आपके हृदय में भक्ति का होना यह आपके लिए आवश्यक है

सद्‍गुरु श्री अनिरुद्ध बापू ने ४ फरवरी २०१६ के प्रवचन में ‘आपके हृदय में भक्ति का होना यह आपके लिए आवश्यक है’ इस बारे में बताया।

 

मैं आपको एक चीज़ आज बोलना चाहता हूँ, हम बहोत सारे लोगों के मन में बचपन से बैठा हुआ है ये विचार, हमें बार-बार बोला भी जाता है। आप भक्ति नहीं करोगे तो भगवान कैसे प्रसन्न होगा? गलत। भगवान को आप की भक्ति की आवश्यकता नहीं है। जब उसने विश्व पैदा किया क्या किसने भक्ति की थी उसकी? किसने की थी? नहीं।

तो आप बोलोगे बापू, भक्ति क्यों करनी हैं? करनी है हमारे लिये, उसे प्रसन्न होने के लिये, उसे कृपा करने के लिये राईट भक्ति की आवश्यकता नहीं है। जो कुकर्मी हैं, जो कुविद्याधारक हैं, उनका जो भगवान होता है, वो लोग जिसे भगवान कहते हैं, उसकी ताकद बढ़ने के लिये उन्हे साधनायें करनी पड़ती हैं, घोर साधनायें करनी पड़ती हैं, गलत साधनायें करनी पड़ती हैं।

हमारा भगवान हमारी की हुई भक्ति की ताक़त पर भगवान नहीं बना है, वो भगवान है, उसके पास सारी ताक़त है इसी लिये हम लोग उसे भगवान मानते हैं और वो पवित्र ही है, हमें पवित्र करना चाहता है। हम कितने भी अपवित्र क्यों न हों, कितने भी पापी क्यों न हों, लेकिन उसकी जो कृपा है, उसका स्वीकार करने के लिये हमें भक्ति करनी है।

‘आपके हृदय में भक्ति का होना यह आपके लिए आवश्यक है’ इस बारे में हमारे सद्गुरु श्री अनिरुद्ध बापू ने प्रवचन में बताया, जो आप इस व्हिडिओ में देख सकते हैं।

ll हरि: ॐ ll ll श्रीराम ll ll अंबज्ञ ll

 

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