प्रार्थना ही हमारे सामर्थ्य का स्त्रोत है (The Prayer is the source of our strength)

सद्‍गुरु श्री अनिरुद्ध बापू ने २७ मार्च २०१४ के प्रवचन में ‘प्रार्थना ही हमारे सामर्थ्य का स्त्रोत है’ इस बारे में बताया।

प्रार्थना ही हमारे सामर्थ्य का स्रोत है (The Prayer is the source of our strength)हमारे लिये जो आवश्यक है जितनी प्रार्थना, उतनी प्रार्थना वो हमे जरूर देगा। दर-दर जाकर भीक माँगने की आवश्यकता नहीं है। मेरा बाप जो है उसने हमें जनम देते समय जो इस्टेट दी है हमें, उसपर पूरा जनम चल रहा है। right?

दिन में कितनी बार हार्ट बीट्स होते हैं? 72 times per minute. एक मिनिट में 72। 1 hour में कितने होंगे? और एक दिन में कितने होंगे? एक महिने के कितने बीट्स? एक साल के कितने बीट्स? अभी उमर ७० है, तो कितने बीट्स? ये ताकद किसने दी? ये इलेक्ट्रिसिटी आई कहां से? ये जान लो।

तो ये जो prayer है, is the original source of all energies. हम जो प्रार्थना करते हैं वही हमारी ताकद का सबसे बडा मूल स्त्रोत है। सो पहले किसके लिये प्रार्थना करो, भगवान मुझे तेरी अच्छी भक्ति करने के लिये ताकद देना।

प्रार्थना ही हमारे सामर्थ्य का स्त्रोत है, इस बारे में हमारे सद्गुरु श्री अनिरुद्ध बापू ने प्रवचन में बताया, जो आप इस व्हिडिओ में देख सकते हैं।

॥ हरि ॐ ॥ ॥ श्रीराम ॥ ॥ अंबज्ञ ॥

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