Ashwin Navratra

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हरि ॐ, हर साल चैत्र नवरात्रि (शुभंकरा नवरात्रि) तथा आश्विन नवरात्रि (अशुभनाशिनी नवरात्रि) इन दोनों मंगलमय उत्सवों के दौरान श्रीअनिरुद्ध गुरुक्षेत्रम्‌ में नवरात्रि उत्सव बहुत ही हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। पहले दिन भोर में इस उत्सव का शुभारंभ गुरुक्षेत्रम्‌ में स्थित माता श्रीशिवगंगागौरी के मंगलस्नानम्‌ विधि से होता है और उसके बाद मोठी आई महिषासुरमर्दिनी के हाथ में पहनाये जानेवाले आभूषणों (तोडे – बड़े कंगन) के साथ गुरुक्षेत्रम्‌

Matruvatsalyavindanam

Hari Om, Every year, during Navratri, a large number of Shraddhavans read the ‘Matruvatsalyavindanam’ granth authored by Sadguru Shree Aniruddha Bapu and perform Parayan as well. Many also read the ‘Matruvatsalya Upanishad’. This year too, for the Ashubhanashini Navratri (Ashwin Navratri) we have made these granthas available in the form of ebooks through various eBook stores viz., Amazon Kindle, Apple Books, Nook eReader, Kobo eReader, Scribd, Vivlio, etc. For the

आश्विन नवरात्रि उत्सव (अशुभनाशिनी नवरात्रि उत्सव) के संदर्भ में सूचना

हरि ॐ, कोरोना वायरस, “कोविद – १९” की व्यापकता का अंदाज़ा सभी श्रद्धावानों को है ही। आज के इस दौर में श्रीअनिरुद्ध गुरुक्षेत्रम्‌ बंद होकर, आनेवाली आश्विन नवरात्रि में भी वह बंद ही रहेगा और नवरात्रि का कोई भी कार्यक्रम गुरुक्षेत्रम्‌ में नहीं होगा, इसपर कृपया सभी श्रद्धावान ग़ौर करें। इस पृष्ठभूमि पर, सद्‍गुरु बापुजी के कहेनुसार, श्रद्धावान इस साल आश्विन नवरात्रि उत्सव (अशुभनाशिनी नवरात्रि उत्सव) में “अंबज्ञ इष्टिका पूजन”

Shree Matruvatsalyavindanam Paaraayan

Shree Matruvatsalyavindanam Paaraayan ll हरि ॐ ll      श्रीमातृवात्सल्यविंदानम्‌ मध्ये दिल्याप्रमाणे ह्या ग्रंथाच्या पारायाण करण्याच्या तीन पध्दती आहेत. त्यातील पध्दतीप्रमाणे चैत्र व अश्‍विन नवरात्रामध्ये प्रतिपदेच्या दिवशी ग्रंथपठणास आरंभ करून नवमीच्या रात्री बारा वाजेपर्यंत ग्रंथ वाचून पूर्ण करावयाचा आहे. तसेच ह्या ग्रंथाचे उद्यापन दशमीच्या दिवशी, म्हणजे दसर्‍याच्या दिवशी करावयाचे आहे.   ह्या वर्षी दि. १६ ऑक्टोबर २०१२ रोजी सुरु होणार्‍या आश्‍विन नवरात्रीमध्ये नवमी आठव्या दिवशी येत असली तरी, प्रतिपदेच्या दिवशी