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ई-मेल – भाग ४

ई-मेल फोल्डर का प्रभावी उपयोग :
मान ले हम एक ही साथ ४ प्रोजेक्टस्पर काम कर रहे हैं व इन चारों प्रोजेक्ट से संबंधित ई-मेल हमारे इनबॉक्स में आती हैं। समय के साथ-साथ मेल्स् की संख्या भी बढ़ती हैं व पुराने मेल्स् ढूंढ़ना कठीन होता जाता है, तब मेल्स् का प्रकारानुसार विभाजन आवश्यक हो जाता है व यही फोल्डर व्यवस्था काम आती हैं। प्रोजेक्ट अनुसार फोल्डर बनाकर वहीं मेल्स् को स्थलांतरित करनेसे ईमेल्स का अच्छा व्यवस्थापन संभव है।

फोल्डर कैसे बनाए ?
अ) होम-पेज पर बाँयी ओर निम्नानुसार भाग दिखेगा। उसमे दिखयी गई more लिंक पर क्लिक करें।

ई-मेल
ब) अब more के स्थान पर less दिखेगा व उसके नीचे कुछ लिंक्स् नज़र आएंगी। सबसे नीचे क्रिएट न्यू लेबल पर क्लिक करें ।

  • न्यू लेबल अर्थात न्यू फोल्डर । please enter a new label name के बॉक्स में नया नाम लिखें वहीं इस फोल्डर का नाम होगा ।

ई-मेल

  • अब चित्र में दिखाए अनुसार क्रिएट बटन पर क्लिक करें।

क) अब नया फोल्डर बन जाएगा । फोल्डर नया है इस लिए अभी खाली होगा।

  • इस फोल्डर में ई-मेल कैसे स्थानांतरित करना हैं वह अब हम देखेगें। होम-पेज पर इनबॉक्स पर क्लिक करें।Email - 4 - (ई-मेल – भाग ४)
  • जो ई-मेल अन्य फोल्डर में सेव्ह करना है, उससे संबंधित विकल्पों पर क्लिक करें।
  • अब  Email - 4 - (ई-मेल – भाग ४)  पर क्लिक करें व नीचे दिखाए नामों में से टेस्ट पर क्लिक करे। आपका ई-मेल इस फोल्डर में स्थानांतरित हो जाएगा।

ई-मेल (ई-मेल – भाग ४)

ई-मेल – डाटा सेव्ह करने का माध्यम :
जी हाँ, ई-मेल डाटा संग्रहण (सेव्ह करना) का माध्यम बन सकता हैं। हमने देखा ई-मेल कम्पोज करते समय हम महत्त्वपूर्ण फाईल्स भी अटॅच करके भेज सकते हैं। तो अपने संगणक की महत्त्वपूर्ण फाईल्स का बॅक-अप ई-मेल अटॅचमेन्ट रूप में क्यों न ले? यह अत्यन्त सुंदर संकल्पना हैं व बहुत से युजर्स इसका उपयोग करते हैं।

  • एक नया ई-मेल कम्पोज करते समय अपने कॉम्प्युटर की महत्त्वपूर्ण फाईल्स अटॅचमेन्ट के स्वरूप में ई-मेल द्वारा भेजे।
  • यह ई-मेल स्वयं को ही भेजे।
  • अब फोल्डर संकल्पना का उपयोग कर बॅक-अप फोल्डर बनाए व ई-मेल इनबॉक्स से निकालकर यहाँ स्थानांतरित करें।
  • संगणक के खराब हो जाने की स्थिती में यह बॅक-अप डाटा बहुत उपयोगी सिद्ध होगा।

दो या अधिक ई-मेल अकाऊन्ट :

दो या अधिक ई-मेल क्यों खोलना? एक से मेरा काम तो होता है तो नए अकाऊन्ट का अतिरिक्त भार क्यों उठाना? कभी-कभी व्यक्तिगत कामों तथा व्यवसायिक कामों के लिए अलग-अलग अकाऊन्ट का होना लाभप्रद होता है।

