टयुब ने उपलब्ध करवा दिया है। इस के माध्यम से हम यू-टयुब पर रखे गए अपने व्हिडिओ के सेटिंग भी एडिट कर सकते हैं। व्हिडिओ मॅनेजर : १) हमने यह तो देखा

IMPERSONATING Dr. Aniruddha Joshi

This is to inform all Shraddhavaans, that we have come across many profiles on Twitter and Facebook which are claiming to be official profiles of Sadguru Shree Aniruddha Bapu (Dr. Aniruddha D. Joshi – MD. Medicine, Rheumatology). I would like to state categorically that, at this current moment, Sadguru Shree Aniruddha Bapu (Dr. Aniruddha D. Joshi) has not joined either Twitter or Facebook; hence all accounts claiming to be the

यू टयुब - भाग २

यू-टयुब चॅनेल्स : १) यू-टयुब चॅनेल्स यानि क्या? बहुत सारे लोग यू-टयुब पर व्हिडिओज् सतत अपलोड (upload) करते रहते हैं। अपलोड करना यानी किसी व्हिडिओ को कॉम्प्युटर से यू-टयुब पर डालना। यू-टयुब का घोष वाक्य ही ‘Broadcast Yourself’ इस प्रकार है। अर्थात हम अपने व्हिडिओज् इस यू-टयुब की सहायता से पूरी दुनिया में प्रसारित कर सकते हैं। यू-टयुब पर अपना खुदका चॅनल बनाना कोई बड़ी बात नहीं। कोई भी सामान्य

यू टयुब - भाग १

आज के समय में ‘गुगुल’ के बाद ‘यू-टयुब’ यह दुनिया में दूसरे क्रमांक का सर्च इंजन हैं। एक महीने में एक अरब से भी अधिक लोग यू-टयुब इस वेबसाईट के साथ संपर्क रखते हैं। महीने भर में साधारण तौर पर देखा जाए तो छ: अरब घंटों के विविध विषय और क्षेत्र के अन्तर्गत आनेवाले व्हिडिओ यू-टयुब पर देखे जाते हैं। उसी प्रकार हर मिनिट पर लगभग सौं घंटों के व्हिडिओ