पाकिस्तान पुरस्कृत आतंकवाद रोकने के लिए भारत और अमरीका के प्रयास

 

३० करोड़ डॉलर्स की लष्करी सहायता रद्द करने का निर्णय लेकर – अमरिका का पाकिस्तान को और एक झटका

पाकिस्तान पुरस्कृत आतंकवाद रोकने के लिए भारत और अमरीका के प्रयासवॉशिंगटन: तालिबान का ‘हक्कानी गुट’ और ‘लष्कर ए तोयबा’ जैसे आतंकवादी संगठनों पर निर्णायक कार्रवाई के लिए देर लगाने वाले पाकिस्तान को अमरिका ने और एक झटका दिया है। अमरिका का रक्षा विभाग पेंटागन ने पाकिस्तान को दी जाने वालो ३० करोड़ डॉलर्स की सहायता को रद्द कि है। इसके कुछ घंटों पहले अमरिकी यंत्रणाओं ने परमाणुओं से संबंधित अवैध व्यवहार करने का आरोप लगाकर दो पाकिस्तानी कंपनियों पर कार्रवाई की थी।

सितम्बर मे अमरिकी विदेश मंत्री माईक पॉम्पिओ पाकिस्तान का दौरा करने वाले हैं। उसके पहले अमरिका ने दो पाकिस्तानी कंपनियों पर कार्रवाई करके पाकिस्तान को दि जाने वाली लगभग ३० करोड़ डॉलर्स की लष्करी सहायता को रद्द कर दिया है। इसके पहले पाकिस्तान को दी जाने वाली लष्करी सहायता अस्थायी समय के लिए स्थगित की गई थी। लेकिन उसे अब रद्द किया जा रहा है, ऐसा पेंटागन के प्रवक्ता कोन फाल्कनर ने घोषित किया है।

तालिबान का ‘हक्कानी गुट’ और लष्कर ए तोयबा के साथ साथ अन्य आतंकवादी संगठनों पर कार्रवाई की जाए, ऐसी माँग अमरिका लगातार कर रहा है। लेकिन पाकिस्तान आतंवाद विरोधी कार्रवाई करने में पूरी तरह से असफल रहा है, ऐसा आरोप फाल्कनर ने किया है।

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दो कंपनियों पर कार्रवाई करके अमरिका की पाकिस्तान सरकार को चेतावनी

पाकिस्तान पुरस्कृत आतंकवाद रोकने के लिए भारत और अमरीका के प्रयासवाशिंग्टन – परमाणु शस्त्र से संबंधित अवैध कामकाज करने का आरोप करके अमरिका ने पाकिस्तान के दो कंपनियों पर प्रतिबंध घोषित किए हैं। विदेश मंत्री माइक पौम्पिओ के पाकिस्तान दौरे से पहले अमरिका ने यह कार्रवाई की है। इस कार्रवाई के कुछ ही घंटे पहले पाकिस्तान के नए प्रधानमंत्री इम्रान खान ने अपनी सरकार अमरिका की एकतर्फी मांग मंजूर नहीं करेगी ऐसा घोषित किया था। उस पृष्ठभूमि पर अमरिका ने यह कार्रवाई करके पाकिस्तान की नई सरकार को कड़ी चेतावनी दी है।

‘टेक्नोलॉजी लिंक प्राइवेट लिमिटेड’ और ‘टेक केयर सर्विस एफजेड’ इन दो कंपनियों पर अमरिका ने प्रतिबंध घोषित किये है। उनमें से एक कंपनी पाकिस्तान से तो दूसरी कंपनी सऊदी अरेबिया, संयुक्त अरब अमीरात इन देशों में कार्यान्वित है। यह कंपनियां अमरिका से संवेदनशील सामग्री प्राप्त करने के लिए प्रयत्न कर रही थी। आखिर में यह सामग्री पाकिस्तान में पहुंचाया जानेवाली थी एवं परमाणु शस्त्र से संबंधित होने वाले साहित्य और असुरक्षित हाथों में पडने का खतरा निर्माण हुआ था। इस संदर्भ में दोनों कंपनियों ने दी जानकारी मे बदमाशी थी, ऐसा उनके जांच में स्पष्ट होने की जानकारी अमरिका ने घोषित की है।

