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श्री पंचमुख-हनुमत्-कवच – मराठी अर्थ

॥हरि: ॐ ॥  ॥श्री पंचमुख-हनुमत्-कवच ॥  (संस्कृत आणि मराठी अर्थ)  ॥अथ श्रीपञ्चमुखहनुमत्कवचम् ॥ श्रीगणेशाय नम:| ॐ अस्य श्रीपञ्चमुखहनुमत्कवचमन्त्रस्य ब्रह्मा ऋषि:| गायत्री छंद:| पञ्चमुख-विराट् हनुमान् देवता| ह्रीम् बीजम्| श्रीम् शक्ति:| क्रौम् कीलकम्| क्रूम् कवचम्| क्रैम् अस्त्राय फट् | इति दिग्बन्ध:|  या स्तोत्राचा ऋषि ब्रह्मा असून छंद गायत्री, ह्या स्तोत्राची देवता पंचमुख-विराट-हनुमान आहे, ह्रीम् बीज आहे, श्रीम् शक्ति आहे, क्रौम् कीलक आहे, क्रूम् ... Read More »

श्री पंचमुख-हनुमत्-कवच – हिन्दी अर्थ

॥हरि: ॐ ॥   ॥श्री पंचमुख-हनुमत्-कवच ॥   (मूल संस्कृत और हिन्दी अर्थ)   ॥अथ श्रीपञ्चमुखहनुमत्कवचम् ॥   श्रीगणेशाय नम:| ॐ अस्य श्रीपञ्चमुखहनुमत्कवचमन्त्रस्य ब्रह्मा ऋषि:| गायत्री छंद:| पञ्चमुख-विराट् हनुमान् देवता| ह्रीम् बीजम्| श्रीम् शक्ति:| क्रौम् कीलकम्| क्रूम् कवचम्| क्रैम् अस्त्राय फट् | इति दिग्बन्ध:|  इस स्तोत्र के ऋषि ब्रह्मा हैं, छंद गायत्री है, देवता पंचमुख-विराट-हनुमानजी हैं, ह्रीम् बीज है, श्रीम् शक्ति है, ... Read More »

सद्गुरु श्री अनिरुद्ध (बापु) की श्रद्धावानों के लिए नववर्ष २०१७ की शुभकामनाएँ और संदेश

अनिरुद्ध बापु

हरि ॐ, श्रीराम, अंबज्ञ। जय जगदंब जय दुर्गे। श्रीराम। मेरे सारे श्रद्धावान मित्रों को नूतन वर्ष की शुभकामनाएँ, अनंत शुभकामनाएँ। मेरे प्यारों, इस २०१७ से २०२४ तक के ७ से ८ वर्ष ….. ये इस समाजजीवन में…… भारतीय समाजजीवन में….. जागतिक समाजजीवन में….. राजनीति में….. अनेक प्रकार से, अनेकविध पद्धतियों से….. अनेकविध कारणों से…. निरंतर बदलते रहने वाले हैं। निरंतर ... Read More »

सुंदरकांड पठन उत्सव – पहला दिन

सभी श्रद्धावान जिसकी अत्यधिक प्रतीक्षा कर रहे थे, उस ‘ सुंदरकांड पठन उत्सव ’ की, मंगलवार १७ मई २०१६ से शुरुआत हुई। हनुमानजी तो पहले से ही सभी श्रद्धावानों के लाड़ले देवता हैं; ऊपर से ‘सुंदरकांड’ जैसे, ‘तुलसीरामायण’ के बहुत ही मधुर भाग का पठन, इस तरह यह मानो ‘सोने पे सुहागा’ ही रहनेवाला कार्यक्रम होने के कारण, सुबह से ... Read More »

सुंदरकांड पठण उत्सव – १७ मई से २१ मई २०१६

संतश्रेष्ठ श्री तुलसीदास जी विरचित ‘श्रीरामचरितमानस’ यह ग्रंथ भारत भर के श्रद्धावान-जगत् में बड़ी श्रद्धा के साथ पढ़ा जाता है। इस ग्रन्थ के ‘सुंदरकांड’ का श्रद्धावानों के जीवन में बहुत ही महत्त्वपूर्ण स्थान है। सद्गुरु श्री अनिरुद्ध जी को भी ‘सुंदरकांड’ अत्यधिक प्रिय है।  सीतामैया की खोज करने हनुमान जी के साथ निकला वानरसमूह सागरतट तक पहुँच जाता है, यहाँ ... Read More »

सुंदरकांड पठण उत्सव – १७ मे ते २१ मे २०१६

संतश्रेष्ठ श्रीतुलसीदासजी विरचित ‘श्रीरामचरितमानस’ हा ग्रंथ सर्व भारतभर श्रद्धावानजगतात अत्यंत जिव्हाळ्याचा आहे आणि त्यातील ‘सुंदरकांड’ ह्या भागाला श्रद्धावानांच्या जीवनात आगळंवेगळं स्थान आहे. सद्गुरु बापूंसाठीही ‘सुंदरकांड’ ही अतिशय प्रिय गोष्ट आहे. सीतामाईच्या शोधाकरिता हनुमंताबरोबर निघालेल्या वानरांचा समूह समुद्रकाठी पोहोचतो इथपासून सुंदरकांडाची सुरुवात होते. त्यानंतर हनुमंत समुद्रावरून उड्डाण करून लंकेत प्रवेश करून सीतेचा शोध घेतो?व लंका जाळून पुन्हा श्रीरामांच्या चरणांशी येऊन त्यांना ... Read More »

