विश्वास

समर्पण ही आराधना की आत्मा है (Surrendering to The God is the Core of Worship) - Aniruddha Bapu Hindi Discourse 04 March 2004

मैं भगवान का हूँ, मेरे पास जो कुछ भी है वह भगवान का दिया हुआ ही है, मैं जो भक्ति कर रहा हूँ वह भगवान की कृपा से भगवान को प्राप्त करने के लिए ही कर रहा हूँ, इस समर्पित भाव के साथ श्रद्धावान को भक्तिपथ पर चलना चाहिए । केवल काम्यभक्ति न करते हुए समर्पण भाव से भगवान की आराधना करना श्रेयस्कर है, समर्पण ही आराधना की आत्मा है(Surrendering

एकविधा भक्ति (Ekavidha Bhakti) - Aniruddha Bapu Hindi Discourse 04 March 2004

जीवन में भगवान को प्राथमिकता देनी चाहिए । मैं भगवान के घर में रहता हूँ, यह भाव रहना चाहिए l जो मेरा है वह भगवान ने ही मुझे दिया हुआ है, इसलिए मेरा जो कुछ भी है वह भगवान का है, मैं भगवान का हूँ, इस भाव के साथ श्रद्धावान के द्वारा की गयी भगवद्‍भक्ति को एकविधा भक्ति (Ekavidha Bhakti) कहते हैं, यह बात सद्गुरु श्री अनिरुद्ध बापु ने अपने दि.

अन्न व जल सेवन करण्यासंबंधी मार्गदर्शन (Guideline regarding eating food & drinking Water) - Aniruddha Bapu Marathi Discourse 20 February 2014

परम पूज्य सद्‌गुरु श्री अनिरुद्ध बापुंनी ( Aniruddha Bapu ) गुरूवार दिनांक २० फेब्रुवारी २०१४ रोजी च्या मराठी प्रवचनात श्री हरिगुरुग्राम येथे केवळ अन्नग्रहणापूर्वीच नव्हे तर जेवताना कमीतकमी एक तरी घास भगवंताचे नाम घेऊन घ्यावा. श्रध्दावानाच्या जीवनात त्रिविक्रमाचा अल्गोरिदम स्थूल पातळीवर पिण्याच्या पाण्यामधून कार्य करतो, म्ह्णूनच दिवसभरात उचित प्रमाणात व घोट घोट पाणी प्यावे. अन्नग्रहण आणि पाणी पिण्याविषयी बापुंनी केलेले मार्गदर्शन आपण या व्हिडीओत पाहू शकतो. ॥ हरि ॐ ॥

त्रिविक्रमाचा अल्गोरिदम श्रध्दावानाच्या जीवनात सक्रिय होण्यासाठी आवश्यक गोष्ट (Requirement to active Trivikram's algorithm in Shraddhavan's life) - Aniruddha Bapu Marathi Discourse 20 February 2014

परम पूज्य सद्‌गुरु श्री अनिरुद्ध बापुंनी गुरूवार दिनांक २० फ़ेब्रुवारी २०१४ रोजी च्या मराठी प्रवचनात श्री हरिगुरुग्राम येथे त्रिविक्रमाचा अल्गोरिदम ( Trivikram’s algorithm ) आपल्या जीवनात सक्रिय होण्यासाठी श्रध्दावानाने नेहमी काही तरी चांगले नवीन करायला हवे. मग ते एखादी नवीन गोष्ट शिकणे असेल, नवीन प्रकारे आनंद देणे असेल किंवा घेणे असेल आणि महत्वाचे म्हणजे त्यासाठी वय ते कधीच आडकाठी बनत नाही आणि यामुळे श्रद्धावानाचे जीवन अधिकाधिक समृध्द होते. याबाबत बापुंनी

श्रद्धावानाच्या जीवनातील तीन महत्वाची वाक्ये (Three important sentences in Shraddhavan's life)  - Aniruddha Bapu Marathi Discourse 16 January 2014

श्रद्धावानाच्या सोबत सदैव त्याचा सदगुरु असतोच आणि तोच त्याचे जीवन घडवितो, हा विश्वास अधिकाधिक दृढ होण्यासाठी श्रध्दावानाने निरंतर तीन वाक्यांचे स्मरण करायला हवे आणि उच्चारण करायला हवे. या तीन वक्यांचे स्मरण आणि उच्चारण करताना श्रद्धावानाचा भावच महत्वाची भूमिका बजावतो. हे सदगुरु श्री अनिरुद्ध बापूंनी दिनांक 16 जानेवारी 2014 च्या मराठी प्रवचनात श्री हरिगुरुग्राम येथे सांगितले. जे आपण या व्हिडिओत पाहू शकता. ॥ हरि ॐ ॥ ॥ श्रीराम ॥ ॥ अंबज्ञ

