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ब्लॉग कस्टमाईझ कैसे करते है ? – भाग -३

भाग -१ भाग २

यही पर्याय होम पेज पर भी उपलब्ध होते है | इन में से जो पर्याय हमारे ब्लॉग के लिए आवश्यक है, उन्हें समज लेना हमारे लिए जरूरी है |ब्लॉग कस्टमाईझ

१) ओव्हरव्हिव्यू : जिस में ब्लॉग का स्टेटस् समझ में आता है | मतलब आज के दिन में कितने लोगों ने ब्लॉग देखा? कितने कॉमेन्टस् आए? कितने फॉलोअर्स ब्लॉग के साथ है| यह सब जानकारी हमें हासिल होती है | सारांश में ब्लॉग के पेजेस देखनेवालों की संख्या भी हमें ग्राफ के (आलेख) स्वरूप में दिखती है |ब्लॉग कस्टमाईझ

२) पेजेस : ब्लॉग में विषयों का विभाजन करके हम अलग-अलग पेजेस बना सकते हैं | विभाजन करने से पढ़नेवालों को उसे समझ लेना आसान होता है | इसे टॅब्स भी कहा जाता है | ब्लॉग की शुरुआत में होम पेज ‘बाय डिफॉल्ट’ होता है | लेटेस्ट पोस्ट हम उस पेज पर डाल सकते हैं | ‘न्यू पेज’ इस बटन पर क्लिक करने के बाद नया पेज तैयार होता है | जिस में फिरसे टायटल, लेख लिखकर, भरकर पेज पब्लिश कर सकते है | अपनी इच्छानुसार पेजेस ड्रॅग करके पेजेस का क्रम हम बदल सकते हैं|ब्लॉग कस्टमाईझ

३) कमेन्टस् : हमारे ब्लॉग कमेन्टस् पर अगर किसी ने कमेन्टस् लिखे हैं तो वह हमें यहॉं पर दिखाई देते हैं | लेकिन दूसरा कोई भी इन कमेन्टस् को देख नहीं सकता| यानी कि ब्लॉग में कमेन्ट सीधे प्रसारित नहीं होता | आयी हुई कमेन्ट एडिट करके उसे पब्लिश करना है या नहीं, यह हम तय कर सकते हैं | अपने ब्लॉग के कमेन्ट स्विकारना एक जिम्मेदारी का काम है | साथ ही दूसरों के ब्लॉग कों कमेन्ट देना भी एक महत्त्वपूर्ण भाग है | ब्लॉग पोस्ट को कमेन्ट करने के लिए पोस्ट के आखिर में ‘कमेन्ट’ इस ऑप्शन पर क्लिक करे |ब्लॉग कस्टमाईझ

४) टेम्पलेट : आकर्षक ब्लॉग बनाने के लिए अलग-अलग टेम्पलेटस् ‘इमेजेस्’ उपलब्ध है | अपने विषय के अनुसार एक टेम्पलेटस् चुनिए |ब्लॉग कस्टमाईझ

टेम्पलेट चुनने के बाद नीचे दिखाए गए जैसी विन्डो हमें दिखती है | जिसमें……………

ब्लॉग कस्टमाईझ

१) अप्लाय टू ब्लॉग यह पर्याय चुनने के बाद हमारा ब्लॉग उस टेम्पलेट में दिखाई पडता है |

२) इस के बाजू में ‘कस्टमाइज’ यह पर्याय है | ब्लॉग के डिझाईन की दृष्टी से यह पर्याय बहूत ही महत्त्वपूर्ण है | क्योंकि ब्लॉग ओपन करने के बाद डिसेन्ट लगा तो पढनेवाले खुशीसे अगला ब्लॉग देखेंगे |

कस्टमाइज पर क्लिक करने के बाद ऐसी विन्डो ओपन होगी | जिस में ब्लॉग डिझाईन करने के बारे में बहूत पर्याय दिए गए है | जैसे कि हम ब्लॉग की बॅकग्राऊंड बदल सकते हैं, ब्लॉग की विड्थ ऍडजेस्ट कर सकते हैं, ब्लॉग के हर फिचर के हम फॉन्ट कलर, फॉन्ट साईज, फॉन्ट टाईप हमें जो चाहिए वो हम चुन सकते हैं |ब्लॉग कस्टमाईझ

मतलब ब्लॉग टायटल, ब्लॉग टेक्स्ट, पोस्ट टायटल इत्यादि अपनी पसंद से दिखा सकते है | हर एक पर्याय चुनने के बाद हम प्रिव्ह्यू भी देख सकते है | ‘अप्लाय टू ब्लॉग’ पर क्लिक करने पर वह सेव्ह हो जाएगा |

५) सेटिंग : बेसीक सेटिंग का जो पर्याय है उस में हम ब्लॉग का टायटल, डिस्क्रिप्शन इतना ही नहीं, ब्लॉग की यु.आर.एल. भी सहजतासे एडिट कर सकते है |ब्लॉग कस्टमाईझ

‘पोस्ट ऍण्ड कमेन्ट’ सेटिंग में हम कम से कम कितने पोस्ट होम पेज पर दिखा सकते है, या कमेन्ट कौन कर सकता है, वह कोई मॉडरेट कर सकता है, इसकी सेटिंग हम यहा कर सकते है |Posts and Comments

‘अदर सेटिंग’ में ‘एक्सपोर्ट ब्लॉग’ पर क्लिक करके ब्लॉग पर बॅकअप ले सकते है | हमारे ब्लॉग की सुरक्षा की पूर्ती के लिए बॅकअप लेना जरूरी है | ब्लॉग एक्सपोर्ट करने के बाद पूरा ब्लॉग अपने कॉम्प्युटर पर डाऊन लोड होकर सेव्ह होता है |Other Settings

इसी प्रकार से हमारा ब्लॉग पूरी तरह से तैयार होने के बाद, तैयार हुआ ब्लॉग कुछ इस प्रकार से दिखेगा |ब्लॉग कस्टमाईझ

ब्लॉग से अगर बाहर आना हो तो, साईन आऊट पर क्लिक करे अपने ब्लॉगर के ई-मेल सेटिंग भी हम यहाँ से बदल सकते है |
ब्लॉग का गहरा अभ्यास करने के लिए नीचे दिए हुए ब्लॉग हम देख सकते है |

१) www.youtube-global.blogspot.in/
२) www.blogsofnote.blogspot.in/
३) www.googledrive.blogspot.in/

ब्लॉग बनाते समय आपके समझ में आया होगा कि, खुद का ब्लॉग बनाना कुछ कठिन काम न होकर ध्यान देकर करने पर आसान है | गुगल ब्लॉगरने उनके फीचर्स में हमें बहुत ही फ्रीडम दिया है | किसी भी विशेष कुशलता का उपयोग किए बिना भी हम ब्लॉग बना सकते है | उत्तम व्यवसाय करने के लिए ब्लॉग प्रभावी माध्यम है | अब तक हमने ब्लॉग बनाने के लिए लगनेवाली बेसिक चीजों को देखा | इन्हीं चीजों का इस्तेमाल करके हम सभी ब्लॉग बनाने में ‘मास्टर’ बन सकते हैं |

॥ हरि ॐ ॥ ॥ श्रीराम ॥ ॥ अंबज्ञ ॥

भाग -१ भाग २

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