Home / Hindi / फेसबुक – भाग १

फेसबुक – भाग १

भाग २भाग ३

इन्फॉर्मेशन टेक्नॉलॉजी में नये-नये बदलाव हमेशा से ही होते आ रहें है और प्रत्येक दशक में ये बदलाव सामान्य मनुष्यों के करीब आते रहे हैं। सोशल मीडिया भी इसीतरह का एक बदलाव है जो विगत दशक में हमारे काफी करीब आया। सोशल मीडिया अर्थात कॉम्प्युटर जगत में संवाद का साधन। यह संवाद यानी बिल्कुल दैनंदिन जीवन में गृहस्थ जीवन व ऑफिस की गप-शप से लेकर विचारों के आदान-प्रदान तथा उन पर प्रतिक्रिया में भी।

सोशल मीडिया की इस दुनिया में आज सबसे प्रमुख अतिशय शक्तिशाली और सबसे अग्रगण्य है ‘फेस-बुक’। अमेरिका में फेसबुक की शुरुआत हार्वर्ड युनिव्हर्सिटी के विद्यार्थी मार्क झुकरबर्ग ने फरवरी २००४ में कि थी। शुरुआत में अत्यंत सीमित उपयोग में लाये जानेवाले ‘फेसबुक’ का महत्त्व तथा फायदे सभी को मान्य हो गये और वे सभी के लिये उपलब्ध हो गये। फेसबुक अत्यल्प समय में अत्यंत वेग से सर्वत्र फैल गये और कुछ ही दिनों में फेसबुक सभी के लिये खुल गये।

आज फेसबुक पर ९.२ अरब युजर्स हैं। विगत कुछ सालों में फेसबुक, गुगल के बाद सबसे ज्यादा प्रयोग की जानेवाली बेवसाईट के रूप में विश्‍व में दूसरे नंबर पर आ गयी है। फेसबुक का उपयोग करनेवालों में संख्या के आधार पर अमेरिका के बाद भारतीयों का दूसरा क्रमांक हैं। यद्यपि फेसबुक का जन्म अमेरिका में हुआ तथापि फेसबुक का उपयोग आज संपूर्ण विश्व में हो रहा हैं। सरल, शुद्ध, और युजर्स तथा उनकी जिज्ञासा को समझनेवाली फेसबुक की टेक्नोलॉजी तथा ऐसे ही अनेकों कारणों से हम फेसबुक के प्रयोग के प्रति उत्सुक होते हैं।

जैसे-जैसे समय गुजर रहा है, पहचानें कम हो जा रही हैं, नयी पहचानों की भीड़ में पुराने रिश्ते गायब हो जाते हैं, मित्र-मैत्रिणी पीछे छुट जाते हैं। कॉलेज छुटते ही वहाँ के मित्र छूट जाते हैं, और ऑफिस में नये दोस्त बन जाते हैं। ऑफिस में भी डिपार्टमेन्टस बदलते रहते हैं, कई बार हम नौकरी भी बदलते रहते हैं। इन बदलावों के कारण हमारे मित्र-सहकारी भी बदलते रहते हैं। यह चक्र ऐसे ही चलता रहता हैं। यह हमारे जीवन में होनेवाला सामान्य परन्तु अपरिहार्य बदलाव होता हैं।

समय की भाग-दौड़ में अपने नये-पुराने़ नये-पुराने सभी मित्रों से प्रतिदिन संपर्क रखना संभव नहीं होता हैं। परन्तु आज यह फेसबुक के कारण संभव हो गया हैं। मैंने सुना है कि एक कॉलेज का २० वर्ष पहलेकी पूरी की पूरी कक्षा फेसबुक के माध्यम से जुड़ गयी हैं। इन मित्र-मैत्रिणियों में हैं, ऑफिस में व्यस्त हो चुके नौकरीपेशा लोग तथा गृहस्थी में व्यस्त हो चुकी स्त्रियाँ। फेसबुक की बदौलत इतने वर्षों के बाद भी एक-दूसरे से मिल सके। उनका आनंद इस फेसबुक के कारण ही गगन को छू रहा था। उन्होंने अच्छी तरह गेट-टूगेदर मनाया और आज वे सब एक-दूसरे से निरंतर संपर्क में हैं।
अब हम देखेंगे कि इस फेसबुक का परिपूर्ण व प्रगल्भ उपयोग कैसे करना हैं।

