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China

हंबंटोटा बंदरगाह चीन को देकर श्रीलंका ने गलती की – श्रीलंका के विदेश सचिव ने किया कबूल कोलंबो – श्रीलंका ने हंबंटोटा बंदरगाह चीन को देकर काफी बड़ी गलती की है, यह बात श्रीलंका के विदेश सचिव जयनाथ कोंलबेज ने स्वीकारी है। लेकिन, इसके आगे श्रीलंका की विदेश नीति भारत केंद्रित रहेगी, यह भरोसा भी विदेश सचिव कोंलबेज ने दिया। साथ ही भारत की सुरक्षा के लिए खतरा बने ऐसी

India-China

चीन की बढ़ती दखलअंदाज़ी के विरोध में नेपाल में हुए प्रदर्शन नई दिल्ली – नेपाल के अंदरूनि मामलों में चीन की दखलअंदाज़ी बढ़ रही है और प्रधानमंत्री के.पी.शर्मा की कुर्सी बचाने के लिए नेपाल में नियुक्त चीन की राजदूत कोशिश कर रही हैं, ऐसीं ख़बरें प्राप्त हो रही हैं। चीन की राजदूत होउ यांकी पिछले तीन दिनों से, नेपाल की सत्ताधारी कम्युनिस्ट पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से बैठकें कर रही

Nepal

Nepal PM struggles to save his government Kathmandu: The pro-Chinese Government, in Nepal, headed by Prime Minister KP Sharma Oli, is about to collapse, owing to the divide in the ruling party. The political developments have been fast-tracked in Nepal. Chairman of the communist party of Nepal and former Prime Minister, Pushpa Kamal Dahal Prachanda, called an emergency meeting of the party standing committee. Read More : http://www.newscast-pratyaksha.com/english/nepal-pm-struggling-to-save-its-government/ Oli government

भारत को मात देने के लिए और हिन्दुत्व को ख़त्म करने के लिए चीन किस प्रकार नेपाल को कब्ज़े में करने की कोशिश कर रहा है

हाल ही में, तिब्बतस्थित कैलाश मानसरोवर तक पहुँचने के लिए भारत ने अपने उत्तराखंड राज्य में एक नये रास्ते का उद्घाटन किया। भारत से कैलाश मानसरोवर की तीर्थयात्रा के लिए जानेवालें तीर्थयात्रियों को अब तक ५ दिन पैदल यात्रा करनी पड़ती थी; इस नये रास्ते के कारण अब तीर्थयात्री वहाँ तक गाड़ी से केवल २ ही दिन में पहुँच सकेंगे। लेकिन नेपाल ने इस रास्ते पर ऐतराज़ जताया है। जवाब

How China is trying to takeover Nepal to checkmate India and finish off Hinduism

Recently, India inaugurated a new road in its state of Uttrakhand to reach Kailash Mansarovar in Tibet. The route will help pilgrims from India as it reduces a 5-day trek to a 2-day vehicle ride. However, Nepal has objected to the road. In response, India has said the new route is entirely within its territory. Here, it needs to be noted that apart from being pilgrim-friendly, the road holds high