गुरुकुल, जुईनगर येथील ‘श्रीअश्वत्थ मारुती पूजन’ (Shree Ashwattha Maruti Poojan)

परमपूज्य सद्‍गुरु बापू नेहमीच आपल्या बोलण्यातून श्रीहनुमंताचा (Shree Hanumant) उल्लेख “माझा रक्षकगुरु” असा करतात व बापूंनी तसे स्पष्टपणे आपल्या श्रीमद्‍पुरुषार्थ ग्रंथराजात लिहीलेही आहे. त्यांच्याच बोलण्यानुसार प्रत्येक भक्ताची भक्तीमार्गाची सुरुवात हनुमंतापासूनच होते. श्रीहरिगुरुग्राम येथे दर गुरुवारी होणा-या सांघिक उपासनेमध्येसुद्धा “ॐ श्रीरामदूताय हनुमंताय महाप्राणाय महाबलाय नमो नम:” ह्या जपाचा समावेश आहे आणि स्टेजवरील मांडणीमध्ये बापूंच्या बैठकीच्या मागे आपण रक्षकगुरु श्रीहनुमंताची मोठी तसबीरही ... Read More »

श्रीअनिरुद्ध गुरुक्षेत्रम्‌ मधील हनुमान चलिसा पठण (Hanuman Chalisa)

श्रद्धावानांसाठी सर्वोच्च तिर्थक्षेत्र असणार्‍या श्रीअनिरुद्ध गुरूक्षेत्रम्‌ येथे दर वर्षी ‘हनुमान चलिसा पठण’ सप्ताह आयोजित केला जातो. यात सलग सात दिवस कमीतकमी १०८ श्रद्धावान प्रेमाने व श्रद्धेने १०८ वेळा (सकाळी ८ ते रात्रौ ८ या दरम्यान) हनुमान चलिसाचे पठण करतात. यावर्षी मंगळवार दिनांक २१ एप्रिल २०१५ (अक्षय तृतिया) पासून सोमवार २७ एप्रिल २०१५ (वैशाख शुद्ध दशमी) पर्यंत ‘हनुमान चलिसा पठण’ होणार ... Read More »

शोकविनाशक हनुमानजी (ShokVinaashak Hanumanji) – Aniruddha Bapu Hindi Discourse 18 Sep 2014

स्वार्थ (Swaarth)

शोकविनाशक हनुमानजी | ShokVinashak Hanumanji हनुमानजी जिस तरह सीताशोकविनाशक हैं, उसी तरह रामशोकविनाशक एवं भरतशोकविनाशक भी हैं। मानव को यह सोचना चाहिए कि जो सीता और श्रीराम के शोक हो दूर कर सकते हैं, वे हनुमानजी क्या मेरे शोक को दूर नहीं कर सकते? अवश्य कर सकते हैं। हनुमानजी के शोकविनाशक सामर्थ्य के बारे में परम पूज्य सद्गुरु श्री अनिरुद्ध बापू ... Read More »

भयभंजक हनुमानजी (Bhaya-Bhanjak Hanumanji) – Aniruddha Bapu Hindi Discourse 18 Sep 2014

स्वार्थ (Swaarth)

भयभंजक हनुमानजी | मानव के जीवन में रामरूपी कर्म और कर्मफलरूपी सीता के के बीच में सेतु बनाते हैं महाप्राण हनुमानजी! रावणरूपी भय मानव के कर्म से कर्मफल को दूर करता है। रामभक्ति करके मानव को चाहिए कि वह हनुमानजी को अपने जीवन में सक्रिय होने दें। हनुमानजी के भयभंजक सामर्थ्य के बारे में परम पूज्य सद्गुरु श्री अनिरुद्ध बापू ... Read More »

जय हनुमान ज्ञान गुन सागर (Jai Hanuman Gyan Gun Sagar) – Aniruddha Bapu Hindi Discourse 11 Sep 2014.

जय हनुमान ज्ञान गुन सागर । सन्तश्रेष्ठ श्रीतुलसीदासजी हनुमानजी को हमेशा ही बडे प्यार से संबोधित करते हैं । श्रीहनुमानचलिसा स्तोत्र के प्रारंभ में वे ‘जय हनुमान ज्ञान गुन सागर’ कहकर हनुमानजी की जयजयकार करते हैं । महाप्राण श्रीहनुमानजी के ज्ञानगुनसागर स्वरूप के बारे में परम पूज्य सद्गुरु श्रीअनिरुद्धसिंह ने अपने ११ सितंबर २०१४ के हिंदी प्रवचन में बताया, जो आप ... Read More »