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भगवान से प्यार के साथ ठेंठ बातें करें (Speak Directly To God With Love) – Aniruddha Bapu‬

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परमपूज्य सद्‍गुरू श्री अनिरुद्ध बापू ने अपने २० नवंबर २०१४ के हिंदी प्रवचन के दौरान ‘भगवान से प्यार के साथ ठेंठ बातें करें’ ‘Speak Directly To God With Love’ इस बारे में बताया। भगवान को हासिल करने के लिए किसी दलाल की आवश्यकता नही होती है। ऋगवेद, यजुर्वेद और सामवेद में ठेंठ भगवान से करनेवाली प्रार्थनाएं दी गयी हैं। अथर्ववेद ... Read More »

परमात्मा अपने हर एक भक्त पर फोकस्ड रहता है। (Paramatma is focussed on His every Bhakta) – Aniruddha Bapu‬ Hindi‬ Discourse 08 Jan 2015

परमपूज्य सद्‍गुरू श्री अनिरुद्ध बापू ने अपने ०८ जनवरी २०१५ के हिंदी प्रवचन में ‘परमात्मा अपने हर एक भक्त पर फोकस्ड रहता है’ (Paramatma is focussed on His every Bhakta) इस बारे में बताया। परमात्मा अपने हर भक्त पर फोकस्‍ड रहता है। परमात्मा इस सृष्टी के सभी जीवों का, भक्तों का भला चाहते हैं। भगवान, सद्‍गुरुतत्त्व अपने भक्तों की मदत ... Read More »

भगवान सर्वसमर्थ है (God is omnipotent) – Aniruddha Bapu‬

परम पूज्य सद्‍गुरू श्री अनिरुद्ध बापूने उनके ०८ जनवरी २०१५ के हिंदी प्रवचन में डॉ. टेस्ला का उदाहरण देकर ‘भगवान सर्वसमर्थ है (God is omnipotent) ’ इस बारे में समझाया। एक विश्वास असावा पुरता, कर्ता हर्ता साई ऐसा। यह साईनाथ सब कुछ कर सकता है। हमारे मन में आता है- ये कैसे हो सकता है? ये नही हो सकता है। ... Read More »

भगवान पर भरोसा रखो (Have Faith in God) – Aniruddha Bapu‬

भगवान पर भरोसा रखो (Have Faith in God) – Aniruddha Bapu‬ परम पूज्य सद्‍गुरू श्री अनिरुद्ध बापूने उनके ०८ जनवरी २०१५ के हिंदी प्रवचन के दौरान ‘भगवान हर पल मेरे साथ है और मेरे लिए खुदको बदलता हैं। भगवान पर भरोसा करो’, इस बारे में बताया। हमें जानना चाहिए, भगवान हर पल मेरे साथ है और मेरे लिए खुदको बदलता ... Read More »

परमात्मा का वादा कभी झूठा नहीं होता (Paramatma always keeps his promises) – Aniruddha Bapu‬

Paramatma always keeps his promises परम पूज्य सद्‍गुरू श्री अनिरुद्ध बापूने उनके ०८ जनवरी २०१५ के हिंदी प्रवचनके दौरान ‘ परमात्मा (Paramatma) का वादा कभी झूठा नही होता, वह अपना वादा निभाता ही है’, इस बारे में बताया। जो इन्सान का जन्म लेता है, वह सिर्फ दो ही प्रान्त या प्रदेश में जी सकता है। पहला आदिमाता और परमात्मा के ... Read More »

भगवंत असत्य प्रार्थना ऐकून घेत नाही (God never considers the false prayer) – Aniruddha Bapu‬

परमपूज्य सद्‍गुरू श्री अनिरुद्ध बापूंनी त्यांच्या २५ जून २०१५ च्या मराठी प्रवचनात सर्व श्रद्धावानांकडून ‘भगवंत असत्य प्रार्थना’ ऐकून घेत नाही, याबाबत सांगितले. भगवंताशी बोलताना काही कथा-व्यथा असेल जरूर मांडा, परंतु कधीही खोटे बोलू नये, अगदी मनातल्या मनातही खोटे बोलू नये. भगवंत हा जातवेद असतो. जे काही घडले त्याक्षणी त्याला ते तसच्या तसं माहीत असते. आपण जे घडले तेवढे फक्त कबूल ... Read More »

