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जब भी आनंदित होंगे, तब तब ‘ जय जगदंब जय दुर्गे ’ बोलिए (Whenever you feel Happy, Say Jai Jagadamb Jai Durge) – Aniruddha Bapu

Aniruddha Bapu told in Pitruvachanam 22 Oct 2015 that Aniruddha Bapu Pitruvachanam 22 Oct 2015

परमपूज्य सद्‍गुरु श्री अनिरुद्ध बापू ने २२ अक्तूबर २०१५ के पितृवचनम् में ‘जब भी आनंदित होंगे, तब तब ‘ जय जगदंब जय दुर्गे ’ बोलिए’ इस बारे में बताया। अदितिमती याने काश्यपपत्नी। अदिति यानी आदिमाता का मूल स्वरूप, अदिति यानी जो कभी खंडित नहीं होती, खंडित होने देती ही नहीं। सबकुछ अखंडीत रखती है वो अदिति है राइट तो हम ... Read More »

English Translation of Durge Durghata Bhari Aarti

1. Durge Durghata Bhaari Tuzhavina Saunsaari | Anaath-Naathey Ambe Karuna Vistaari || O Dear Mother Durga, without your eternal grace This world is a very difficult place to live in O Dear Mother Ambe, Protector of the distressed and orphaned Please extend Your all pervading Compassion so that I receive it 2. Vaari Vaari Janma-Maranaantey Vaari | Haari Padalo Aataa ... Read More »

आरती- दुर्गे दुर्घट भारी (प्रत्येक शब्द का अर्थ एवं सरलार्थ सहित) (Aarti Durge Durghat Bhari

Durga

  दुर्गे दुर्घट भारी तुजविण संसारी । अनाथनाथे अंबे करुणा विस्तारी ॥ वारी वारी जन्ममरणांतें वारी । हारी पडलो आता संकट निवारी ॥ 1 ॥ जय देवी जय देवी महिषासुरमर्दिनी । सुरवरईश्वरवरदे तारक संजीवनी ॥ धृ ॥ त्रिभुवनभुवनी पाहता तुजऐसी नाही । चारी श्रमले परंतु न बोलवे कांही ॥ साही विवाद करिता पडिले प्रवाही । ते तूं भक्तांलागी पावसि लवलाही॥ ... Read More »