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पाकिस्तान की नई सरकार आतंकवाद मुक्त दक्षिण आशिया के लिए कदम उठाएं – संयुक्त राष्ट्रसंघ में भारत के राजदूत का आवाहन

पाकिस्तान पुरस्कृत आतंकवाद रोकने के लिए भारत और अमरीका के प्रयाससंयुक्त राष्ट्रसंघ – पाकिस्तान की नई सरकार आतंकवाद एवं हिंसाचार मुक्त दक्षिण आशिया के लिए रचनात्मक प्रयत्न करें, ऐसी अपेक्षा भारत ने व्यक्त की है। संयुक्त राष्ट्रसंघ के सुरक्षा परिषद में बोलते हुए भारत के राजदूत सैयद अकबरुद्दीन ने यह अपेक्षा व्यक्त करते हुए कश्मीर का प्रश्न लगातार उत्पन्न करनेवाले पाकिस्तान के कान खींचे हैं। लगातार नजरंदाज हुआ कश्मीर का मुद्दा फिर एकबार उपस्थित करके पाकिस्तान ने अपनी नकारात्मक भूमिका दुनिया के सामने घोषित की है, ऐसा आरोप अकबरुद्दीन ने किया है।

संयुक्त राष्ट्रसंघ में ‘मीडिएशन एंड सेटलमेंट ऑफ डिस्प्यूट’ इस विषय पर चर्चा में पाकिस्तान के राजदूत मलीहा लोधी ने कश्मीर का मुद्दा उपस्थित किया। ७० वर्षों से प्रलंबित कश्मीर प्रश्न सुलझाने के लिए फिर से प्रयत्न शुरू हो, ऐसा लोधी ने कहा।

हर बार अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कश्मीर का मुद्दा उपस्थित करके भारत को संकट में डालने का एक भी अवसर पाकिस्तान नहीं छोड़ रहा। इस समय भी पाकिस्तान के राजदूत ने वैसा ही प्रयत्न करके देखा है, पर भारत के राजदूत अकबरुद्दीन ने उसे जोरदार प्रत्युत्तर दिया है।

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अमरिका के साथ ‘टू प्लस टू’ चर्चा की पृष्ठभूमि पर – ‘अझहर’ पर बंदी के लिए भारत की गतिविधियाँ शुरू

पाकिस्तान पुरस्कृत आतंकवाद रोकने के लिए भारत और अमरीका के प्रयासनई दिल्ली: सितंबर महीने के पहले हफ्ते में ही भारत और अमरिका के विदेश मंत्री तथा रक्षा मंत्रियों के बीच ‘टू प्लस टू’ चर्चा होने वाली है। इस चर्चा से पहले आतंकवादी संगठन ‘जैश-ए-मोहम्मद’ का प्रमुख ‘मौलाना मसूद अझहर’ पर अंतर्राष्ट्रीय बंदी लगाने के लिए भारत ने कोशिश शुरू की है। पठानकोट में स्थित भारतीय वायुसेना के अड्डे पर हमला करने वाले अझहर के खिलाफ भारत ने शुरू की इस मुहीम को अमरिका की तरफ से अनुकूल प्रतिसाद मिलने की संभावना जताई जा रही है।

पाकिस्तान में नई सरकार सत्ता पर आई है और इम्रान खान ने भारत के साथ साथ सभी पडौसी देशों के साथ उत्तम संबंध प्रस्थापित करने की घोषणा की है। साथ ही भारत कश्मीर के साथ साथ सभी समस्याओं पर चर्चा करे, ऐसा आग्रह इम्रान खान की सरकार कर रही है। लेकिन पाकिस्तान ने अब तक अपनाया हुआ आतंकवाद का रास्ता छोड़ने की घोषणा इम्रान खान ने अभी तक नहीं की है।

साथ ही अमरिका के विदेश मंत्री माईक पॉम्पिओ के साथ फोनपर हुई चर्चा में आतंकवाद का मुद्दा नहीं था, ऐसा कहकर पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने आतंकवाद के सन्दर्भ में होने वाले आरोपों से अपने देश को अलग करने की कोशिश शुरू है।

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