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शिवपंचाक्षरी स्तोत्र यह ‘ॐ नमः शिवाय’ इस मंत्र का ही स्पष्टीकरण है (Shivapanchakshari Stotra Depicts The Mantra ‘Om Namah Shivaya’) – Aniruddha Bapu

Shivapanchakshari Stotra_Aniruddha Bapu

परमपूज्य सद्‍गुरु श्री अनिरुद्ध बापू ने ०२ मार्च जनवरी २०१७ के पितृवचनम् में शिवपंचाक्षरी स्तोत्र यह ‘ॐ नमः शिवाय’ इस मंत्र का ही स्पष्टीकरण है’, इस बारे में बताया। ये शिवपंचाक्षरी स्तोत्र क्या करता है, ‘ॐ नमः शिवाय’ इस मंत्र का ही explanation देता है, स्पष्टीकरण करता है। हमें जानना चाहिये कि ये हमें ये तत्व भी सिखाता है कि ... Read More »

भय का निर्मूलन करने के लिए शिवपंचाक्षरी स्तोत्र यह बहुत ही प्रभावी स्तोत्र है (Shivapanchakshari Stotra Is The Extremely Powerful Stotra To Destroy Fear) – Aniruddha Bapu

Shivapanchakshari Stotra_Aniruddha Bapu

परमपूज्य सद्‍गुरु श्री अनिरुद्ध बापू ने ०२ मार्च २०१७ के पितृवचनम् में ‘भय का निर्मूलन करने के लिए शिवपंचाक्षरी स्तोत्र यह बहुत ही प्रभावी स्तोत्र है’, इस बारे में बताया।   भय निर्मूलन के लिये शिवपंचाक्षरी स्तोत्र सबसे श्रेष्ठ माना जाता है, इतना छोटा होके भी। किसी भी तरीके का भय। अगर हमारे मन में भय उत्पन्न होता है, तो ... Read More »

जीवात्मा यह परमात्मा का ही अभिन्न अंश होता है (Jivatma is an integral part of Paramatma) – Aniruddha Bapu

Aniruddha Bapu told in his Pitruvachanam dated 14 Jan 2016 that, Jivatma is an integral part of Paramatma.

परमपूज्य सद्‍गुरु श्री अनिरुद्ध बापू ने १४ जनवरी २०१६ के पितृवचनम् में ‘जीवात्मा यह परमात्मा का ही अभिन्न अंश होता है’, इस बारे में बताया। और मैं क्या हूँ, every human being क्या है? तुम एक शरीर नहीं हो कि जिसमें आत्मा है। जान लो भाई, हम लोग क्या सोचते हैं कि, मेरा शरीर है और मेरे शरीर में मेरी ... Read More »

इस विश्व की मूल शक्ति सद्‍गुरुतत्व है (The original power of the universe is Sadgurutattva) – Aniruddha Bapu‬

परमपूज्य सद्‍गुरु श्री अनिरुद्ध बापू ने अपने ५ फरवरी २००४ के हिंदी प्रवचन में ‘इस विश्व की मूल शक्ति सद्‍गुरुतत्त्व है’ इस बारे में बताया।

परमपूज्य सद्‍गुरु श्री अनिरुद्ध बापू ने अपने ५ फरवरी २००४ के हिंदी प्रवचन में ‘इस विश्व की मूल शक्ति सद्‍गुरुतत्व है’ इस बारे में बताया। हमारे मन में प्रश्न उठता होगा कि मैं रामनाम लूं या एक बार रामनाम लेकर १०७ बार राधानाम लूं या गुरू का नाम लूं या जो भी कोई नाम लूं, कितनी भी बार लूं तब ... Read More »

भक्ति हमारा शुद्ध भाव बढाती है (Bhakti increases our shuddha bhaav) – Aniruddha Bapu‬

परमपूज्य सद्‍गुरु श्री अनिरुद्ध बापू ने अपने ५ फरवरी २०१५ के हिंदी प्रवचन में ‘भक्ति हमारा शुद्ध भाव बढाती है’ इस बारे में बताया।

परमपूज्य सद्‍गुरु श्री अनिरुद्ध बापू ने अपने ५ फरवरी २००४ के हिंदी प्रवचन में ‘भक्ति हमारा शुद्ध भाव बढाती है’ इस बारे में बताया। हिरन और शेर का उदाहरण देते हुए अनिरुद्ध बापू ने भय और निर्भयता ये शुद्धता और अशुद्धता से ही आते हैं, यह समझाया। हिरन के पास भय है और यह भय (डर, Fear) यह सब से ... Read More »