‘मैं हूँ’ यह त्रिविक्रम का मूल नाम है – भाग २ (‘ I Am ’ Is Trivikram’s Original Name – Part 2) – Aniruddha Bapu‬ Hindi‬ Discourse 01 Jan 2015

‘मैं हूँ’ यह त्रिविक्रम का मूल नाम है – भाग २ (‘ I Am ’ Is Trivikram’s Original Name – Part 2) मानव को स्वयं के बारे में कभी भी नकारात्मक रूप में नहीं सोचना चाहिए। भगवान से कुछ मांगते समय भी सकात्मक सोच ही होनी चाहिए। ‘भगवान आप मेरे पिता हो और मैं आपका पुत्र हूं। आप ऐश्वर्यसंपन्न हो, ... Read More »

आरती- दुर्गे दुर्घट भारी (प्रत्येक शब्द का अर्थ एवं सरलार्थ सहित) (Aarti Durge Durghat Bhari

Durga

  दुर्गे दुर्घट भारी तुजविण संसारी । अनाथनाथे अंबे करुणा विस्तारी ॥ वारी वारी जन्ममरणांतें वारी । हारी पडलो आता संकट निवारी ॥ 1 ॥ जय देवी जय देवी महिषासुरमर्दिनी । सुरवरईश्वरवरदे तारक संजीवनी ॥ धृ ॥ त्रिभुवनभुवनी पाहता तुजऐसी नाही । चारी श्रमले परंतु न बोलवे कांही ॥ साही विवाद करिता पडिले प्रवाही । ते तूं भक्तांलागी पावसि लवलाही॥ ... Read More »

स्तुति-प्रार्थना (Stuti-Prarthana) – Aniruddha Bapu‬ Hindi‬ Discourse 01 Jan 2015

स्तुति-प्रार्थना (Stuti-Prarthana) मानव जो सोचता है वही तत्त्व उसके पास आता है और जैसा वह सोचता है वैसा वह बनता है। मैं त्रिविक्रम की संतान हूं और इसलिए मेरे पास मेरे पिता के सारे गुण अल्प प्रमाण में ही सही मगर अवश्य ही हैं, इस विश्वास के साथ भगवान से मांगना चाहिए। भगवान सर्वसमर्थ हैं, भगवान सर्वगुणसंपन्न हैं, इस तरह ... Read More »

‘मैं हूँ’ यह त्रिविक्रम का मूल नाम है (‘I Am’ Is Trivikram’s Original Name) – Aniruddha Bapu‬ Hindi‬ Discourse 01 Jan 2015

‘मैं हूँ’ यह त्रिविक्रम का मूल नाम है (‘I Am’ Is Trivikram’s Original Name) आदिमाता चण्डिका और उनके पुत्र त्रिविक्रम (Trivikram) से कुछ मांगते समय श्रद्धावान को सकारात्मक (पॉझिटिव्ह) रूप से मांगना चाहिए। वेदों के महावाक्य यही बताते हैं कि हर एक मानव में परमेश्वर का अंश है। यदि मानव में परमेश्वर का अंश है तो उसे नकारात्मक रूप से ... Read More »

श्रीसूक्ताच्या पहिल्या ऋचेचा अर्थ – भाग १५ (The Meaning Of The First Rucha Of Shree Suktam – Part 15) – Aniruddha Bapu‬ ‪Marathi‬ Discourse 18 June 2015

श्रीसूक्ताच्या पहिल्या ऋचेचा अर्थ- भाग १५ (The Meaning Of The First Rucha Of Shree Suktam – Part 15) लहान मूल ज्याप्रमाणे आपल्या आईवडिलांकडे, आजीआजोबांकडे हट्ट करते, अन्य कुणा तिर्‍हाइकाकडे हट्ट करत नाही; त्याप्रमाणे श्रद्धावानाने आपल्या पित्याकडे म्हणजेच त्रिविक्रमाकडे हट्ट करावा, त्रिविक्रमाच्या मातेकडे म्हणजेच आपल्या आजीकडे अर्थात श्रीमातेकडे हट्ट करावा. त्रिविक्रमच उचित ते सर्वकाही देणारा आहे. या जगात जे जे काही ... Read More »