सद्‍गुरुतत्त्व की भक्ति से स्वयं को पहचानो (Know Yourself by SadguruTattva's Bhakti) - Aniruddha Bapu Hindi Discourse 8 May 2014

सद्‍गुरुतत्त्व की भक्ति से स्वयं को पहचानो ( Know Yourself by SadguruTattva’s Bhakti) स्वयं को न पहचानना यह मानव की सबसे बडी गलती है l जीवन में किन बातों के कारण मुझे शान्ति मिलती है और किन बातों के कारण अशान्ति सताती है यह जानकर आचरण करना चाहिए l सद्‍गुरुतत्त्व की भक्ति से मानव स्वयं को पहचान सकता है l इसलिए साईनाथ से यह मन्नत मानना जरूरी है कि हे

‘स्व’चा शोध ( Self Discovery ) - Aniruddha Bapu Marathi Discourse 30 January 2014

मानवाने स्वत:ची परीक्षा घेणे थांबवून स्वत:चा शोध ( Self Discovery ) घ्यायला हवा. स्वत:त काय चांगले आहे याचा शोध घेताना माणसाला स्वत:ची ओळख पटते. स्वत:तील उत्तम व्यक्तिमत्व शोधण्यासाठी त्या भगवंतावर विश्वास ठेवा, त्याची भक्ती करा. भगवंताच्या कृपेने मानव खर्‍या ‘स्व’चा शोध घेऊन जीवनविकास साधू शकतो, असे परम पूज्य सद्‌गुरु श्री अनिरुद्ध बापुंनी गुरूवार दिनांक ३० जानेवारी २०१४ रोजी च्या मराठी प्रवचनात श्री हरिगुरुग्राम येथे सांगितले, ते आपण या व्हिडियोत पाहू शकता.

भगवान की योजना को जीवन में कैसे उतारें (How to follow God's Plan) - Aniruddha Bapu Hindi Discourse 8 May 2014

भगवान प्रत्येक मानव के जीवनविकास के लिए सर्वोत्तम योजना( plan ) बनाते एवं कार्यान्वित करते हैं l मानव जो योजना बनाता है, वह भगवान के द्वारा निर्धारित की गयी योजना से मेल खाती हो, तो ही उसे जीवन में सफलता मिलती है l भगवान के साथ जो प्रेमभाव से जुडे रहने से आपके द्वारा भगवान की योजना के साथ मेल खानेवाली योजना अपने आप बनती रहती है और आपका जीवन बेहतर

प्रेम से आती है जिम्मेदारी (Love brings Responsibility) - Aniruddha Bapu Hindi Discourse 8 May 2014

जहाँ प्रेम होता है वहाँ प्रेम से अपने आप जिम्मेदारी आ जाती है l जहाँ प्रेम होता है वहाँ जिम्मेदारी बोझ नहीं लगती, बल्कि उससे तृप्ति मिलती है l सांवेगिक बुद्धिमत्ता को पहचानकर मानव उससे प्रेम करने वाले व्यक्ति के प्रेम को प्रतिसाद यानी रिस्पाँड करे और प्रेम के साथ अपनी पारिवारिक एवं सभी प्रकार की जिम्मेदारियों को अचूकता से निभाये l  प्रेम और जिम्मेदारी के बीच के रिश्ते के

दृढ विश्वास ही आवश्यक है (Firm Belief is necessary) - Aniruddha Bapu Hindi Discourse 8 May 2014

मेरे जीवन में गृहस्थी एवं परमार्थ को एकसाथ सुफल संपूर्ण बनाने के लिए मुझे जिस जिस बात की   आवश्यकता है, वह प्रत्येक बात सद्‍गुरुतत्त्व के पास भरपूर है और वह उचित समय पर मुझे वह हर एक बात देने ही वाला है l मुझे जो भी माँगना है, वह मैं सद्‍गुरु से ही माँगूंगा और सद्गुरु के अलावा किसी और से कुछ भी स्वीकार नहीं करूँगा यह निर्धार श्रद्धावान के