शुद्धता यह सामर्थ्य है (Purity is the strength)- Aniruddha Bapu

परमपूज्य सद्‍गुरु श्री अनिरुद्ध बापू ने अपने ५ फरवरी २००४ के हिंदी प्रवचन में ‘शुद्धता यह सामर्थ्य है’ इस बारे में बताया।

परमपूज्य सद्‍गुरु श्री अनिरुद्ध बापू ने अपने ५ फरवरी २००४ के हिंदी प्रवचन में ‘ शुद्धता यह सामर्थ्य है ’ इस बारे में बताया। कृष्ण भगवान और राधाजी का हमारे जिंदगी के साथ क्या रिश्ता है, यह बात समझाने के लिए अनिरुद्ध बापू ने पानी और साबुन का उदाहरण देकर समझाया। उन्होंने कहा- ‘हम देखते हैं कि जब हम स्नान करते ... Read More »

आदिमाता शक्ति पुरवायला समर्थ आहे (The Adimata is Efficient to provide strength) – Aniruddha Bapu

परमपूज्य सद्‍गुरू श्री अनिरुद्ध बापूंनी त्यांच्या २८ मे २०१५ च्या मराठी प्रवचनात ‘आदिमाता शक्ति पुरवायला समर्थ आहे’ याबाबत सांगितले.

परमपूज्य सद्‍गुरू श्री अनिरुद्ध बापूंनी त्यांच्या २८ मे २०१५ च्या मराठी प्रवचनात ‘ आदिमाता शक्ति पुरवायला समर्थ आहे ’ याबाबत सांगितले. आदिमातेकडे तिच्या बाळांसाठी भेदभाव नाहीव. सर्व तिची बालकंच आहेत. तिच्यासाठी छोटे बालक, आणि वृद्ध ही बालकंच आहे. वयाची अडचण आदिमातेला आड येत नाही. आपण प्रथम आपला भाव तपासून पहायला हवा. त्यात तसूभरही फरक वाटला तर ती चूक सुधारायला हवी. ... Read More »

राधाजी शुद्ध भाव हैं (Radhaji is shuddha bhaav) – Aniruddha Bapu‬

परमपूज्य सद्‍गुरु श्री अनिरुद्ध बापू ने अपने ५ फरवरी २००४ के हिंदी प्रवचन में ‘राधाजी शुद्ध भाव हैं (Radhaji is shuddha bhaav)’ इस बारे में बताया।

राधाजी शुद्ध भाव हैं (Radhaji is shuddha bhaav) – Aniruddha Bapu‬ परमपूज्य सद्‍गुरु श्री अनिरुद्ध बापू ने अपने ५ फरवरी २००४ के हिंदी प्रवचन में ‘राधाजी शुद्ध भाव हैं’ इस बारे में बताया। हम उपासना करते हैं, साधना करते रहते हैं, आराधना करते रहते हैं, पूजन करते हैं, अर्चन करते हैं। अपने अपने धर्म, पंथ, प्रदेश, रीतिरिवाज के अनुसार अलग ... Read More »

राधा सहस्त्रनाम की महती (Importance of Radha Sahastranam) – Aniruddha Bapu

राधा सहस्त्रनाम

सहस्र रामनामतुल्य राधा नाम (Sahastra Ramnaam-Tulya Radha Naam) – Aniruddha Bapu‬ परमपूज्य सद्‍गुरु श्री अनिरुद्ध बापू ने अपने ५ फरवरी २००४ के ‘राधासहस्रनाम’ हिंदी प्रवचन में ‘सहस्र-रामनाम-तुल्य राधा नाम’ इस बारे में बताया। जब वेदव्यासजी ने गुरु नारदजी से यह पूछा कि मैं तो बस ‘राम’ नाम रटते ही आ रहा था, क्योंकि आपने ही मुझे बताया था कि एक ... Read More »

हे जातवेदा, त्या अनपगामिनी लक्ष्मी मातेला आवाहन कर – 2 (Oh Jaataveda, Invoke that Anapagamini Lakshmi Mata – 2) – Aniruddha Bapu Marathi‬ Discourse 04 June 2015

लक्ष्मी अनपगामिनी असते Aniruddha Bapu

क्रमशील विकासाचा मार्ग (The Path of sequential development) – Aniruddha Bapu‬ परमपूज्य सद्‍गुरू श्री अनिरुद्ध बापूंनी त्यांच्या ४ जून २०१५ च्या मराठी प्रवचनात ‘ लक्ष्मी क्रमशीलतेच्या मार्गाने येते ’ याबाबत सांगितले. श्रेष्ठ ब्रह्मवादिनी लोपामुद्रेने लक्ष्मी मातेला आवाहन करण्यास जातवेदाला (त्रिविक्रमाला) सांगितले आहे कारण फक्त तोच लक्ष्मी मातेला किंवा महालक्ष्मीला आणू शकतो. तो या लक्ष्मी मातेला आणणार आहे, पण आम्हाला माहीत ... Read More »

