World War III

Aggresive-Japan-02-11

आज इन नीतियों को अपयश मिला है ऐसा कहा जाता है। इसीलिए २०१२ के चुनाव में जोरदार यश प्राप्त करनेवाले ऍबे की लोकप्रियता पतन की ओर जा रही है। परन्तु ऍबे ने स्वयं ही मध्यावधी चुनाव करवाने का निर्णय लिया है। इससे उनका अपने यश के प्रति आत्मविश्वास बढ़ता हुआ दिखाई देता हैं। इस चुनाव में ऍबे को पहले के समान यश प्राप्त होगा या नहीं, यह कहा नहीं जा

The Great Game of China

North Korea’s Supreme Leader, Kim Jong-Un on Saturday claimed to have successfully tested an engine designed for an inter-continental ballistic missile (ICBM). “Now North Korea can tip new type inter-continental ballistic rockets with more powerful nuclear warheads and keep any cesspool of evils in the earth including the US mainland within our striking range,” exclaimed Kim, who monitored the test. China has been alleged by the international community of aiding

आक्रमक जापान - भाग १

जापान के हिरोशिमा एवं नागासाकी पर अमेरिका द्वारा अणुबॉम्ब डालने के पश्चात्‌ जापानने शरणागति स्वीकार की और द्वितीय महायुद्ध का अंत हुआ। परन्तु जापान पर होनेवाले अणुबॉम्ब के हमले को मात्र कोई भी भूला न सका। अमेरिका एवं सोवियत रशिया ये द्वितीय महायुद्ध के (जेता) परस्पर देशों के बीच शीतयुद्ध भड़क उठा। दोनों ही महासत्ताओं के तड़ाखे में दुनिया को कितनी ही बार खाक कर सकनेवाले अणुबॉम्ब एवं इसके पश्चात्‌

ON THE GROUNDS OF PATHANKOT ATTACK…

The year 2016, witnessed an unpleasant start with the terror attack on strategically important Pathankot Air-Force base. Pathankot is a very important, forward airbase of Western Air Command sprawling with a 25 kms periphery. On January 2, 2016 a group of six heavily armed terrorists infiltrated the air-force station. The attack saw a fierce gun-battle between Indian security forces and terrorists stretching for four days for almost 80 hours code-named

डस्ट बोल – भाग ​ ४

    उपनिवेशियों (साम्राज्यवादिओं) ने अफ्रीका के साथ-साथ दुनिया भर में अन्य स्थानों पर भी अपना उपनिवेश स्थापित किया था। इसी उपनिवेशवाद के कारण ही हमें अफ्रीका खंड की पहचान जंगली टोलियों के रुप में, गुलामों का प्रदेश इस रुप में हुई। सच पुछा जाय तो इन उपनिवेशियों के आगमन से पूर्व अफ्रीका में कुछ समृद्ध साम्राज्य थे। परन्तु खनिज संपत्ति समृद्ध प्रदेश के रुप में अब कही जाकर अफ्रीका की

Digital Divide

It was the year 2012. I was attending one of the seminars being delivered by Dr. Aniruddha Joshi (beloved called Aniruddha Bapu by his friends and followers). There were many IT engineers and technologists from amongst Dr. Joshi’s friends who were attending this seminar along with me. This was when Dr. Joshi asked us if we were aware of ‘Digital Divide’ and the answer which we all had was “No”…

डस्ट बोल – भाग ​ ३

  इक्कीसवी सदी में जहाँ पर अनेक देशों की समृद्धता आँखों को चका चौंध कर देती है, प्रगति की होड़ लगी हुई है वहीं दूसरी ओर ऐसे गरीब राष्ट्र भी हैं जहाँ के लोगों की स्थिति एवं विपन्नावस्था देख दिल पर काफ़ी आघात पहुँचता है। प्रगत राष्ट्रों में जहाँ पर हर एक विद्यार्थी के हाथ में टॅब आ पहुँचा हैं, वहीं गरीब राष्ट्रों में बहुतांश बच्चों के लिए शिक्षा हासिल

Fault lines in the European Union

A recent happening worth noting is the local elections that happened in France in which supporters of France’s far-right Front National led by Marine Le Pen narrowly lost. But despite the setback, the bigger story is the rising support for the French far-right which has been staunchly against the EU holding its policies responsible for decline in agriculture, fishing, deindustrialization, etc. Interestingly Le Pen has compared Brexit to the fall

Fault lines in the European Union

First of the three ‘continental unions’ formed in the year 1993 was the ‘European Union’ or the EU. As of today it is a grouping of 28 European nations. By and large this politico-economic union has so far succeeded in establishing a single market, single visa regime, common laws and policies and most importantly a single currency with a few exceptions. “Exceptions”? EU today owns the largest net wealth in

विश्व को थर्रानेवाली ‘ आयएस ’ - भाग 3

यह जस्मिन रिवोल्यूशन या अरब स्प्रिंग देखते ही देखते ट्युनिशिया से इजिप्त, लिबीया, सिरिया इन देशों में तूफान की तरह फैल गया। हालांकि यह बहुत ही भिन्न विषय है, मगर ट्युनिशिया, इजिप्त और लिबिया इन देशों में कई दशकों से जनता को पैरोंतले रौंदनेवाले हुकूमशाहों की सल्तनत इस आंदोलन की वजह से और उसके बाद खूनी संघर्ष की वजह से पलट गई। सीरिया में अस्साद सल्तनत के विरोध में जारी