  • एक ही कंपनी के सारे ई-मेल अकाऊन्ट हो यह आवश्यक नहीं हैं।
  • एक जी-मेल तो दूसरा याहू व तिसरा हॉटमेल हो सकता हैं।
  • सोशल नेटवर्किंग साईट अकाऊन्ट हेतु ई-मेल एड्रेस होना आवश्यक हैं इस हेतु हम एक ई-मेल एड्रेस का उपयोग कर सकते हैं । जैसे ट्विटर, फेसबुक आदी।
  • यही ई-मेल हम मित्रों व रिश्तेदारों को दे सकते हैं। यह एक तरह का सोशल नेटवर्किंग ही हैं।
  • ऑफिस या व्यवसायिक कार्यों हेतु एक अलग अकाऊन्ट का उपयोग करना चाहिए
  • इन्टरनेट बॅकिंग, स्टॉक मार्केट, ई-कॉमर्स साईट पर अकाऊन्ट बनाना हो तो ई-मेल एड्रेस आवश्यक हैं। इससे हमारे आर्थिक व्यवहार संबंधित ई-मेल हमें इस अकाऊन्ट में भेजें जाते हैं। तो आर्थिक कार्यभार हेतु हम तीसरा ई-मेल एड्रेस का उपयोग कर सकते हैं।

ऑफलाईन ई-मेल :
ई-मेल क्लाईन्ट नाम के कुछ प्रोग्राम ऑफलाईन अर्थात इन्टरनेट चालू न होने पर ई-मेल का उपयोग कर सकते हैं। ई-मेल क्लाईन्ट में अपना यूजरनेम व पासवर्ड लिखें। जब इन्टरनेट चालू होता है तब कॉम्प्युटर आपके अकाऊन्ट के मेल डाऊनलोड करता है। इन्टरनेट की अनुपस्थिती में भी हम उन डाऊनलोडेड मेल्स को देख सकते हैं। यह व्यवस्था हमें एक ही बार हमारे अनेक अकाऊन्ट से भी जोड़ सकती हैं। मोझीला थंडरबर्ड, ऑपेरा मेल, मायक्रोसॉफ्ट आऊटलुक ये ई-मेल क्लाइन्ट के कुछ उदाहरण हैं।

पासवर्ड रिकव्हरी ऑप्शन्स :
यदि हम अपना ई-मेल पासवर्ड ही भूल जाए तो? ऐसा हो सकता हैं। इससे बाहर निकलने का भी बहुत आसान मार्ग हैं । पासवर्ड रिकव्हरी में दिए मोबाईल नंबर का उपयोग किया जाता हैं।

पासवर्ड भूलने की स्थिती में इसी मोबाईल नंबर पर गुगल नया पासवर्ड का एस.एम.एस. भेजता है? Login बटन के पास नीड हेल्प? इस लिंक पर क्लिक करते ही, मोबाईल नंबर पर एस.एम.एस. भेजने संबंधी जानकारी पूछी जाती हैं।

हमारे घर का पता जैसे महत्त्वपूर्ण होता है, वैसे ही ई-मेल एड्रेस भी उतना ही महत्त्वपूर्ण होता हैं, यह हम सभी ध्यान रखें। निजी कंपनियों में सेवा करनेवाले अधिकारियों से सरकारी कर्मचारीयों तक व प्रशासकीय कार्यों तक सभी कार्यों हेतु ई-मेल पंजीकरण अपरिहार्य होता जा रहा हैं।

ई-गर्व्हनन्स की जहाँ माँग हो वहाँ ई-मेल आयडी होना व हर एक को इसका उपयोग करने आना आवश्यक हो गया है। अभी संसार से जुडने व समय के साथ चलने हेतु ई-मेल के लिए दूसरा पर्याय नहीं है।

यह लेख पढ कर आप को निश्चित ही ई-मेल का उपयोग आसान लग रहा होगा। आवश्यकता है तो थोडे अभ्यास व सराव की। ई-मेल आपके जीवनका महत्त्वपूर्ण हिस्सा बन सकता है। चलिए तो किजिए शुरूआत…… ई-मेल आपके बहोत से कामों को सुगम बना देगा।

क्रमश:…

भाग १भाग २भाग ३ भाग ५

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