दररोज दहा मिनिटे शान्त बसा- भाग २ (Sit Quite For 10 Minutes Every Day- Part 2) – Aniruddha Bapu‬ ‪Marathi‬ Discourse 18 June 2015

दररोज दहा मिनिटे शान्त बसा- भाग २ (Sit Quite For 10 Minutes Every Day- Part 2) रोज दिवसातून कमीत कमी दहा मिनिटे शान्तपणे बसा (Sit Quite). शान्तपणे बसण्याआधी ‘हरि ॐ, श्रीराम अंबज्ञ’ म्हणा आणि उठण्याआधी ‘जय जगदंब जय दुर्गे’ म्हणा. लक्ष्मी म्हणजे सर्व प्रकारची संपन्नता. अशा या लक्ष्मीमातेला श्रद्धावानाकडे घेऊन येणारा तिचा पुत्र त्रिविक्रम आहे. लक्ष्मीमातेचा श्रद्धावानाच्या जीवनात सर्वत्र संचार ... Read More »

दररोज दहा मिनिटे शान्त बसा (Sit Quite For 10 Minutes Every Day) – Aniruddha Bapu‬ ‪Marathi‬ Discourse 18 June 2015

दररोज दहा मिनिटे शान्त बसा (Sit Quite For 10 Minutes Every Day) दररोज दिवसातून वेळ काढून किंवा रात्री कमीत कमी दहा मिनिटांसाठी तरी शान्त बसा. शरीर स्थिर आणि मन शान्त करा. मनात जरी विचार आले तरी विरोध करू नका. दहा मिनिटे बसण्याआधी ‘हरि ॐ, श्रीराम अंबज्ञ’ म्हणा आणि दहा मिनिटे झाल्यावर ‘जय जगदंब जय दुर्गे’ म्हणा. दररोज दहा मिनिटे शान्तपणे ... Read More »

त्रिविक्रम आमची प्रार्थना ऐकतोच (Trivikram Listens To Our Prayers) – Aniruddha Bapu‬ ‪Marathi‬ Discourse 18 June 2015

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त्रिविक्रम आमची प्रार्थना ऐकतोच (Trivikram Listens To Our Prayers) एक दिवस शान्तपणे बसा. सारे व्याप बाजूला सारून थोड्या वेळासाठी बसा आणि आठवा की माझ्या जीवनात मी किती चुका केल्या आणि तरीही भगवंताने मला किती चांगल्या गोष्टी दिल्या. न मागतासुद्धा भरपूर मिळालं आणि जे चुकीचं होतं ते मागूनसुद्धा मिळालं नाही. यज्ञयाग, तीर्थयात्रा, जपजाप्य, मोठमोठ्या उपासना न करतासुद्धा त्रिविक्रमाने आणि आदिमाता चण्डिकेने ... Read More »

‘ अंबा ’ या शब्दाचा अर्थ (The Meaning Of The Word ‘ Amba ’) – Aniruddha Bapu‬ ‪Marathi‬ Discourse 18 June 2015

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‘ अंबा ’ या शब्दाचा अर्थ (The Meaning Of The Word ‘ Amba ’) दुर्गामातेच्या आरतीत ‘अनाथनाथे अंबे’ हे शब्द येतात. ‘ अंबा ’ या शब्दाचे ‘अंबे’ हे संबोधन आहे. ‘ अंबा ’ या शब्दाचा अर्थ आहे- ‘माझी प्रिय आई’. लहान मूल जसे ‘माझी आई’ या भावनेने आईला बिलगते, त्या माझेपणाच्या, प्रेमाच्या भावाने मोठ्या आईला साद घालायला हवी. अंबा या ... Read More »