Announcement

संस्था का अधिकृत स्पष्टीकरण

हरि ॐ, आज नंदाई के नाम से किसी सखी ने एक पूर्णत: झूठी पोस्ट वायरल (Viral) की है। संस्था की ओर से अधिकृत रूप में यह स्पष्टीकरण दिया जाता है कि नंदाई की किसी भी सखी के साथ, कल शहीद हुए जवानों के विषय में कुछ भी बात नहीं हुई है। जिस सखी ने नंदाई के नाम से वह पोस्ट अपलोड् की है, वह सरासर झूठ बोल रही है, इस

सद्गुरु श्री अनिरुद्ध बापु के अग्रलेख ऑनलाईन पढने का स्वर्णिम अवसर

हरि ॐ हम श्रद्धावानों को त्रि-नाथों से जोडने वाले ‘समर्थ-सेतु’ स्वयंभगवान श्री त्रिविक्रम के भक्तिभाव चैतन्य में रहना, यही हर एक श्रद्धावान के लिए राजमार्ग है, यह मार्गदर्शन हमें परमपूज्य सद्गुरु श्री अनिरुद्ध बापु दैनिक प्रत्यक्ष के अग्रलेखों से कर रहे हैं। हम सभी जानते हैं कि सद्गुरु श्रीअनिरुद्धजी विभिन्न मार्गों से अपने श्रद्धावान मित्रों के साथ संवाद करते हैं। हर गुरुवार को श्रीहरिगुरुग्राम में होने वाले पितृवचन (प्रवचन) के

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 हरि ॐ, जैसा कि सद्गुरु श्री अनिरुद्धजी ने बताया था, गुरुवार दि. १० जनवरी २०१९ को श्रीहरिगुरुग्राम में, डॉ. पौरससिंह अनिरुद्धसिंह जोशी, सभी श्रद्धावानों को भजन करना सिखायेंगे, इसपर सभी श्रद्धावान गौर करें। । हरि ॐ । श्रीराम । अंबज्ञ । । नाथसंविध् ।  ———————————————————————-   हरि ॐ, सद्गुरु श्री अनिरुद्धांनी सांगितल्याप्रमाणे गुरुवार दि. १० जानेवारी २०१९ रोजी श्रीहरिगुरुग्राम येथे डॉ. पौरससिंह अनिरुद्धसिंह जोशी सर्व श्रद्धावानांना भजन करण्यास शिकवणार

पादुका वितरण एवं पादुका प्रदान समारोह २०१८

सभी श्रद्धावानों के लिए ‘अनिरुद्धपूर्णिमा’ यह कितना महत्त्वपूर्ण उत्सव है यह कहने की ज़रूरत नही है। हम सभी श्रद्धावान हमारे प्रिय परमपूज्य सद्गुरु अनिरुद्धजी का जन्मदिवस मनानेवाले इस उत्सव की बड़ी अधीरता से प्रतीक्षा करते हैं। इस उत्सव के बाद का दिन भी श्रद्धावानों के लिए महत्त्वपूर्ण है – ‘अनिरुद्धपूर्णिमा’ के दूसरे दिन सभी अधिकृत ‘अनिरुद्ध उपासना केन्द्रों’ को अगले सालभर के लिए नयीं पादुकाएँ प्रदान की जाती हैं। एक

Aniruddha-Bapu-Aniruddha-Chalisa-pathan

।। हरि ॐ ।। सद्गुरु श्रीअनिरुद्धांनीच मानव धर्माला परमेश्वरी ऐश्वर्य प्राप्त करून देणारा, म्हणजेच भक्तिच्या सहाय्याने निष्काम कर्मयोग शिकवणारा मार्ग आम्हाला दिला; आमच्या बापूंनीच आम्हाला त्रि-नाथांच्या भक्तीचा सहजसुंदर मार्ग दाखवला, सद्गुरु श्रीअनिरुद्धांनीच आमच्या जीवनात अंबज्ञता आणली, सद्गुरु श्रीअनिरुद्धांमुळेच आमच्या जीवनात आमचे नाथसंविध् सक्रिय आहे, आमच्या जीवनात स्वस्तिक्षेम आहे. सद्‍गुरु श्रीअनिरुद्धांनीच आम्हाला “सार्वभौम” असा भगवान श्रीत्रिविक्रमाचा मंत्रगजर दिला आणि या मंत्रगजराच्या फलश्रुतीच्या रूपात त्रिविक्रमाची १८ वचनेही दिली. हे सर्व केवळ सद्गुरु