हे जातवेदा, त्या अनपगामिनी लक्ष्मी मातेला आवाहन कर (Oh Jaataveda, Invoke that Anapagamini Lakshmi Mata) – Aniruddha Bapu

हे जातवेदा, त्या अनपगामिनी लक्ष्मी मातेला आवाहन कर (Oh Jaataveda, Invoke that Anapagamini Lakshmi Mata) - Aniruddha Bapu Marathi‬ Discourse 04 June 2015

लक्ष्मी चंद्राप्रमाणे प्रकाश देणारी आहे (Lakshmi shines like the moon) – Aniruddha Bapu परमपूज्य सद्‍गुरू श्री अनिरुद्ध बापूंनी त्यांच्या ४ जून २०१५ च्या मराठी प्रवचनात ‘ लक्ष्मी चंद्राप्रमाणे प्रकाश देणारी आहे ’ याबाबत सांगितले. चंद्रां हिरण्मयीं लक्ष्मीं जातवेदो‍ म आवह। ह्या भारतीय संस्कृतीचा एक उत्कृष्ट गुणधर्म आहे की कोणतीही गोष्ट करायची ती रसिकतेने, सहजतेने, साधेपणाने, सुंदरतेने, मधुरतेने आणि तरीही दिखाऊ ... Read More »

मन का पथ – भाग २ (Path of Mind – Part 2)

परमपूज्य सद्‍गुरु श्री अनिरुद्ध बापू ने २९ जनवरी २०१५ के अपने हिंदी प्रवचन में ‘हर एक के मन का पथ युनिक होता है (Every Individual's path of mind is unique)’, इस बारे में बताया।

मेरा साई मेरी सहायता अवश्य करेगा (My Sai will definitely help me) – Aniruddha Bapu‬ परमपूज्य सद्‍गुरु श्री अनिरुद्ध बापू ने २९ जनवरी २०१५ के अपने हिंदी प्रवचन में ‘मेरा साई मेरी सहायता अवश्य करेगा’, इस बारे में बताया। हमारे विचार से हमारे मन का पथ बनता है। साई हमेशा यह ध्यान रखते हैं कि श्रद्धावान के मन का पथ ... Read More »

मन का पथ – भाग १ (Path of Mind – Part 1) – Aniruddha Bapu‬

Aniruddha Bapu told about Path of Mind in Hindi Discourse at Shree Harigurugram, Bandra.

दूसरे आपके बारे में क्या सोचते हैं इसकी चिन्ता मत करना (Don’t worry about what others think of you) – Aniruddha Bapu परमपूज्य सद्‍गुरु श्री अनिरुद्ध बापू ने २९ जनवरी २०१५ के अपने हिंदी प्रवचन में मन के पथ के बारे में जानकारी दी। बापू ने इस संदर्भ में बताते समय, ‘दूसरों के कहने से मानव अपने मन को बनाता ... Read More »

Bapu’s pravachan announcement

Bapu's pravachan announcement

सर्व श्रध्दावानांस कळविण्यास मला आनंद होतो की गुरुवार दिनांक ३ सप्टेंबर रोजी परमपूज्य श्रीअनिरुद्धबापू श्रीहरिगुरुग्राम येथे नित्य उपासना व प्रवचनास उपस्थित राहणार आहेत. या दिवशी फक्त एकच प्रवचन व तेही हिंदीतून होईल. बापूंचे पहिले प्रवचन गोकुळाष्टमी १९९५ या दिवशी झाले व आज ह्या घटनेस वीस वर्षे झाली आहेत. परमपूज्य बापूंच्या सदगुरुंनी घालून दिलेल्या मर्यादेनुसार, यापुढे दर गुरुवारी श्रीहरिगुरुग्राम येथे म्हणजेच ... Read More »

सुवर्ण आणि चांदी या धातूंचे गुण (The Properties of Gold & Silver) – Aniruddha Bapu

परमपूज्य सद्‍गुरू श्री अनिरुद्ध बापूंनी त्यांच्या २८ मे २०१५ च्या मराठी प्रवचनात ‘ सुवर्ण आणि चांदी या धातूंचे गुण ’ (The Properties of Gold & Silver) याबाबत सांगितले. चांदी आणि सुवर्ण यांचे अतूट नाते आहे. मानवाच्या शरीरात उचित बदल होण्यासाठीची ताकद सुवर्णामुळे मिळते. हे बदल घडवण्यासाठी जी ताकद शरीराला आवश्यक असते ती जर नसेल, तर तात्पुरती का होईना, पण ती ... Read More »