फेसबुक प्रवेश

सबसे पहले हम देखेंगे की अकाऊंट कैसे ओपन किया जाता है। इसके लिये गुगलसर्च में Facebook टाईप करें। इस समय सबसे ऊपर आनेवाले welcome to Facebook लिंक पर क्लिक करे। www.facebook.com फेसबुक की अधिकृत यू.आर.एल. है।

www.aniruddhafriend-samirsinh.com/facebook-part-1/

इस यू.आर.एल. पर क्लिक करने के बाद (वेबसाईट का पता) ड़ालने पर हमें नीचे दर्शाया गया पेज दिखायी देता हैं।www.aniruddhafriend-samirsinh.com/facebook-part-1/

* सर्वप्रथम इस फॉर्म में अपना नाम, कुलनाम (surname), अपना ई-मेल आयडी लिखे।
* उसके बाद पासवर्ड लिखें।
* अपनी जन्म तारीख और शेष जानकारियाँ लिखकर क्रिएट ऍन अकाऊंट पर क्लिक करें।

फेसबुक - भाग १

इसके बाद स्क्रिन पर निम्मलिखित पर्याय दिखायी देते हैं।

चरण १ : फाईंड युअर फ्रेन्डस्

फेसबुक - भाग १

हमनें जिस ई-मेल आयडी से फेसबुक अकाऊंट शुरु किया है उस ई-मेल आयडी पर उपलब्ध फ्रेन्डस् को फेसबुक पर जोड़ने (ऍड करने) के लिये इस ऑप्शन (पर्याय) का उपयोग किया जा सकता है।
उसी तरह दूसरी आयडी पर उपलब्ध फ्रेन्डस् को भी ऍड किया जा सकता है।

चरण २ : फिल आऊट इन्फो

फेसबुक - भाग १

इसमें हम स्वत: की जानकारी दे सकते हैं। इसमें फेसबुक हमसे स्कूल, कॉलेज अथवा युनिव्हर्सिटी की जानकारी पूछता है। उसके बाद हम कहाँ पर काम करते हैं और अपने गाँव के बारे में जानकारी देनी होती हैं। यह जानकारी देने के बाद फेसबुक हमें समान जानकारीवाले लोगों की जानकारी प्रोफाईल फ्रेन्डस् के रूप में दर्शाता है |

चरण ३ : चूज इंटरेस्टफेसबुक - भाग १

इस ऑप्शन में जिस विषय में हमें इंटरेस्ट है उस विषय से संबंधित विषय हम चुन सकते हैं।

चरण ४ : ऍड प्रोफाईल पिक्चरफेसबुक - भाग १

इस में हम अपलोड ऑप्शन पर क्लिक करके अपने कॉम्प्युटर में से स्वंय अपना कोई सुंदरसा फोटो प्रोफाईल फोटो के रूप में रख सकते हैं।

प्रोफाईल पिक्चर अर्थात फेसबुक पर अपना चेहरा होता है। इस फोटो से हमारे मित्र हमें फौरन पहचान सकेंगे। अपनी पहचान होने के लिये अपना रिसेंट और डिसेंट फोटो प्रोफाईल के रूप में दें।

उपरोक्त सारी जानकारियाँ इसी समय देना आवश्यक नहीं होता। इसी लिये हम इन चरणों (स्टेप्स) को छोड़ भी सकते हैं।

अभिनंदन !!! आपका फेसबुक अकाऊंट अब शुरू हो चुका है।

फेसबुक - भाग १

आपने जिस ई-मेल आयडी से यह अकाऊंट बनाया है उसी ई-मेल आयडी पर हमें फेसबुक कन्फर्मेशन ई-मेल आता है। उस मेल में आया हुआ कन्फर्मेशन कोड यहाँ पर सबसे नीचे दिखायी देनेवाले एंटरकोड ऑप्शन में ड़ाले।फेसबुक - भाग १

यह कोड ड़ालने के बाद आपका फेसबुक अकाऊंट पूरी तरह कार्यरत हो जाता है और हम अपनी फेसबुक प्रवास की शुरूआत कर सकते हैं।

यह प्रवास आपको अपने मित्र परिवार को इकठ्ठा करने से ही करना पड़ता है। फेसबुक में इस मित्रपरिवार के लिये फ्रेन्डस् संकल्पना प्रयोग की जाती है। इस संकल्पना के अनुसार आपके मित्र, रिश्तेदार, सहकारी और अन्य सभी फ्रेन्डस् के रूप में जाने जाते हैं।

फेसबुक की प्रोफाईल हम कभी भी अपडेट कर सकते हैं। पूरी जानकारी देने के बाद जानकारियाँ बदलने के लिये एडीट ऑप्शन का प्रयोग करें।फेसबुक - भाग १

                                      (क्रमश:)

भाग २भाग ३

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*