ईरान से जुडी घटनाएँ

ईरान पर अमरिका के नए प्रतिबंध

वॉशिंगटन: अमरिका के विदेश एवं कोषागार विभाग ने शुक्रवार को ईरान के विरोध में नए प्रतिबंध जारी करने की घोषणा की है| इनमें ईरान के १४ नागरिक एवं १७ कंपनियों को लक्ष्य किया गया है| नए प्रतिबंध जारी करने की घोषणा करते हुए अमरिका के विदेश मंत्री माईक पोम्पिओ ने इससे पहले जारी किए प्रतिबंध सफल होने का दावा किया है| दो हफ्तों पहले अमरिका ने संयुक्त राष्ट्रसंघ की सुरक्षा समिति के पास ईरान पर कठोर आर्थिक प्रतिबंध जारी करने की मांग की थी|

ईरान द्वारा लगातार अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों का उल्लंघन करने का आरोप अमरिका, इस्रायल तथा सौदी अरब एवं मित्र देश कर रहे हैं| ईरान परमाणु शस्त्र निर्माण के पास पहुंचने का आरोप भी अमरिका एवं इस्रायल कर रहा है| पर संयुक्त राष्ट्रसंघ तथा ब्रिटेन जर्मनी और फ्रान्स इन यूरोपिय देशोंने, अमरिका के मित्र देश होते हुए भी ईरान के परमाणु कार्यक्रम का समर्थन किया है| पिछले वर्ष अमरिका के राष्ट्राध्यक्ष डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान के साथ परमाणु करार से वापसी की थी| फिर भी ब्रिटेन, जर्मनी और फ्रान्स इस परमाणु करार पर कायम है|

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अर्थव्यवस्था की गिरावट हुई तो भी चिंता नही, लेकिन ईरान एटमी कार्यक्रम से वापसी नही करेगा – ईरान के सर्वोच्च धार्मिक नेता आयातुल्लाह खामेनी

तेहरान: ‘अमरिका के कठोर प्रतिबंधों के कारण ईरान की अर्थव्यवस्था ढह गई तो भी कोई बात नहीं, परंतु ईरान परमाणु कार्यक्रम से पीछे नहीं हटेगा| ईरान अपनी सुरक्षा सज्जता बढ़ाता जाएगा’, ऐसी घोषणा ईरान के सर्वोच्च धार्मिक नेता अयातुल्लाह खामेनी ने की हैं| साथ ही अमरिका के प्रतिबंधों के कारण ईरान आत्मनिर्भर बनने का दावा खामेनी ने किया हैं|

ईरान में हाल ही में ही ‘नवरोज’ मनाया गया था| ईरानी नए साल के अवसर पर जनता को संबोधित करते हुए खामेनी ने ईरान की अर्थव्यवस्था संकट में होने की कबूली दी हैं| अमरिका के प्रतिबंधों के कारण ईरान की अर्थव्यवस्था को जोरदार झटके लगने का खामेनी ने स्वीकार किया हैं| ‘अमरिका के प्रतिबंधों का सबसे अधिक झटका ईरान की जनता को लगते हुए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी ईरान को बड़ी चुनौतियों का सामना करना पढ़ रहा हैं’, ऐसा खामेनी ने कहा हैं|

ईरान की अर्थव्यवस्था को बड़ा और गंभीर खतरा निर्माण हो गया हैं| ईरान की मुद्रा ‘रियाल’ की हुई गिरावट सबसे अधिक चिंताजनक होते हुए इस कारण सकल राष्ट्रीय उत्पादकता भी गिरती जा रही हैं| परंतु अर्थव्यवस्था गिरने पर भी ईरान परमाणु कार्यक्रम और मिसाइल निर्माण के कार्यक्रम से पीछे नहीं हटेगा, ऐसा खामेनी ने स्पष्ट किया हैं| साथ ही सन २०१५ में हुए परमाणु समझौते पर भी ईरान दृढ़ रहेगा, ऐसा खामेनी ने जाहिर किया हैं|

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पाकिस्तान दहशतगर्दों पर कारवाई नही करता है तो ईरान पाकिस्तान में घुंसकर बदला लेगा – ईरान के रिव्होल्यशनरी गार्डस् के प्रमुख का इशारा

वॉशिंगटन – ‘ईरान में आतंकी हमले कर रहे और ईरानी सैनिकों को अपहरण करनेवाला पाकिस्तान खुद के देश में रहनेवाले दहशतगर्दों पर कारवाई करता नही है तो ईरान पाकिस्तान में घुंसकर हम पर हो रहे हमलों का प्रतिशोध लेगा| पाकिस्तान की ‘आईएसआई’ एवं दहशतगर्दों के बीच हो रहे सहयोग की किमत पाकिस्तान को चुकानी होगी’, ऐसी कडी चेतावनी ईरान के रिव्होल्युशनरी गार्डस् के प्रमुख मोहम्मद अली जाफरी इन्होंने दी है| साथ ही ऐसी कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय नियमों के नुसार कानुनन होती है, यह बताकर जाफरी इन्होंने पाकिस्तान को अगले परीणामों का एहसास कराया है| इस दौरान, ईरान की धमकी से डरे पाकिस्तान ने ईरानी सैनिकों को छुडाने के लिए सरहदी क्षेत्र में कार्रवाई शुरू करने का ऐलान किया है|

पिछले महीने में १३ फरवरी की रात पाकिस्तान में डेरा जमाए बैठे दहशतगर्द संगठन ने ईरान के ‘सिस्तान-बलोचिस्तान’ प्रांत में सफर कर रहे ‘रिव्होल्युशनरी गार्डस्’ के गाडी पर आत्मघाती हमला किया था| पाकिस्तानी आतंकियों के इस हमलें में रिव्होल्युशनरी गार्डस् के २७ सैनिकों की मौत हुई थी| इस हमले के बाद ईरान सरकार और साथ में ईरानी सेना के वरिष्ठ अधिकारियों ने पाकिस्तान को आतंकी संगठनों पर कार्रवाई करने की चेतावनी दी थी| पाकिस्तानी सेना इन आतंकी संगठनों पर कार्रवाई करती नही है तो ईरान पाकिस्तान में ‘सर्जिकल स्ट्राईक’ करेगा, यह ऐलान भी ईरान ने किया था|

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