Kolhapur Medical Camp

Bapu – A whole experience beyond words ( Lyricists Sameer)

Your opinion about Bapu’s thoughts….I am an artist. The one who offers a helping hand to others in the time of social violence, terror attacks or conflict, is in my opinion a great, superior being. I have read about Him and tried to understand though I have not heard Him talk or address a gathering. I had been to the Andheri Sports complex for His darshan. I happened to watch a video about the Kolhapur Medical Camp. I learnt about the service to the needy and the ailing, the aid given to students and the local villagers. I really liked it.

Bapu’s spirituality is so simple and it is communicated in His seva activities. Initially when I wanted to know about Him, I began by gathering information about His organization and His activities. I feel Bapu’s work and mission, His benevolence and compassion is what lies at the core of His spirituality. To look up to Him as an avataar, or God or Sadguru is for each one to decide for himself. As for me, I feel His dispassionate and selfless seva is His strength.

The Kolhapur Medical & Healthcare Camp, a brainchild of Dr. Aniruddha Dhairyadhar Joshi, M.D. (Medicine) is in its 15th year. This year it was held on 4th & 5th February 2018 at Pendakhale village of Shahuwadi taluka in the district of Kolhapur, Maharashtra. One may think of this to be just a 2-day affair but in fact, it is an on-going activity being performed round the year that culminates into

डॉ. अनिरुद्ध जोशी के संकल्पना से साकार हुए कोल्हापूर मेडिकल और हेल्थकेअर कैम्प का यह पंद्रहवा वर्ष है। इस वर्ष दिनांक ४ एवं ५ फरवरी के रोज कोल्हापूर जिले के शाहुवाडी तालुका के पेंढाखले इस गांव मे यह कैम्प संपन्न हुआ है। कई लोगों को यह कैम्प सिर्फ दो दिनों का कार्यक्रम प्रतीत होता होगा पर वास्तव मे यह सालभर चलनेवाला उपक्रम है जिसका अनुभव इस कैम्प मे होता है।

कोल्हापुर मेडिकल अँड रिहॅबिलिटेशन कँप २०१७ की तैयारी

गत १३ साल से लगातार आयोजित किये जा रहे कोल्हापूर मेडिकल अँड रिहॅबिलिटेशन कँप के सन २०१७ के सत्र की शुरुआत होने जा रही है। पूरे १० एकर की व्याप्ति रहनेवाले इस कँप के लिए मनुष्य़बल भी उतने ही प्रमाण में लगता है। इस भक्तिमय निष्काम सेवा के लिए जगहों जगहों से, इस साल सेवा करने का अवसर प्राप्त हुए कार्यकर्ता शिविर के लिए निकले हैं। मुंबई से २२ बसेस

Kolhapur Medical & Healthcare Camp 2017 Preparation

The ‘Kolhapur Medical and Rehabilitation Camp’, which is being conducted for the past 13 years, is about to commence for this year, i.e. 2017. The Camp, spread over 10 acres, requires volunteers in large number. The volunteers, who have got the chance to offer seva this year, for this divine selfless service, have started for the Camp venue from their respective places. 748 volunteers in 22 buses from Mumbai, 113

कोल्हापूर मेडिकल अँड रिहॅबिलिटेशन कँप २०१७ची तयारी

गेली १३ वर्षे सातत्याने आयोजित केला जात असलेल्या कोल्हापूर मेडिकल अँड रिहॅबिलिटेशन कँपच्या २०१७ च्या सत्राला सुरुवात होत आहे. तब्बल १० एकरची व्याप्ती असणाऱ्या ह्या कँपकरिता मनुष्य़बळही तेवढ्याच मोठ्या संख्येने लागणार. ह्या भक्तिमय निष्काम सेवेकरिता ठिकठिकाणाहून यंदा सेवेकरिता संधी मिळालेले कार्यकर्ते शिबिरासाठी निघाले. मुंबईहून २२ बसेस, तसेच इतर कार्समधून मिळून ७४८ कार्यकर्ते, पुण्याहून ३ बसेसमधून ११३ कार्यकर्ते, तर रायगडमधून १ बसमधून २५ कार्यकर्ते शिबिराकरिता रवाना झाले. ह्या कोल्हापूर मेडिकल अँड

Kolhapur Medical and Healthcare Camp 2016 - 2

एक प्रसिद्ध अंग्रेजी कहावत है – “Giving is the best communication” (देना सबसे अच्छा संपर्क हैं)। हर साल कोल्हापूर स्थित अनेक छोटे गावोंमे आयोजित होनेवाला मेडिकल एवं हेल्थकेअर कॅम्प इसका प्रतिक है। २००४ साल से दिलासा मेडिकल ट्रस्ट ऑण्ड रिहॅबीलीटेशन सेंटर, संपूर्ण करुणा भावसे कोल्हापूर और आसपास के अन्य विभागो में बहुतही आवश्यक ऐसा सहारा यहॉंके श्रमिकों को दे रहा है, जिन्हें सचमें इसकी जरुरत है। श्री अनिरुद्ध उपासना फाउंडेशन